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समस्तीपुर : मोरवा में एक दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत कार्यशाला आयोजित

संजय भारती , समस्तीपुर

समस्तीपुर : जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र, कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन, चाइल्ड राइट्स एण्ड यू, चाइल्ड लाइन, समस्तीपुर सब सेंटर शाहपुर पटोरी के संयुक्त तत्वावधान में मोरवा प्रखंड स्थित पंचायत समिति भवन में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान विषयक एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित किया गया ।

अध्यक्षता प्रखंड प्रमुख सान्या नेहा नें किया । संचालन जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र के सीनियर रिसर्च कंसल्टेंट रविन्द्र पासवान नें किया । कार्यक्रम का उद्घाटन सत्र में मुखिया संघ के अध्यक्ष सह बनवीरा पंचायत के मुखिया नारायण शर्मा, प्रखंड प्रमुख सान्या नेहा, प्रखंड विकास पदाधिकारी संजय कुमार सिन्हा, बाल विकास परियोजना अधिकारी कुमारी सुरभि, महिला पर्यवेक्षिका शशि प्रभा, कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन की सपोर्ट पर्सन दिप्ती कुमारी, चाइल्ड लाइन, समस्तीपुर सब सेंटर शाहपुर पटोरी के दिनेश प्रसाद चौरसिया नें किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन की सपोर्ट पर्सन दिप्ती कुमारी नें कहा कि फाउंडेशन के सपोर्ट से समस्तीपुर जिले में दिनांक 17 मार्च से लेकर 22 मार्च, 2023 तक सरायरंजन मोरवा, मोहिउद्दीन नगर, मोहनपुर और पटोरी प्रखंडों में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित परम आदरणीय श्री कैलाश सत्यार्थी जी के आह्वान पर बच्चों को बाल विवाह से बचाने के लिए, बाल विवाह मुक्त भारत बनानें के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया है। कोई भी बच्चा बाल विवाह जैसी दुर्घटना का शिकार न हो इस काम में सहयोग करने के लिए आप सभी पंचायत जनप्रतिनिधि, मोरवा प्रखंड में कार्यरत सभी विभागों के पदाधिकारियों, कर्मचारियों समेत गांव के बुद्धिजीवियों का सहयोग बहुत हीं अनिवार्य है । मुखिया संघ के अध्यक्ष श्री नारायण शर्मा नें कहा कि समाज में जागरूकता नहीं है।

