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कायाकल्प योजना के तहत जिले के 08 स्वास्थ्य केंद्रों को मिला पुरस्कार

पूर्णिया, बिहार दूत न्यूज।

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कायाकल्प कार्यक्रम अंतर्गत राज्य अवार्ड कमिटि से वर्ष 2023-24 हेतु पुरस्कृत होने वाले स्वास्थ्य संस्थाओं के नाम की घोषणा कर दी गई है। इसमें पूर्णिया जिले के 03 प्रखंड स्वास्थ्य केंद्रों के साथ जिले के 05 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को कायाकल्प योजना के तहत बेहतर अस्पताल के लिए चिन्हित किया गया है।

इसमें नेशनल शहरी स्वास्थ्य मिशन के दूसरे क्लस्टर में पूर्णिया जिले के 05 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को पुरस्कृत किया गया है। इसमें शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (यूपीएचसी) पूर्णिया कोर्ट को 94.6 अंक के साथ विजेता, यूपीएचसी माता चौक को 92.5 अंको के साथ उपविजेता के अलावा यूपीएचसी माधोपाड़ा को 91.3 अंक, गुलाबबाग को 81.3 अंक और मधुबनी को 70.4 अंक के साथ सहारना पुरस्कार दिया गया है। इसके साथ साथ प्रखंड स्तर पर अनुमंडलीय अस्पताल बनबनखी (एसडीएच) को 78.5 अंक के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी) बैसा को 77.2 अंक और समुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी) कसबा को 75.7 अंक स्थान के साथ सराहना पुरस्कार प्राप्त हुआ है। इन सभी अस्पतालों को मरीजों के लिए उपलब्ध विभिन्न मापदंडों के सफल प्रबंधन के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा विजेता, उपविजेता और सराहना पुरस्कार के रूप में सहायता राशि प्रदान की जाएगी । इसमें से कुछ राशि अस्पताल कर्मियों को तथा शेष राशि अस्पताल में कायाकल्प अंतर्गत चिह्नित कमियों को दूर करने के लिए किया जाएगा।

अस्पताल में विभिन्न मापदंडों के आधार पर 70 अंक से अधिक लाने पर किया जाता है पुरस्कृत :

सिविल सर्जन डॉ अभय प्रकाश चौधरी ने बताया कि कायाकल्प योजना के तहत अस्पताल में विभिन्न मापदंडों के आधार पर 70 अंक से अधिक अंक लाने वाले अस्पतालों को राज्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा पुरस्कृत किया जाता है। नेशनल शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की सूची में पांच अस्पतालों के साथ समुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की श्रेणी में जिले के तीन प्रखंड अस्पतालों को चिन्हित किया गया है। इसके तहत उन्हें सहायता राशि प्रदान किया जाएगा जिससे कि वहां के स्वास्थ्य कर्मियों को पुरस्कृत करते हुए उस अस्पताल का और विकास किया जा सके। प्राप्त राशि के आधार पर कायाकल्प योजना के तहत अस्पताल में चिह्नित कमी को भी दूर करने का कार्य किया जाएगा। सिविल सर्जन ने बताया कि सभी अस्पतालों को सुचारू रूप से संचालित करने में स्वास्थ्य चिकित्सकों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उनके योगदान के कारण अस्पताल को विभिन्न योजना के तहत बेहतर रैंकिंग प्राप्त होता है। इसके लिए उन सभी अस्पताल कर्मियों का प्रयास सराहनीय है।

विजेता यूपीएचसी पूर्णिया कोर्ट को पुरस्कार के रूप में मिलेगा 02 लाख रुपए :

सिविल सर्जन डॉ. अभय प्रकाश चौधरी ने बताया कि कायाकल्प योजना के तहत अस्पताल में मरीजों के लिए उपलब्ध सुविधाओं के आधार पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा आंकलन के आधार पर अंक दिया जाता है। इसके तहत 70 अंको से अधिक अंक प्राप्त किये हुए अस्पतालों को अंको के आधार पर रैंकिंग करते हुए संस्थान को सहायता राशि प्रदान की जाती है। इसमें नेशनल शहरी स्वास्थ्य मिशन के तहत विजेता यूपी
एचसी पूर्णिया कोर्ट को 02 लाख रुपया की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। उपविजेता यूपीएचसी माता चौक को 01.50 लाख रुपया और अन्य यूपीएचसी को सराहना राशि के रूप में 50 हजार रुपया की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। प्रखंड स्तर पर समुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की श्रेणी में जिले के तीन अस्पतालों को 70 से अधिक अंक प्राप्त हुआ है। इसके तहत इन सभी तीन अस्पतालों को एसडीएच बनबनखी, सीएचसी कसबा और सीएचसी बैसा को कायाकल्प योजना के तहत सराहना राशि के रूप में 1-1 लाख रुपए की राशि प्रदान की जाएगी। कायाकल्प योजना के तहत दिए गए राशि में से 25 प्रतिशत का उपयोग अस्पताल के कर्मचारियों/स्टाफ के बीच प्रोत्साहन राशि के रूप में वितरण करने में किया जाएगा। शेष बची हुई 75 प्रतिशत राशि का उपयोग एनक्यूएएस तथा कायाकल्प योजना अंतर्गत चिह्नित कमियों को दूर करने में किया जाएगा।

कायाकल्प योजना के तहत आठ बिंदुओं पर तय होता है अस्पताल का अंक :

जिला सलाहकार, गुणवत्ता यकीन पदाधिकारी डॉ. अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं व रख-रखाव सहित कई अन्य तरह की सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा कायाकल्प योजना शुरूआत की गई है। योजना के तहत अधिकारियों द्वारा निरीक्षण के बाद आठ बिंदुओं पर अस्पताल का अंक तय होता है। सबसे ज्यादा अंक प्राप्त करने वाले दो जिला अस्पताल को प्रथम व द्वितीय पुरस्कार मिलता है। अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए विभाग ने लगभग 50 सुविधाओं पर फोकस किया है। जिसके तहत कुछ मुख्य सुविधाएं हाईजीनिक, बायो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट, रजिस्ट्रेशन काउंटर, हॉस्पिटल इंफेक्शन प्रिवेंशन मैनेजमेंट रिकॉर्ड कीपिंग, मेडिसन डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम, मरीजों से स्टाफ का व्यवहार, स्पोर्ट सर्विस, मरीजों से फीडबैक व अन्य गतिविधियां शामिल हैं। इसके आधार पर अस्पतालों को अंक देते हुए उसमें चिन्हित कमियों को दूर करने का निर्देश दिया जाता है। उन्होंने बताया कि जिले के सभी अस्पतालों को कायाकल्प योजना के तहत मिले रैंकिंग में सिविल सर्जन डॉ अभय प्रकाश चौधरी के साथ आरपीएफ कौशर इकबाल, डीपीएम सोरेंद्र कुमार दास, डीपीसी डॉ. सुधांशु शेखर, डीएमएनई आलोक कुमार, सहित डेवलपमेंट पार्टनर यूनिसेफ के शिव शेखर आनंद, पिरामल फाउंडेशन (स्वास्थ्य) एवं अन्य सहयोगी डेवलपमेंट पार्टनर की भी अहम भूमिका रही है।

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