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जिलास्तरीय बैंकिंग परामर्शदात्री समिति की हुई बैठक, DM ने दिया यह निर्देश..

बिहार दूत न्यूज, खगड़िया।

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जिलाधिकारी डॉ आलोक रंजन घोष की अध्यक्षता में जिलास्तरीय परामर्शदातृ समिति (डी.एल.सी.सी./डी.एल.आर.ए.सी. एवं डीएमसी) की बैठक समाहरणालय सभागार में आहूत की गई।

इस बैठक में उप विकास आयुक्त संतोष कुमार, प्रभारी पदाधिकारी, बैंकिग शाखा सह महा प्रबन्धक जिला उद्योग केंद्र विजय कुमार, आरबीआई के प्रतिनिधि रोहित चौधरी, अग्रणी जिला बैंक प्रबंधक सोनू कुमार , डी.डी.एम. नाबार्ड श्रीमती राखी कुमारी, निदेशक, आरसेटी बिपिन बिहारी सहित विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि मौजूद थे।
जिलाधिकारी ने समीक्षा के क्रम में जिले के बैंकों के साख जमा अनुपात एवं वार्षिक क्रेडिट प्लान (एसीपी) की स्थिति, किसान क्रेडिट योजना (केसीसी), प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना एवं अन्य मामलों की समीक्षा की तथा सभी बैंक प्रतिनिधियों को निर्देशित करते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति बैंकिंग सुविधाओं से लाभान्वित होने को इच्छुक है तथा पात्रता को पूरा करता है, तो उसे पर्याप्त सहयोग उपलब्ध कराएं। उन्होंने बैंकों को वित्तीय समावेशन का महत्वपूर्ण जरिया बताते हुए कहा कि बैंक न सिर्फ रोजगारपरक समाज के निर्माण में सहायक हैं, बल्कि अपनी वित्तीय गतिविधियों से नागरिकों के आर्थिक-सामाजिक सशक्तिकरण में प्रभावी भूमिका अदा कर सकते हैं। उन्होंने बैठक में मौजूद बैंकों के प्रतिनिधियों से अपील करते हुए कहा कि सरकार द्वारा संचालित योजनाओं को प्राथमिकता में रखते हुए आवेदकों को उनकी पात्रता के अनुरूप ससमय ऋण उपलब्ध कराने का प्रयास करें।


बैठक के दौरान जिलाधिकारी द्वारा जिले के विभिन्न बैंकों की साख जमा अनुपात की समीक्षा के क्रम में अग्रणी जिला बैंक प्रबंधक ने जानकारी दी कि दिसम्बर, 2022 को समाप्त तिमाही के दौरान जिला का साख जमा अनुपात 59.80 प्रतिशत था, जो कि राज्य के साख जमा अनुपात 51.22 प्रतिशत से अधिक हैं एवं पूरे बिहार में 11वें स्थान पर है। जिलाधिकारी ने इस उपलब्धि पर जिले के सभी बैंकों की सराहना की। हालांकि इस अवधि में जिले के कुछ ऐसे भी बैंक हैं, जिनका साख जमा अनुपात 40 प्रतिशत से नीचे रहा है। जिलाधिकारी ने ऐसे बैंकों यथा स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, इंडियन बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के प्रतिनिधियों को अपने प्रदर्शन में सुधार लाने का निर्देश दिया तथा अग्रणी जिला बैंक प्रबंधक को निर्देशित किया कि संबंधित बैंक के जिला समन्वयकों के साथ इन बैंकों के कमतर प्रदर्शन के कारणों की समीक्षा करें तथा इन बैंकों में ऋण योजनाओं से संबद्ध लंबित आवेदनों का अविलंब निष्पादन करना सुनिश्चित करें।

