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समस्तीपुर : मोहिउद्दीन नगर में एक दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत कार्यशाला आयोजित.. 

संजय भारती , समस्तीपुर।

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समस्तीपुर : जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र, कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन, नई दिल्ली, चाइल्ड लाइन, समस्तीपुर सब सेंटर शाहपुर पटोरी के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को मोहिउद्दीन नगर प्रखंड के ई किसान भवन के सभागार में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान विषयक एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बाल विकास परियोजना अधिकारी मीरा कुमारी नें किया। संचालन जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र के सिनियर रिसर्च कंसल्टेंट रविन्द्र पासवान नें किया। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में बाल विकास परियोजना अधिकारी मीरा कुमारी, मनोज कुमार सुनील, सरपंच रामबाबू पासवान, मुखिया कृष्णकांत चौधरी, मुखिया जयराम शर्मा, महिला पर्यवेक्षिका अंजनी कुमारी, शिक्षक राकेश कुमार, सरपंच रामदास जी मौजूद रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मनोज कुमार सुनील नें कहा कि कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन और जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र की तरफ से जो कार्यक्रम आयोजित किया गया है हम दिल से शुक्रिया अदा करते हैं। उन्होंने कहा कि बाल विवाह से बच्चों को बचाने के लिए जागरुकता जरूरी है। हम डंडा लेकर बाल विवाह को नहीं रोक सकते हैं। बाल विवाह रोकने से संबंधित जो कानून है उसको जन जन तक पहुंचाना होगा। बाल विवाह से बच्चों के जीवन पर बहुत बुरा प्रभावित पड़ता है। बच्चे पूर्ण रूप से तैयार नहीं होते हैं और उनके उपर पारिवारिक बोझ लाद दिया जाता है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र से दिनेश प्रसाद चौरसिया नें कहा कि लोगों में समझदारी बढ़ी है। बाल विवाह के प्रतिशत में कमी आई है लेकिन बाल मजदूरी के प्रतिशत में कोविद के बाद एकाएक वृद्धि हुई है। इसका सबसे बड़ा कारण है गरीबी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों की कमी। रामप्रित चौरसिया नें बताया कि गरीब, मजदूर भूमिहीन परिवारों को सरकार की तरफ से रोजगार मुहैया नहीं कराई जाती है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह का सबसे बड़ा कारण है कि सामाजिक एकता में कमी। समता और समानता का माहौल बनानें की जरूरत है। दलित चेतना विकास समिति के सचिव विश्वनाथ राम नें कहा कि आज से 30-35 साल पहले शादी के बाद गौना होता था, लेकिन आज के समय में शादी के तुरंत बाद लड़की की विदाई कर दी जाती है।

उन्होंने कहा कि गांव गांव में नुक्कड़ नाटक कराया जाना चाहिए। सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को इस महा अभियान में जागरूकता और रोकथाम के लिए लगाना चाहिए। टीम लीडर कौशल कुमार नें बताया कि आज सभी धनी लोगों के साथ साथ सभी सरकारी पदाधिकारियों के आवास पर घर
से लेकर किचेन तक बच्चों से काम लिया जाता है।

बलराम चौरसिया नें कहा कि बाल विवाह के साथ साथ बच्चों के साथ होने वाले सभी तरह के हिंसा से बचाने के लिए बाल संरक्षण समिति को सशक्त और मजबूत बनाकर काम करना होगा। वार्ड से लेकर ऊपर स्तर के जनप्रतिनिधियों को रखा गया है। इन्होंने चाइल्ड लाइन के टॉल फ्री नंबर 1098 के बारे में भी जानकारी दिया। बैड टच और गुड टच को लेकर भी चर्चा हुई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बाल विकास परियोजना अधिकारी मीरा कुमारी नें कहा कि बेटी को बाल विवाह से बचाने के लिए कई तरह की योजनाएं चला रही है। उन्होंने कहा कि कन्या समृद्धि योजना, कन्या विवाह योजना के साथ साथ अन्य कई तरह की योजनाएं चलाई जा रही है। बाल विवाह बहुत बड़ी सामाजिक कुरीति है। जब तक हम सब लोग मिलकर साझा प्रयास नहीं करेंगे तब तक बाल विवाह को रोकना आसान नहीं होगा। कार्यक्रम को कृष्णकांत चौधरी मुखिया जयराम शर्मा, किरण कुमारी, ललिता कुमारी, विभा कुमारी, नवनीत कुमार, अंजु कुमारी, रीता कुमारी, हिमांशु कुमार, अमरनाथ राय, रामबाबू पासवान, संजय कुमार, सुरेंद्र राय, डेजी कुमारी, रजनी कुमारी, समेत दर्जनों लोगों नें अपना विचार व्यक्त किए।

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