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दो दिवसीय हनुमान जन्मोत्सव समारोह का हुआ समापन, लोगों ने लिया दीक्षा

खगड़िया। देवराहा बाबा शिवनाथ दास जी महाराज से दीक्षित भक्तों से हमारी मुलाकात बबुआगंज स्थित छट्ठू लाल जालान सेवा सदन, जहां हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर दो दिवसीय कार्यक्रम में वीर हनुमान पूजन, संकीर्तन हो रहा है, हुई।

चाय बनाने वाले एक भक्त मनोज कुमार मेहता जो मधेपुरा ज़िला के आलमनगर निवासी हैं ने पूछने पर इस मीडिया से कहा मैं विगत 15 वर्षों से बाबा के शरण में हूं, दीक्षित हूं। जहां भी बाबा का कार्यक्रम होता है मैं जाता हूं और स्वादिष्ट चाय बनाकर श्रद्धालुओं को पिलाता हूं। बाबा का कृपा पात्र हूं। आप क्या करते हैं ? उन्होंने कहा मैं खुद आलम नगर स्थित श्री श्री 108 बाबा सर्वेश्वर नाथ महादेव मंदिर का पुजारी हूं। बाबा के बुलावे पर दौड़ा चला आता हूं। कार्यक्रम स्थल पर सेवा कार्य में लीन हो जाता हूं। कार्यक्रम बाबा के संरक्षण में ही हो रहा है। जन्मोत्सव समारोह के आयोजक हैं खगड़िया के शिवनाथ भक्त मंडली सदस्यगण। व्यवस्था कार्य में जुटे ध्रुव कुमार, प्रहलाद कुमार, ललित सिंह तथा गौतम यादव ने कहा दूसरे ज़िले से पधारे भक्तों को किसी प्रकार का कष्ट नहीं हो इसके लिए जी जान से जुटे हैं, सब बाबा की कृपा हैं।बिहार के विभिन्न जिलों यथा मधेपुरा, पूर्णिया, सहरसा, सुपौल, मधुबनी, मुंगेर, पटना, आरा, सहरसा, बेगूसराय तथा मुजफ्फरपुर आदि ज़िलों से पधारे भक्तों जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं हनुमान जन्मोत्सव समारोह में भाग लेकर बाबा से आशीर्वचन प्राप्त किए। भक्तजनों के ठहरने, चाय, नास्ता और भोजन की व्यवस्था भी थी। भक्तों में सेवा की भावना कूट कूट कर भरी हुई थी। गुरुवार की सुबह शोभा यात्रा निकाली गई थी, जिसमें बाबा रथ पर सवार हो नगर भ्रमण कर नगर वासियों को आशिर्वाद दिया। बाबा शिवनाथ दास जी महाराज ने डॉ राजेन्द्र प्रसाद चौक स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर, दाननगर के हनुमान मंदिर, विद्याधार के दुर्गा मन्दिर में तथा संकटमोचन हनुमान मंदिर में हनुमान की प्रतिमा के समक्ष पूजा अर्चना की थी। भजन संकीर्तन करने वाले मंडली में पुरुषों के साथ साथ महिलाएं भी थी जिनमें प्रमुख हैं शबनम कुमारी और पूजा कुमारी। आलमनगर के ही युवा गोलू भारद्वाज ने कहा मैं बचपन से ही बाबा के कार्यक्रम में हर जगह जाता हूं। आहोक निवासी चंद्रकांत सिंह ने कहा मैं विगत 1994 ईo से ही बाबा के शरण में आकर दीक्षा लिया था। तब से बाबा के निर्देशानुसार कार्य कर रहा हूं। आपको क्या क्या लाभ मिला ? उन्होंने कहा आध्यात्मिक कार्य में लाभ हानि नहीं देखी जाती है। अपने कर्म के अनुसार और बाबा के आशीर्वचन से मेरा हर कार्य हो रहा हैं। कार्यक्रम स्थल पर जाने से मुझे और मेरे परिवार को चैन शुकून सुख शांति की प्राप्ति होती है। दो दिवसीय समारोह का समापन हुआ और इच्छुक श्रद्धालुओं ने बाबा से दीक्षा भी लिया जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं। अंतर्राष्ट्रीय आध्यात्मिक केन्द्र के संस्थापक महर्षि अरविन्द ने बाबा शिवनाथ दास जी महाराज से मुलाकात किया और विश्व शान्ति के लिए उनसे विचार विमर्श किया।

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