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हमलोग अपने बल पर बिहार को इतना आगे बढ़ाने में हुए हैं कामयाब: CM नीतीश ..

– दानवीर शूरवीर भामाशाह जी की स्मृति समारोह में शामिल हुये मुख्यमंत्री

– बाबू वीर कुंवर सिंह जी, महाराणा प्रताप जी, दानवीर शूरवीर भामाशाह जी जैसे महापुरुषों के बारे में बच्चों को पढ़ाया जाएगा ताकि सब लोग पुरानी बातों को जान सकें- मुख्यमंत्री

पटना, बिहार दूत न्यूज।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज जदयू प्रदेश कार्यालय के कर्पूरी सभागार में आयोजित दानवीर शूरवीर भामाशाह जी की स्मृति समारोह में शामिल हुए।

जदयू के व्यावसायिक एवं उद्योग प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित इस समारोह का मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने भामाशाह जी के तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। जदयू व्यावसायिक एवं उद्योग प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष कमल नोपानी ने मुख्यमंत्री को पगड़ी एवं अंगवस्त्र जबकि विधान पार्षद श्री ललन सर्राफ ने मुख्यमंत्री को भामाशाह जी की प्रतिमा भेंटकर उनका अभिनंदन किया। चौरसिया समाज द्वारा मुख्यमंत्री को पान की माला पहनाकर उनका स्वागत किया गया ।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि आज के दिन विशेष तौर पर भामाशाह जी की स्मृति में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। भामाशाह जी की जयंती 29 अप्रैल को है। यह बात सबको ध्यान में रखना चाहिए । हमलोगों ने कुछ दिन पहले ही इसी महीने कैबिनेट से यह तय कर दिया है कि अब हर वर्ष भामाशाह जी की जयंती के अवसर पर 29 अप्रैल को राजकीय समारोह का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जे०पी० आन्दोलन के समय जब हम जेल में थे तो कई जगह हमें स्थानांतरित किया गया। जब हम भागलपुर जेल में थे, उस समय भागलपुर जेल में मेरी मुलाकात श्री ललन सर्राफ सहित अन्य कई लोगों से हुई। शुरू में तो ये हमसे बात ही नहीं करते थे लेकिन 15 दिन बीत जाने के बाद जब इन्हें मेरे बारे में पता चला कि यह अच्छा आदमी है, तब इन्होंने हमसे आकर बात की और तभी हमारी दोस्ती हुई। हमलोगों का रिश्ता काफी पुराना है। उसी समय से ये हमारे साथ हैं। मधेपुरा या आस-पास के इलाके में जब भी कोई कार्यक्रम होता है तो श्री ललन सर्राफ जी के घर हम बराबर जाते रहते हैं। इस बेहतरीन कार्यक्रम के आयोजन के लिए मैं इनको बधाई देता हूँ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भामाशाह जी का महाराणा प्रताप जी के साथ गहरा रिश्ता था । भामाशाह जी ने मेवाड़ की रक्षा के लिए महाराणा प्रताप को हरसंभव मदद की। 12 वर्षों तक महाराणा प्रताप के 25 हजार सैनिकों का खर्च भामाशाह जी ने उठाया, यह कोई साधारण बात नही है। महाराणा प्रताप जी को मदद स्वरूप अपनी पूरी संपति उन्होंने दान कर दी थी। यह सभी लोगों को समझना चाहिए। उनके दो लड़के थे उनकी भी हत्या हो गयी थी। महाराणा प्रताप जी के प्रति मेरे मन में भी काफी इज्जत है। इसी साल 19 जनवरी को पटना में महाराणा प्रताप जी मूर्ति भी लगवाई गयी जिसका उद्घाटन हमने किया था। हमलोग दानवीर शूरवीर भामाशाह एवं महाराणा प्रताप समेत सबके स्मृति की बात करते हैं। वर्ष 2019 में पटना के पुनाईचक में भामाशाह जी की