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हाजीपुर: मोतियाबिंद से प्रभावित लोग सदर अस्पताल में कराएं ऑपरेशन : डीएम

हाजीपुर(वैशाली)जिलाधिकारी यशपाल मीणा की अध्यक्षता में वैशाली समाहरणालय सभागार में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक संपन्न हुई।जिसमें सिविल सर्जन के द्वारा बताया गया कि सदर अस्पताल हाजीपुर में अत्याधुनिक मशीन के द्वारा मोतियाबिंद का ऑपरेशन प्रारंभ कराया गया है।

इसके लिए 2 चिकित्सक डॉक्टर रहमान एवं डॉक्टर दिवाली प्रसाद को डेडिकेटेड रूप से लगाया गया है।सिविल सर्जन ने बताया कि कल ही दो ऑपरेशन किया गया है।इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मोतियाबिंद से प्रभावित लोगों को चिन्हित कर उन्हें सदर अस्पताल में ऑपरेशन कराने के लिए मोबिलाइज किया जाए।इसके लिए प्रत्येक आशा को 10 मरीज खोजने और अस्पताल भेजने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि विकास मित्र सभी महादलित टोले में ऐसे लोगों की पहचान करें और उन्हें अस्पताल भेजेंगे।इसके लिए एक फॉर्मेट तैयार कर सभी विकास मित्र एवं आशा कार्यकर्ता को शीघ्र उपलब्ध करा देने का निर्देश दिया गया।बैठक में उपस्थित उप विकास आयुक्त को प्रखंड विकास पदाधिकारियों के माध्यम से विकास मित्रों को इस कार्य के लिए सूचित करा देने का निर्देश दिया गया।जिलाधिकारी के द्वारा सभी एम ओ आई सी को अस्पतालों को ठीक करा देने,रंग रोगन कराने,स्वच्छता मानक पर खरा उतरने,आशा कार्यकर्ता एवं एएनएम का भुगतान अद्यतन रखने तथा रोस्टर के अनुसार डॉक्टर की उपस्थिति सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया।जिलाधिकारी ने कहा कि अगर कहीं बेस्ट प्रैक्टिसेज या नवाचारी कदम उठाया गया है तो वैशाली में भी उसे लागू कराई जाए।राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत टीम को सभी महादलित टोले में माइक्रो प्लान के साथ भेजा जाए और नवजात से 18 वर्ष की आयु तक के बच्चों के स्वास्थ्य की जांच कराई जाए।जिलाधिकारी के द्वारा स्वास्थ विभाग के रूटीन कार्यों की समीक्षा की गई और चल रहे कार्यक्रमों की जानकारी प्राप्त की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि जो निर्देश जिला से दिया जा रहा है वह निचले स्तर तक पहुंचना चाहिए।इसको लेकर सभी आशा कार्यकर्ता,एएनएम जीएनएम से जिलाधिकारी ने स्वयं संवाद स्थापित करने का निर्देश देते हुए कहा कि इसके लिए हाजीपुर स्थित बिका संस्थान में एक बैठक कराई जाए।डब्ल्यूएचओ, केयर इंडिया एवं यूनिसेफ के प्रतिनिधियों को स्वच्छता के लिए कायाकल्प अभियान के तहत सभी अस्पतालों का सर्वे कर एक प्रतिवेदन तैयार करने का निर्देश दिया गया। सभी जगह ओटी रूम एवं लेबर रूम को अच्छा बनाने और स्वच्छ रखने की बात कही गई।जिलाधिकारी के द्वारा आरसीएच पंजी के अद्यतिकरण एएनसी 1,2,3,4 और संस्थागत प्रसव की समीक्षा की गई और निर्देश दिया गया कि इसमें 3% से अधिक का अंतर नहीं होना चाहिए।सभी पीएचसी पर ओपीडी की संख्या बढ़ाने,रोगी कल्याण के फंड का नियमानुकूल उपयोग करने तथा राघोपुर एवं पातेपुर में आयुष्मान कार्ड में प्रगति लाने का निर्देश दिया गया।बैठक में जिलाधिकारी के साथ उप विकास आयुक्त,सिविल सर्जन, अस्पताल उपाधीक्षक,डीआईओ, डीपीओ,आईसीडीएस,डीपीएम सभी प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी एवं स्वास्थ्य प्रबंधक उपस्थित थे।

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