तंबाकू सेवन से बचें आज के युवा : डॉ. निखिल रंजन चौधरी..

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बिहार दूत न्यूज, पटना।

पूरी दुनिया में हर साल 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है। इस दिन का मकसद तंबाकू के उपयोग से जुड़े खतरे को उजागर करना है। इसी विषय पर देश के प्रसिद्ध वरिष्ठ चिकित्सक डॉ निखिल रंजन चौधरी , आइजीएमएस, पटना का कहना है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) तंबाकू के सेवन से स्वास्थ्य जोखिमों के प्रति लोगों को जागरुक करने के लिए हर साल विश्व तंबाकू निषेध दिवस को बढ़ावा देता है और सरकारों को ऐसी नीतियों को लागू करने के लिए प्रोत्साहित करता है जो धूम्रपान और अन्य तंबाकू उत्पादों के उपयोग को कम करने में मदद करती हैं।

WHO के मुताबिक, तंबाकू के सेवन से दुनियाभर में हर साल 80 लाख से ज्यादा लोग मरते हैं। किसी भी तरह के तंबाकू का सेवन करने से फेफड़ों की क्षमता कम हो जाती है और सांस की बीमारियों की गंभीरता बढ़ जाती है. तंबाकू का सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
विश्व तंबाकू निषेध दिवस
हर साल विश्व तंबाकू निषेध दिवस अलग थीम के साथ मनाया जाता है। इस साल विश्व तंबाकू निषेध दिवस की थीम “पर्यावरण की रक्षा करें” है। इस साल की थीम पर्यावरण पर तंबाकू के प्रभाव पर केंद्रित है।

विश्व तंबाकू निषेध दिवस का इतिहास क्या है?
1987 में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एक प्रस्ताव पारित किया था, जिसमें 7 अप्रैल, 1988 को विश्व धूम्रपान निषेध दिवस के रूप में घोषित किया गया। इस प्रस्ताव को इसलिए पारित किया गया ताकि लोगों को कम से कम 24 घंटे तक तंबाकू का सेवन न करने के लिए प्रेरित किया जा सके. बाद में 1988 में, संगठन ने एक और प्रस्ताव पारित किया कि विश्व तंबाकू निषेध दिवस हर साल 31 मई को मनाया जाएगा।

डॉ निखिल रंजन चौधरी कहते है की तंबाकू के सेवन से हो सकती हैं कई तंबाकू सेवन से कैंसर, स्ट्रोक, और डायबिटीज जैसी बीमारियां हो सकती हैं। विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर लोगों को तंबाकू के बुरे प्रभावों के बारे में शिक्षित करने के लिए सरकार द्वारा कई अभियान, कार्यक्रम और गतिविधियां आयोजित की जाती हैं. इससे लोगों जागरूक बढ़ रही , फिर मैं खासकर आज कल युवाओं को कहना चाहूंगा कि यदि आप धूम्रपान छोड़ देते हैं तो आपको तत्काल और दीर्घकालिक स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं और आप कई बीमारियां बच जायेंगा और सुखद जीवन यापन कर पायेंगे।

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