गरीब, मजदूर, भूमिहीन परिवारों में बच्चों की संख्या अधिक होने, शिक्षा नहीं होनें तथा समय साल ठीक नहीं रहने और सामाजिक माहौल खराब रहनें के कारण बाल विवाह अधिक हो रहा है। जो कानूनी रूप से गलत है। इस गलती को कम करने के लिए हम सभी लोगों को मिलकर साझा प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि मोरवा प्रखंड में एक 16 साल के लड़का को लेकर एक महिला भागकर शादी कर लिया है और गांव छोड़कर भाग गया है उस पर कौन सा कानून काम करेगा । चिकित्सा पदाधिकारी डा. धर्मेंद्र कुमार नें कहा कि बाल विवाह का असर सबसे ज्यादा स्वास्थ्य पर पड़ता है। कम उम्र की माताओं द्वारा एक स्वस्थ बच्चे का जन्म देना नामुमकिन है । सामाजिक व्यवहार हावी रहने के कारण लोग बाल विवाह को रोकना मुनासिब नहीं समझते हैं जो बच्चे के जीवन को प्रभावित करता है। हर हाल में बाल विवाह पर प्रतिबंध लगना चाहिए। बाल विवाह में शामिल सभी लोगों पर सुसंगत धाराओं के अंदर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। बच्चे के माता पिता के साथ साथ बाराती, पंडित, बैंड बाजा, गाड़ी वाला, खाना बनानें वाले लोगों से लेकर इसमें शामिल सभी को जेल हो सकता है। चाइल्ड लाइन टीम से दिनेश प्रसाद चौरसिया नें बाल संरक्षण समिति के गठन की प्रक्रिया पर चर्चा करते हुए कहा कि बाल विवाह को रोकने के लिए बाल संरक्षण समिति का सक्रिय होना बहुत जरूरी है। जिला स्तर से लेकर वार्ड स्तर पर कौन कौन से लोग इसका मेंबर हो सकता है पर विस्तार से जानकारी दी ।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बाल विकास परियोजना अधिकारी कुमारी सुरभि नें कहा कि हम लोग बाल विवाह रोकने के लिए संकल्पित है लेकिन समाज और जनप्रतिनिधियों का सहयोग अनिवार्य है । उन्होंने बताया कि आज हम आप सबों के मदद से प्रखंड स्तरीय बाल संरक्षण समिति का गठन भी कर रहे हैं । आगे हम अपनें महिला पर्यवेक्षिका, चाइल्ड लाइन तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से सभी 18 पंचायतों में में पंचायत स्तरीय बाल संरक्षण समिति के साथ साथ वार्ड स्तरीय बाल संरक्षण समिति का गठन करने का काम कर लेंगे । हम लोगों को ऊपर से भी दबाव बनाया जा रहा है। कुमारी सुरभि ने सोंगर पंचायत में घटित बलात्कार की घटना को भी चर्चा किया और निंदनीय कृत्य को रोकने के लिए सामाजिक माहौल बनाने पर बल दिया । प्रखंड विकास पदाधिकारी संजय कुमार सिन्हा नें कहा कि हम लोगों के सामने ऐसे ऐसे केस आते हैं कि सुनकर परेशान हो जाते हैं। बाल विवाह की सूचना बहुत पहले मिलना चाहिए लेकिन जब दरबाजे पर बारात आने वाले होते हैं तब रोकने के लिए बोला जाता है। कैलाश सत्यार्थी जी महान लोगों में से एक है। उनका बाल विवाह मुक्त भारत अभियान बहुत हीं सराहनीय कदम है। हम उनके अभियान को सफल बनाने में सहयोग करेंगे।बाल विवाह हमारे समाज में न हो । हमारा मोरवा प्रखंड बाल विवाह मुक्त प्रखंड बने इसके लिए आप तमाम सामाजिक संगठनों, चाइल्ड लाइन, सत्यार्थी आंदोलन, पंचायत जनप्रतिनिधियों और मोरवा प्रखंड में कार्यरत सभी सरकारी कर्मियों से मदद की अपेक्षा रखते हैं। उन्होंने उपस्थित जनप्रतिनिधियों से कहा कि पंचायत स्तरीय बाल संरक्षण समिति के साथ साथ वार्ड स्तरीय बाल संरक्षण समिति बनाकर प्रखंड को सूचित करें। हम लोगों को जिला की बैठक में रिपोर्ट मांगा जा रहा है हम लोग जबाव नहीं दे पाते हैं । अध्यक्षीय वक्तव्य में प्रमुख सान्या नेहा नें बाल विवाह को सामाजिक कलंक क़रार दिया और कहा कि बाल विवाह किसी भी स्थिति में ठीक नहीं है। बच्चों के जीवन पर ग़लत प्रभाव पड़ता है । लोग बेटी को बोझ समझते हैं और भार कम करने के लिए बाल विवाह की आग में बच्चे को झोंक दिया जाता है। प्रमुख सान्या नेहा नें उपस्थित सभी पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप लोग इस काम को सिरियस नहीं ले रहे हैं। आप लोगों को सक्रिय होना पड़ेगा। हम जन प्रतिनिधियों को समाज के लोगों को समझना पड़ता है, इधर वोट को भी ध्यान में रखकर चलना पड़ता है। आप लोग सरकार के कर्मचारी हैं। आप लोगों को डरना नहीं चाहिए। हम लोग आपके साथ खड़े हैं। डरिये मत। अंत में कार्यक्रम की समाप्ति की घोषणा की जाती है। कार्यक्रम को संबोधित करने वालों में बलराम चौरसिया, नवनीत कुमार, किरण कुमारी, ललिता कुमारी, विभा कुमारी, अंजु कुमारी, संजय कुमार, शशि प्रभा, रजनीश, रंजीत पासवान, धर्मेन्द्र पासवान समेत कई लोंग शामिल रहे।

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