आदमकद प्रतिमा लगाई गई। बिहार भर से लोगों ने फोन करके इस फैसले की सराहना और स्वागत किया। इस बार 29 अप्रैल से हर वर्ष भामाशाह जी की जयंती के अवसर पर राजकीय समारोह का आयोजन किया जाएगा। भामाशाह जी राजस्थान के रहनेवाले थे और वहां से कुछ लोग बिहार आकर बस गये, इसलिए सबका भामाशाह जी से रिश्ता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोगों ने सबके विकास और उत्थान के लिए प्रारंभ से ही काम किया है। पहले यहां व्यवसायियों की क्या स्थिति थी? अब कितने बेहतर ढंग से सुरक्षित माहौल में लोग अपना व्यवसाय कर रहे हैं। पहले व्यवसायी लोग कई प्रकार की चिंता में रहा करते थे। हमलोगों ने बिहार में लॉ एंड ऑर्डर कायम कर सबको सुरक्षा प्रदान की। अब कोई चाहकर भी इधर-उधर नही कर सकता। सब दिन आपके हित में हम काम करते रहेंगे। आपको जो अच्छा लगे उन्हीं को अच्छा कहिये और उन्हीं को वोट दीजिये लेकिन हम आप ही को अच्छा मानते हैं। हम वोट की चिंता नही करते। महाराणा प्रताप जी के साथ-साथ भामाशाह जी के योगदान को भी नई पीढ़ी के लोगों को जानना चाहिए। सभी महापुरुषों के इतिहास से नई पीढ़ी को अवगत होना चाहिए ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोगों ने बिहार में एथेनॉल प्लांट लगाने के लिए वर्ष 2007 में ही राज्य सरकार से कानून बनाकर केंद्र को भेजा था और बिहार में एथेनॉल प्लांट लगाने की इच्छा प्रकट की थी। उस समय दूसरे राज्यों से लोगों ने यहां आकर उद्योग स्थापित करने में अपनी रुचि दिखाई थी । उनलोगों की तरफ से लगभग 31 हजार करोड़ रुपये निवेश करने की इच्छा प्रकट की गयी थी लेकिन उस समय की केंद्र सरकार ने हमलोगों का प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया। केंद्र ने यह कहते हुए प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया कि गन्ने से चीनी उत्पादन आवश्यक है इसलिए एथेनॉल बनाने की स्वीकृति नहीं दी जा सकती। लेकिन वर्ष 2020 के बाद केंद्र सरकार ने एथेनॉल उत्पादन से संबंधित पॉलिसी तय की। उसके बाद गन्ना, मक्का और टूटे हुए चावल से एथेनॉल बनाने का फैसला लिया गया। हमने लोगों से बिहार में एथेनॉल प्लांट लगाने का प्रस्ताव मांगा, तब हमें 152 प्रस्ताव प्राप्त हुए लेकिन केंद्र सरकार ने सिर्फ 17 प्रस्तावों को ही अपनी मंजूरी दी। तीन जगहों पर एथेनॉल उत्पादन का काम शुरू हो गया है। बिहार में एथेनॉल प्लांट की संख्या और अधिक बढ़ाने के संबंध में केंद्र सरकार से अनुरोध किया गया है। एथेनॉल प्लांट की संख्या बढ़ती तो काफी अच्छा होता।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में उद्योग को बढ़ावा देने के लिए काफी काम किए गए हैं। युवक-युवतियों एवं साधारण तबके के लोगों को उद्यमी बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा काफी सहूलियतें दी जा रही हैं। हर धर्म, संप्रदाय के लोगों को आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है। बिहार में अधिक से अधिक उद्योग स्थापित हो, इसके लिए मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत लोगों को उद्योग लगाने के लिये 10 लाख रुपये की आर्थिक मदद राज्य सरकार दे रही है ताकि वे अपना उद्योग स्थापित कर सकें। इसमें अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति, अतिपिछड़ा वर्ग एवं सभी वर्ग की महिलाओं को 5 लाख रुपये का