Download App

फाइलेरिया मरीजों की पहचान के लिए जिले में शुरू हुआ नाइट ब्लड सर्वे

कटिहार, बिहार दूत न्यूज।

फाइलेरिया मरीजों की पहचान करने के लिए जिले में नाइट ब्लड सर्वे (एनबीएस) कार्यक्रम की शुरुआत जिलाधिकारी रवि प्रकाश द्वारा कटिहार सदर प्रखंड के रामदास मध्य विद्यालय डेहरिया वार्ड नं 43 में की गई। इस दौरान जिलाधिकारी द्वारा उपस्थित अधिकारियों से फाइलेरिया की पहचान को लिए  जा रहे ब्लड सैंपल की जानकारी लेते हुए उपस्थित लोगों से जांच करवाने की अपील की। जिलाधिकारी ने जांच  के लिए उपलब्ध किट्स की गहराई से निरीक्षण करते हुए फाइलेरिया बीमारी से सुरक्षा के लिए इसकी उपयोगिता की जानकारी ली। इस दौरान प्रभारी सिविल सर्जन सह जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. जे. पी. सिंह, पिरामल डीपीएस चंदन कुमार सिंह सहित कटिहार सदर प्रखंड के स्वास्थ्य अधिकारी और लैब टेक्नीशियन उपस्थित रहे।

ज्यादा से ज्यादा लोग कराएं फाइलेरिया की जांच :

जिलाधिकारी रवि प्रकाश द्वारा सेशन साइट पर उपस्थित लोगों को फाइलेरिया पहचान के लिए नाइट ब्लड सर्वे में अपनी जांच करवाने के लिए जागरूक किया गया। उन्होंने बताया कि फाइलेरिया मरीजों की पहचान के लिए जिले के 13 प्रखंडों में नाइट ब्लड सर्वे कराया जा रहा है। अन्य चार प्रखंडों (दंडखोरा, समेली, आजमनगर और कटिहार सदर ग्रामीण) में फाइलेरिया मरीजों की पहचान के लिए पहले ही प्री टेस्ट हो गया है। 26 दिसंबर23 से 04 जनवरी24 तक आयोजित नाइट ब्लड सर्वे के लिए सभी प्रखंडों में सेशन साइट चिह्नित किया गया है। सभी साइट में रात 08 बजे से 12 बजे तक नाइट ब्लड सर्वे का आयोजन कर लोगों से जांच के लिए एक बूंद ब्लड सैंपल लिया जाएगा। इसके बाद संबंधित प्रखंड में माइक्रोस्कोप द्वारा जांच के बाद उनके फाइलेरिया ग्रसित होने को सुनिश्चित किया जाएगा और उन्हें अस्पताल द्वारा आवश्यक चिकित्सकीय सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि फाइलेरिया एक लाइलाज बीमारी है जिसकी पहले से ही पहचान होने पर उन्हें नियंत्रित रखा जा सकता है। इसलिए नाइट ब्लड सर्वे में ज्यादा से ज्यादा लोगों को भाग लेना चाहिए और अपने फाइलेरिया की जांच करवानी चाहिए।

सभी प्रखंडों में चिह्नित किया गया है सेशन साइट :

प्रभारी सिविल सर्जन सह जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ जे पी सिंह ने बताया कि नाइट ब्लड सर्वे के लिए सभी प्रखंडों में दो तरह का सेशन साइट चिह्नित किया गया है। फाइलेरिया ग्रसित लोगों के क्षेत्र को सेन्टिनल साइट के रूप में चिह्नित किया गया है। जहां अन्य सामान्य लोगों के फाइलेरिया ग्रसित होने की जांच की जाएगी। वहीं उसी प्रखंड में कुछ रेंडम साइट में नाइट ब्लड सर्वे किया जाएगा। जहां से नए फाइलेरिया मरीजों की पहचान हो सके। उन्होंने बताया कि इसके लिए आशा कर्मियों द्वारा लोगों को जागरूक किया जा रहा है। जिससे कि ज्यादा से ज्यादा लोगों द्वारा फाइलेरिया की जांच कराई जा सके। उन्होंने कहा कि कोढ़ा और बरारी प्रखंड में स्वास्थ्य विभाग द्वारा पेशेंट सपोर्ट ग्रुप भी चलाया जा रहा है। जिस माध्यम से फाइलेरिया ग्रसित मरीजों को अस्पताल से लिंकअप कराते हुए उन्हें समय समय पर आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। नाइट ब्लड सर्वे में पेशेंट सपोर्ट ग्रुप के सदस्यों द्वारा भी लोगों को फाइलेरिया ग्रसित होने से होने वाली समस्या की जानकारी देते हुए उन्हें पहले से फाइलेरिया की जांच करवाने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

फाइलेरिया से सुरक्षा के लिए फरवरी से चलाया जाएगा सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम :

डॉ जे पी सिंह ने बताया कि फाइलेरिया से सुरक्षित रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा साल में एक बार सर्वजन दवा सेवन (एमडीए)  कार्यक्रम चलाया जाता है। कटिहार जिले में वर्ष 2024 में 10 फरवरी से सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम चलाया जाएगा। इस दौरान 02 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को (गर्भवती/धात्री महिलाओं और गंभीर बीमारी से ग्रसित लोगों को छोड़कर) डीईसी व अल्बेंडाजोल की दवा खिलाई जाएगी। एमडीए कार्यक्रम में स्थानीय आशा कर्मियों द्वारा पहले तीन दिन स्थानीय स्कूलों में उपस्थित बच्चों को और उसके बाद घर-घर जाकर दवा खिलाई जाएगी। लगातार पांच वर्ष तक एमडीए कार्यक्रम के तहत दवा सेवन करने से लोग फाइलेरिया ग्रसित होने से सुरक्षित रह सकते हैं।

Leave a Comment

[democracy id="1"]
Translate »