वार्षिक क्रेडिट प्लान (एसीपी) की स्थिति की समीक्षा के दौरान अग्रणी जिला बैंक प्रबंधक द्वारा बताया गया कि जिले के लिए दिसम्बर, 2022 तिमाही अवधि का कुल एसीपी उपलब्धि 53.08 प्रतिशत है, जो पिछली वित्तीय वर्ष की अपेक्षा कम है। जिलाधिकारी ने इसपे काफी नाराजगी जताई और सभी बैंकर्स को मार्च में शत प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने को निर्देशित किया ।
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना (PMEGP) की समीक्षा के दौरान बताया गया कि कुल लक्ष्य 169 के विरूद्ध अब तक 186 व्यक्तियों को स्वीकृति प्रदान की गई है, जो लक्ष्य का 110.27 प्रतिशत है। जिलाधिकारी ने इस योजना को रोजगार मे वृद्धि के उद्देश्य से महत्वपूर्ण बताते हुए इस उपलब्धि पर जिले के सभी बैंकों को सहयोग के लिए सराहना की एवं और भी लंबित आवेदनों को ससमय निष्पादित करने का निर्देश दिए, साथ ही जल्द से जल्द राशि को रिलीज करने को कहा।
इसी तरह सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना (PMFME) में भी जिले के बैंको द्वारा अभी तक लक्ष्य 53 के विरुद्ध 38 आवेदनों पर ऋण दिया गया है। लक्ष्य को मार्च में पूरा करने का निर्देश दिया।
बैठक के दौरान किसान क्रेडिट कार्ड योजना (केसीसी, पशुपालन) की समीक्षा के क्रम में बताया गया कि दिसंबर 2022 तिमाही के दौरान इस योजना के अंतर्गत कुल 800 लोगों को केसीसी उपलब्ध कराया गया, जिसका प्रतिशत संतोषजनक नहीं है। सभी बैंकों को अस्वीकृत आवेदन को कारण के साथ वापस करने को कहा गया। इस दौरान बैंकवार समीक्षा के क्रम में जिला पदाधिकारी ने कमतर प्रदर्शन करने वाले बैंको के प्रति खेद प्रकट किया तथा योजना में प्रगति लाने हेतु गंभीरता से कार्य करने का निर्देश दिया।
इस क्रम में प्रधानमंत्री जन-धन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा योजना, अटल पेंशन योजना, क्षेत्र विकास योजना के तहत डेयरी, मत्सय पालन, पोल्ट्री के साथ-साथ शिक्षा एवं आवास योजना, जीविका से संबंधित एसएचजी एवं जेएलजी, पीएमईजीपी, मुद्रा आदि की भी समीक्षा की गई तथा आवश्यक प्रगति लाने का निर्देश दिया गया। भारत सरकार के निर्देशानुसार जिले के सभी पंचायतों में विशेष कैंप का आयोजन किया जा रहा है। सभी बैंकों के जिला समन्वयकों को निर्देश दिया गया है कि संबंधित शाखा प्रबंधक को निर्देश दें कि वे निर्धारित तिथि एवं पंचायत में कैंप का आयोजन करें तथा अधिक से अधिक ग्राहकों का खाता खोलें व सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में नामांकन करवाएं।
इस बैठक मे डीएमसी के द्वारा खगड़िया में 4 प्रखंड में एफपीओ के गठन हेतु एवं फसल के चयन हेतु भी डीडीएम नाबार्ड द्वारा जानकारी दी गई। एफपीओ के गठन हेतु चार प्रखंड का चयन किया गया हैं, जिसमें मानसी, चौथम, परबत्ता और खगड़िया को शामिल हैं।

इस बैठक मे जिला कृषि पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, आईएफडी के प्रतिनिधि, कृषि विज्ञान केंद्र के प्रतिनिधि, निदेशक, हॉर्टिकल्चर भी उपस्थित थे। अंत में अग्रणी जिला प्रबंधक द्वारा सभी उपस्थित बैंकरों एवं पदाधिकारियों को धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

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