अनुदान और 5 लाख रुपये का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इस योजना के माध्यम से सामान्य वर्ग और पिछड़े वर्ग के लोगों को 5 लाख रुपये का अनुदान और मात्र 1 प्रतिशत की ब्याज दर पर 5 लाख रुपये का ऋण मुहैया कराया जा रहा है। वर्ष 2018 में उद्यमी योजना का लाभ सिर्फ अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति से जुड़े लोगों को मिलता था। वर्ष 2020 में इसे अति पिछड़ा वर्ग के लिए भी शुरू कर दिया गया। उसके बाद सभी धर्म, समुदाय से जुड़े लोगों को मुख्यमंत्री उद्यमी योजना का लाभ दिया जाने लगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोग सब के हित में काम कर रहे हैं और सभी के सहयोग से बिहार आगे बढ़ रहा है। बिहार में कई ऐतिहासिक कदम उठाये गये हैं लेकिन हमलोगों के कामों की चर्चा कम होती है। आज बाबू वीर कुंवर सिंह जी की जयंती है। उनकी स्मृति में हमलोगों ने बिहार में कई काम किये हैं लेकिन दिल्ली वाले लोग आकर मीडिया के माध्यम से अपना प्रचार करवाने में लगे रहते हैं। वीर कुंवर सिंह जी पूरे देश में घूमे थे, अगर सचमुच दिल्ली वाले लोगों बाबू वीर कुंवर सिंह जी के प्रति लगाव है तो उनकी स्मृति में अब तक देश भर में क्यों नहीं कुछ काम करवाएं। हमलोगों ने बापू की स्मृति में भी काफी काम किया है। हमलोगों ने सब के सम्मान के लिए काम किया है। समाज के हर तबके के उत्थान के लिए काम किया है चाहे वे किसी भी जाति, धर्म के माननेवाले हों समाज में भाईचारे का माहौल कायम रखने के लिए हर प्रकार से काम किया गया है। ये लोग इतिहास को बदलना चाहते हैं, यह बात पूरे देश के लोगों को समझना होगा, हालांकि यह संभव नही है। बाबू वीर कुंवर सिंह जी, महाराणा प्रताप जी, दानवीर शूरवीर भामाशाह जी जैसे महापुरुषों के बारे में बच्चों को पढ़ाया जाएगा ताकि सब लोग पुरानी बातों को जान सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सबसे पौराणिक स्थल । हमलोग अपने बल पर बिहार को इतना आगे बढ़ाने में कामयाब हुए हैं, अगर बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिल जाता तो बिहार और तेजी से आगे बढ़ता। लोगों से आग्रह करते हुए उन्होंने कहा कि आप सभी आपस में प्रेम और भाईचारे के साथ रहें, एक-दूसरे की इज्जत करें। बेवजह आपस में झगड़ा न करें। एक-दूसरे के हित में काम करते रहे और गड़बड़ी करने वाले को समझाएं। आप सभी के सहयोग से ही बिहार और अधिक आगे बढ़ेगा और देश के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान देगा ।

समारोह को जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह सांसद श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, वित्त, वाणिज्य कर सह संसदीय कार्य मंत्री श्री विजय कुमार चौधरी, सांसद श्री सुनील कुमार पिंटू विधायक श्री गुंजेश्वर शाह एवं जदयू के प्रदेश अध्यक्ष श्री उमेश सिंह कुशवाहा ने भी संबोधित किया।

इस अवसर पर सांसद श्री अनिल हेगड़े, विधान पार्षद श्री संजय कुमार सिंह उर्फ गाँधी जी, विधान पार्षद श्री नीरज कुमार, पूर्व मंत्री श्री श्याम बिहारी प्रसाद, जदयू के सांसदगण, विधायकगण, विधान पार्षदगण, नेतागण, जदयू व्यावसायिक एवं उद्योग प्रकोष्ठ के पदाधिकारीगण सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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