मोदी सरकार का डेढ़ साल में 10 लाख युवाओं को नौकरी देने का वादा पूर्व की तरह ही साबित होगा जुमलाबाजी: एजाज़ अहमद

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पटना, बिहार दूत न्यूज।

बिहार प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ता ने एजाज अहमद ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने डेढ़ साल के बचे हुए शासनकाल के लिए दस लाख युवाओं को नौकरी दिए जाने का जो वादा किया है यह पूरी तरह से जुमलाबाजी पर आधारित ही वादा रहेगा, क्योंकि देश के नौजवान यह बात नहीं भूले हैं कि हर साल दो करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का वादा करने वाली सरकार हर सेक्टर में होने वाली बहाली को रोक रखा है ।
इन्होंने ने कहा कि अब जब 2024 चुनाव समीप दिख रहा है, तो फिर से सुनहरे सपने और वादे का पिटारा लेकर 10 लाख युवाओ के रोजगार की बातें की जाने लगी। जबकि सभी लोगों को पता है कि जिन क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाएं हैं उन क्षेत्रों में बहाली ही नहीं की जा रही है रेलवे का मामला हो या सेना में भर्ती का मामला।
सेना में भर्ती का नया नियमावली लाकर अग्निपथ योजना के तहत 4 सालों के लिए बहाली की प्रक्रिया प्रक्रिया सेना में शुरू की गई है जो कहीं से भी उचित नहीं है । 4 साल नौकरी करने के बाद छात्रों का और बच्चों का भविष्य क्या होगा ,इस संबंध में केंद्र सरकार की कोई विस्तृत योजना का विवरण नहीं दिया है और ना ही यह बताया है कि उन बच्चों को जो सेना में नौकरी कर चुके हैं उन्हें किस तरह से उनके भविष्य के प्रति सरकार की चिंता क्या होगी। 4 साल की नौकरी के बाद इन्हें पेंशन या अन्य सुविधाएं भी केंद्र सरकार की ओर से नहीं दी जाएगी ,जबकि मेहनतकश युवा देश-प्रदेश और परिवार के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाने को आतुर हैं, सेना में भर्ती होकर राष्ट्रसेवा करना चाहते है , सरकार की नई भर्ती नियमावली से नौजवानों में उत्साह नहीं है,लेकिन इन युवाओं की उम्मीदों, सपनों एवं जरूरतों के बीच कौन दीवार बनकर खड़ा है? आखिर सरकार ने वर्षों से सेना एवं अन्य विभागों में नियुक्तियों को क्यों रोक रखा है? यह वही सरकार है जिसने नौकरियों का सपना दिखा पूरी पीढ़ी को छला। यही वह सरकार है जिसने विगत चुनाव में बिहार के युवाओं को 19 लाख नौकरियाँ देने का वादा किया था?

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