Download App

DDC ने स्कूली बच्चों को दवा खिलाकर किया अभियान का उद्घाटन

अररिया, बिहार दूत न्यूज।

फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जिले में सर्वजन दवा सेवन(एमडीए) कार्यक्रम सोमवार से शुरू हुआ। इसके तहत पंचायत व स्कूल स्तर पर दवा सेवन कार्यक्रम का संचालन किया गया। पंचायतों में जहां क्षेत्र के जन प्रतिनिधियों की अगुआई में अभियान संचालित किये गये। वहीं स्कूल स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में वरीय प्रशासनिक अधिकारी व स्कूली शिक्षकों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया।
इसी क्रम में शहर के राजकीयकृत कन्या मध्य विद्यालय में इसे लेकर आयोजित एक कार्यक्रम में डीडीसी मनोज कुमार, सिविल सर्जन डॉ एमपी गुप्ता, डीवीबीडीसीओ डॉ अजय कुमार सिंह, एससीएमओ डॉ राजेश कुमार सहित अन्य ने सामूहिक रूप से स्कूली बच्चों को दवा खिलाकर अभियान का विधिवत उद्घाटन किया। इस क्रम में व्यापक पैमाने पर अभियान के प्रचार-प्रसार को लेकर संचालित जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर क्षेत्र भ्रमण के लिये रवाना किया गया। डीडीसी मनोज कुमार ने कहा कि दो साल से कम उम्र के बच्चे, गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति व गर्भवती महिलाओं को छोड़ कर उम्र के हिसाब से निर्धारित मात्रा में सबों को फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन कराया जाना है। इधर शहरी क्षेत्र में कार्यक्रम के सफल संचालन को लेकर नगर परिषद कार्यालय अररिया में मुख्य पार्षद रीतेश कुमार राय की अध्यक्षता में विशेष बैठक आयोजित की गयी। इसमें नगर क्षेत्र में अभियान के सफल संचालन व शत प्रतिशत लोगों को दवा का सेवन कराने को लेकर विशेष रणनीति पर विचार किया गया।

अभियान की सफलता में जन प्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण : डीवीबीडीसीओ

कार्यक्रम में रोग संबंधी विस्तृत जानकारी देते हुए जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ अजय कुमार सिंह ने कहा कि जिले में चौथी बार सर्वजन दवा सेवन अभियान का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा फाइलेरिया के कारण हाथीपांव हो जाने के बाद इसका कोई इलाज नहीं है। संक्रमण से बचने के लिये दवा का सेवन कराया जाता है। हाथीपांव में अपने सूजे हुए अंगों का विशेष देखभाल की जरूरत होती है। विभागीय स्तर से ऐसे मरीजों को जरूरी प्रशिक्षण के साथ-साथ आवश्यक किट उपलब्ध कराया गया है। हाईड्रोसिल के मरीजों के लिये नि:शुल्क ऑपरेशन का इंतजाम है। उन्होंने बताया कि दवा के सेवन से अमूमन कोई रिएक्शन नहीं होता। किसी-किसी को बुखार व उल्टी की शिकायत हो सकती है। इससे घबराने की कोई बात नहीं। संभावित शिकायतों को ध्यान में रखते हुए जिला व प्रखंड स्तर पर रैपिड रिएक्शन टीम का गठित किये गये हैं। पूर्व संचालित अभियान से जुड़े अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाके के लोग तो समझाने पर दवा का सेवन कर लेते हैं। लेकिन शहरी क्षेत्र में लोग दवा के सेवन से परहेज करते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए शहरी क्षेत्र में अभियान को सफल बनाने में उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपेक्षित सहयोग की अपील की।

सामूहिक प्रयास से रोग को नियंत्रित करना आसान : मुख्य पार्षद

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य पार्षद रीतेश कुमार राय ने कहा कि फाइलेरिया एक कष्टकारी असाध्य रोग है। कोई भी व्यक्ति किसी भी उम्र में रोग का शिकार हो सकता है। रोग नियंत्रित करने के लिहाज से हमें अपने घर के आसपास की सफाई इंतजामों के प्रति सजग होना होगा। अमूमन फाइलेरिया के मरीजों को समाज में उपेक्षित नजरों से देखा जाता है। सामूहिक प्रयास से रोग को नियंत्रित करना आसान है। इसलिये सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम की सफलता हम सब की जिम्मेदारी है। मुख्य पार्षद ने कहा कि शहरी क्षेत्र में आंगनबाड़ी सेविकाओं के माध्यम से घर-घर जाकर लोगों को दवा का सेवन कराया जाना है। इस कार्य में स्थानीय पार्षद उनका समुचित मदद करेंगे। ताकि अधिक से अधिक लोगों को अभियान के तहत दवा का सेवन कराया जा सके। कार्यक्रम के दौरान मुख्य पार्षद सहित अन्य सभी पार्षदों ने सामूहिक रूप से दवा का सेवन करते हुए अभियान के सफल संचालन में हर संभव मदद का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में उपमुख्य पार्षद अकबरी खातून, वार्ड पार्षद श्याम मंडल, लवली नवाब, नूर आलम, सुमित कुमार, पार्षद प्रतिनिधि मासूम रेजा, संजय अकेला, अविनाश आनंद, मो मोजाहिद, इबरार सिद्दिकी, नारायण पासवान, अनुज वर्मा, टिब्लू दास, हैदर अली सहित अन्य मौजूद थे।

Leave a Comment

[democracy id="1"]
Translate »