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मॉप अप राउंड में छूटे हुए लाभुकों को खिलायी जायेगी फ़ाइलेरिया की दवा..

पटना, बिहार दूत न्यूज।

फ़ाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत राज्य के 24 जिलों में 10 फ़रवरी से एमडीए अभियान संचालित किया जा रहा है. अभियान के दौरान राज्य में करीब 7.5 करोड़ की आबादी को दवा सेवन के लिए लक्षित किया गया है. लक्षित आबादी को दवा सेवन करवाने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग प्रयासरत है. ज्ञात हो कि राज्य के उपमुख्यमंत्री सह स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी यादव ने 10 फ़रवरी को फाइलेरिया रोधी दवा खाकर इस अभियान का शुभारंभ किया है. अभियान के दौरान राज्य के 16 जिलों में लोगों को दो दवाएं खिलाई जा रही है. जबकि आठ जिलों में लोगों को तीन दवाएं खिलाई जा रहीं हैं.

मॉप अप राउंड में छूटे हुए लाभुकों को खिलायी जायेगी फ़ाइलेरिया की दवा:
14 दिनों तक चलने वाले अभियान की समाप्ति पर छुटे हुए लाभुकों को मॉप अप राउंड के तहत 2 मार्च तक फ़ाइलेरिया की दवा खिलाई जाएगी. इस बाबत अपर निदेशक सह राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी, फ़ाइलेरिया डॉ. परमेश्वर प्रसाद ने जिला वेक्टर बोर्न डिजीज नियंत्रण पदाधिकारी को पत्र जारी कर आवश्यक निर्देश दिए हैं. जारी पत्र में बताया गया है कि 10 फ़रवरी से जिले में 14 दिवसीय एमडीए अभियान संचालित किया जा रहा है. निर्धारित तिथि के उपरांत 2 मार्च तक मॉप अप राउंड चलाया जायेगा जिसमे छूटे हुए लाभुकों को दवा खिलायी जाएगी. मॉप अप राउंड का उद्देश्य शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करना है.
आशा की भागीदारी होगी सुनिश्चित:
जारी पत्र में बताया गया है कि एमडीए अभियान में शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने के लिए मॉप अप राउंड के दौरान आशा एवं आशा फैसिलिटेटर से शत-प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करते हुए सभी छूटे हुए लोगों को टीम द्वारा अपने सामने दवा खिलाया जाना सुनिश्चित किया जाये.
24 जिलों में चलाया जा रहा अभियान:
10 फ़रवरी से संचालित एमडीए अभियान राज्य के 24 जिलों में चलाया जा रहा है. यह जिले हैं- बांका, भागलपुर, पूर्वी चंपारण, गया, गोपालगंज, जमुई, जहानाबाद, कैमूर, कटिहार, खगड़िया, मुंगेर, सहरसा, सिवान, सुपौल, पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, अरवल, औरंगाबाद, बेगुसराय, मुजफ्फरपुर, सारण, शेखपुरा, शिवहर एवं वैशाली.
उम्र के अनुपात में लाभुकों को खिलायी जा रही दवा:
संचालित अभियान के दौरान उम्र के अनुपात में लोगों को दवा का सेवन कराया जा रहा है. 2-5 वर्ष के बच्चे को 1 डीईसी एवं 1 अल्बेंडाजोल की गोली, 6- 14 वर्ष के बच्चों को 2 डीईसी एवं 1 अल्बेंडाजोल की गोली तथा 15 वर्ष और इससे अधिक उम्र के लोगों को 3 डीईसी एवं 1 अल्बेंडाजोल की गोली खिलाई जा रही है. दवा 2 वर्ष से छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं, गंभीर रोग से ग्रसित व्यक्तिओं को नहीं खिलाई जा रही है.

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