Download App

जदयू को जातीय वर्गों में बांधने की कोशिश क्यों हो रही, नीतीश से राजनीति सीखें नेता

पटना, बिहार दूत न्यूज।

Advertisement

बिहार का जातीय गोलबंदी में बांटने की कोशिश लगातार की जा रही है। जाति और धर्म के आधार पर राजनीतिक विचारधारा को तय किया जाना कभी भी सत्ताधारी जनता दल यूनाइटेड को पसंद नहीं रहा। सीएम नीतीश कुमार ने जाति और धर्म से परे सुशासन के साथ विकास के नारे के साथ राजनीति की है।

लेकिन, हाल के समय में जो कुछ हो रहा है, उस पर पार्टी के ही सीनियर नेताओं की चिंता बढ़ी हुई। मुश्किल यह है कि जातीय गोलबंदी के लिए कार्यक्रमों का आयोजन पार्टी नेताओं के स्तर पर हो रहा है, फायदा विपक्षी दल को मिलता दिख रहा है। यकीन न हो तो पटना की सड़कों पर ही निकल जाइए। शहर का हर मुख्य चौक-चौराहा भगवा रंग से रंगा हुआ है। ऐसा लग रहा है कि भारतीय जनता पार्टी कोई आयोजन कर रही है। असलियत यह है कि महाराणा प्रताप को लेकर जदयू कार्यक्रम कर रहा है। यह कार्यक्रम पार्टी का तो नहीं है, लेकिन दल के ही कुछ जाति विशेष के नेताओं ने इसके आयोजन की पूरी जिम्मेदारी उठाई है। जिस तरह से इस कार्यक्रम का आयोजन हो रहा है, वो वैसे तो भाजपा की स्टाइल रही है।

Leave a Comment

क्या वोटर कार्ड को आधार से जोड़ने का फैसला सही है?
Translate »
%d bloggers like this: