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एनक्वास कार्यक्रम: स्वास्थ्य केंद्रों का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण

कटिहार, बिहार दूत न्यूज।

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मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा स्वास्थ्य विभाग के तीन स्तर पर प्रमाणीकरण के लिए लक्ष्य का निर्धारण किया गया है। जिसमें पहले चरण में कायाकल्प, दूसरे चरण में लक्ष्य एवं तीसरे चरण में राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्वास) प्रमाणीकरण योजना की शुरुआत की गई है। राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्वास) कार्यक्रम के तहत महिलाओं और शिशुओं के लिए अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी के लिए जिलाधिकारी रवि प्रकाश द्वारा आकांक्षी प्रखंड कुर्सेला के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर डुमरिया एवं हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बल्की महेशपुर का निरीक्षण किया गया। इस दौरान एनक्वास प्रमाणीकरण के लिए अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं का अवलोकन करते हुए उसमें सुधार के लिए जिलाधिकारी द्वारा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिया गया। इस दौरान जिला सलाहकार एवं गुणवत्ता यकीन पदाधिकारी (डीसीक्यूए) डॉ किसलय कुमार, बीडीओ कुर्सेला एवं समेली सहित पिरामल फाउंडेशन से अमित कुमार, अभिजीत कुमार, मनीष सिंह, रणविजय कुमार सहित अन्य स्वास्थ्य अधिकारी उपस्थित रहे।

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के लिए उपलब्ध सुविधाओं की ली जानकारी :

जिलाधिकारी रवि प्रकाश द्वारा दोनों हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली गई। साथ ही उनके द्वारा संबंधित क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं और उनकी नियमित प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) पर प्रखंड स्वास्थ्य अधिकारियों से जानकारी ली गई। एएनसी जांच में गंभीर स्थिति वाली महिलाओं का ध्यान रखते हुए अस्पताल में उनका प्रसव चिकित्सकों की निगरानी में करवाने का आवश्यक निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिया गया। इसके अलावा संबंधित अस्पताल में टीबी, डायबिटीज, एचआईवी, संचारी-गैर संचारी रोग के विभिन्न मरीजों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का मुआयना करते हुए सभी मरीजों को आवश्यक चिकित्सकीय सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि कुर्सेला एनक्वास प्रमाणीकरण के लिए आकांक्षी प्रखंड में शामिल है। पंचायत स्तर पर  अस्पताल में मरीजों को मिल रही सुविधा की जांच के लिए राष्ट्रीय टीम द्वारा निरीक्षण किया जाएगा। जिसके बाद उपलब्ध सुविधाओं के आधार पर प्रमाणीकरण मिलेगा।

संस्थागत प्रसव से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में आएगी कमी :

डीसीक्यूए डॉ किसलय कुमार ने बताया कि जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों सहित आयुष्मान भारत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (एचडब्ल्यूसी) में जिलाधिकारी और सिविल सर्जन सहित कई अन्य अधिकारियों के दिशा- निर्देश और मार्गदर्शन में अनवरत सुधार किया जा रहा है। जिससे  ग्रामीण स्तर पर संस्थागत और सुरक्षित प्रसव को सहज व सरल तरीके से कराया जा सके। पंचायत स्तर पर संस्थागत प्रसव की सुविधा उपलब्ध होने से लोगों द्वारा योग्य चिकित्सकों की निगरानी में प्रसव कराया जाएगा। जिससे माँ और होने वाले बच्चे स्वस्थ्य और सुरक्षित हो सकते हैं।

कमी को अविलंब पूरा करने को लेकर दिया निर्देश:

डॉ किसलय कुमार ने बताया राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक को लेकर आयुष्मान भारत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के एनक्वास प्रमाणीकरण हेतु अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं की जांच के लिए बहुत जल्द राष्ट्रीय स्तर की टीम द्वारा निरीक्षण किया जाएगा। उसके पहले अस्पताल में कमी को दूर करने के लिए जिलाधिकारी द्वारा भ्रमण किया गया और सभी कमियों को एन्क्वास के मापदंडों के आधार पर खड़ा उतारने को लेकर सभी आवश्यक सुविधाओं को अस्पताल में उपलब्ध रखने का आवश्यक निर्देश दिया गया। जिससे कि किसी प्रकार से कोई कमी नही रहे और सम्बंधित अस्पताल को एनक्वास प्रमाणीकरण मिल सके।

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