सिर का घूमना या चक्‍कर आना नहीं है कोई मामूली बात : वरिष्ठ न्यूरो सर्जन, PMCH डॉ. रीशिकांत सिंह

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बिहार दूत न्यूज, पटना।

सिर चकराने की समस्या, चक्कर आने आजकल बहुत समान्य होती जा रही है साथ चल कर बीमारी बड़ी होती चली जाती है, इस विषय पर देश के प्रसिद्ध न्यूरोसर्जन डॉ रीशिकांत सिंह ने बताया कि, चक्कर आने की समस्या सिर का तेजी से घूमना या चक्‍कर आना नहीं है कोई मामूली बात, चक्कर आना एक बीमारी नहीं होती बीमारी का लण होता है, चक्कर को वर्टिगो कहा जाता है, ये दो प्रकार के होते है, पेरीफेरल वर्टिगो और सेन्ट्रल वर्टिगो , पेरीफेरल वर्टिगो हमारे कान से रिलेटेड कान के अंदर इंफेक्शन होता है, वही सेन्ट्रल वर्टिगो ब्रेन रिलेटेड होता है.


चक्कर आना सिर में तेज दर्द होना या सिर चकराना। साधारण बोलचाल में कुछ लोग इसे सिर घूमना भी कहते हैं। चक्कर आने के पीछे आपकी कुछ हेल्थ प्रॉब्लम्स और खान-पान भी जिम्मेदार होते हैं। इस स्थिति में कुछ ऐसी चीजें व्यक्ति के साथ घटित होती हैं जिसे वो आसानी से बयां नहीं कर पाता। जैसे शिथिलता, संतुलन खोना, असमानता, जब वह स्थाई हो तो चीजों को ठीक से नहीं देख पाना और तमाम दफा तो चलने व खड़े होने में भी परेशानी होती है।
कभी-कभी किसी व्यक्ति को इतना ज्यादा सिर दर्द होने लगता है कि उसका सेल्फ ट्रीटमेंट कोई काम नहीं आता और ऐसी स्थिति में आपको समझ लेना चाहिए कि ये दर्द किसी बीमारी का संकेत दे रहा है। ये छोटी-सी समस्या स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारी भी हो सकती है। जानते हैं चक्कर आने के कारण, लक्षण और इसकी रोकथाम के उपाय।
​1. चक्कर आने के कारण
निम्न रक्तचाप, लंबे समय तक तनाव और चिंता
विटामिन बी की कमी होना, शरीर में विटामिन डी की कमी होना
शरीर में आयरन की कमी होना
शारीरिक कमजोरी होना
हड्डियों का कमजोर होना
शरीर में इम्युनिटी का कमजोर होना
लंबे वक्त तक बिना आराम किए खड़े रहना, तली हुई चीजों का सेवन करना
एनीमिया से पीड़ित लोगों को भी चक्कर आते हैं।
माइग्रेन की समस्या होना भी चक्कर आने का संकेत है।
वर्टिगो की स्थिति में भी व्यक्ति का सिर चकराता है और उसे अपने आसपास का वातावरण घूमता नजर दिखाई देता है। इंटरनल इयर प्रॉब्लम चक्कर आने की समस्या है।
​2. सिर चकराने के लक्षण

आमतौर पर लोग इस समस्या के संकेतों का अनुभव नहीं कर सकते हैं। फिर भी यहां चक्कर आने के कुछ बड़े लक्षण बताए जाते हैं, जो इस प्रकार हैं।

दिल की धड़कन का अनियमित हो जाना
संतुलन खो बैठना
भ्रम की स्थिति
सिरदर्द
दुर्बलता
जी मिचलाना
किसी भी स्थिर वस्तु का घूमते हुए दिखाई देना
​3. सिर दर्द का निदान

अगर आपको अधिक देर तक चक्कर आ रहे हैं और हर रोज आप हैडेक का शिकार होते हैं तो इसे हल्के में न लें और तुरंत डॉक्टर से इस बारे में कंसल्ट करें। डॉक्टर आपके संतुलन, न्यूरोलॉजिकल स्टेटस, सुनने की समस्या और आंखों का मूवमेंट, ब्लड प्रेशर की जांच कर चक्कर आने की समस्या का पता लगा सकते हैं। इसके अलावा वे इलेक्ट्रोकार्डियोग्राफी, इकोकार्डियोग्राफी, मस्तिष्क इमेजिंग, सीटी / एमआरआई ( CT/MRI) मस्तिष्क के डॉपलर, सुनने से संबंधित ऑडीओमेट्री और इलेक्ट्रोलाइट्स की जांच भी कर सकते हैं।

​4. कैसे करें सिर दर्द पर नियंत्रण

चक्कर आने के कई कारण हो सकते हैं। इसके नियंत्रण के लिए आपको अपनी लाइफ स्टाइल में थोड़ा बदलाव लाना होगा। इसका मुख्य कारण ज्यादा सोचना और लंबे समय तक तनाव में रहना है। यदि आप इसे रोकना चाहते हैं तो स्ट्रेस लेने की बजाए थोड़ा चिल रहना सीखें। सकारात्मक चीजों को देखें और प्रकृति को निहारें, इससे आपकी आंखों को राहत मिलेगी।

​5. सिगरेट न पिएं

कभी-कभी सिगरेट के धुएं की वजह से भी सिर चकराता है लिहाजा इससे आप अपने फेफड़ों को तो हानि पहुंचा ही रहे हैं साथ ही ये सिर दर्द का कारण भी बन सकता है। बेहतर है आप स्मोकिंग बंद करें। स्मोकिंग के अलावा ड्रिंकिंग, कैफीन या अधिक नमक का सेवन करने से भी शरीर में ब्लड फ्लो की प्रक्रिया प्रभावित होती है जो कि सिर चकराने का एक कारण हो सकती है।

-शरीर में पानी की मात्रा भी चक्कर आने का कारण बनती है, इसलिए उचित मात्रा में पानी पिएं जिससे शरीर हाइड्रेट बना रहता है।

-माईग्रेन की समस्या, कान का संक्रमण या अन्य तरह की स्थितियां हैं तो बिना देर किए डॉक्टर से इलाज कराएं।

-अधिक देर तक न तेज धूप में बैठें और न ही तेज लाइट की रोशनी में रहें।

-सिर दर्द को दूर करने के लिए हड्डी और मांसपेशियों को मजबूत बनाने वाला व्यायाम भी मददगार साबित होता है।

अपने आहार में पोषक तत्वों को शामिल करें। कई बार उचित मात्रा में पोषक तत्वों के न होने से भी सिर दर्द होता है। इम्यनिटी बूस्ट करने वाले पेय और खाद्य पदार्थों का सेवन करें।

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