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समस्तीपुर पुलिस को मिली बड़ी सफलता कुख्यात अन्तराष्ट्रीय अपराधी रमेश ठाकुर समेत गिरोह के सदस्य को किया गिरफ्तार

बिहार दूत न्यूज़, समस्तीपुर

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इन दिनों पुलिस कप्तान विनय तिवारी के द्वारा जिला भर में अपराधियों के बिरूद्ध विशेष ऑपरेशन चल रहा है, उसी कड़ी में जिला पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी कल्याणपुर, चकमेहसी एवं आस – पास के थाना क्षेत्रों में दहशत का पर्याय बन चुका कुख्यात अन्तराष्ट्रीय अपराधी रमेश ठाकुर उर्फ शंकर ठाकुर को जिला पुलिस की विशेष टीम के द्वारा गिरफ्तार किया गया।

ताया जाता है कि वर्ष 2011/2012 में नेपाल में सोना एवं लाखों रूपये लूटने के तीन मामले में सजायाफ्ता था रमेश ठाकुर 06 साल काठमाण्डू जेल में बंद रहा । पुलिस को हरियाणा के मिवाडी एक्सिस बैंक लूट, धनबाद एवं जमशेदपुर बैंक लूट सहित कई मामलों में पुलिस को थी वर्षों से तलाश । नेपाल के विराटनगर एवं सीमावर्ती क्षेत्र में छिपकर देश के कई राज्यों में लूट की घटना को देता था अंजाम । रमेश ठाकुर नेपाल में रहकर कल्याणपुर, चकमेहसी थाना क्षेत्र में कई व्यवसायियों से रंगदारी मांगने, हत्या एवं लूट के कई मामले में था वांछित । पुलिस ने रमेश ठाकर के पास से एक 7.62 एम.एम. का देशी पिस्टल, 04 जिन्दा गोली और 3.5 कि०ग्रा० गांजा बरामद किया । गिरफ्तार रमेश ठाकुर के निशानदेही पर उसके कुल चार सहयोगियों को भी दो देशी कटटा, एक देशी पिस्टल, 01 एकनाली बंदूक, मोबाईल, मोटर साईकिल के साथ किया गया गिरफ्तार । घटना के सम्बन्ध में बताया जाता है कि कल्याणपुर एवं चकमेहसी थाना क्षेत्र में दहशत का पर्याय बना रमेश ठाकुर आये दिन क्षेत्र के व्यवसायियों से रंगदारी की मांग कर रहा था तथा क्षेत्र में आकर चौक – चौराहों पर गोली फायरिंग कर स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बनाये हुए था । रमेश ठाकुर पूर्व में कई हत्या, लूट, रंगदारी मामले में वांछित था । रमेश ठाकुर भारत – नेपाल बोर्डर पर रहकर अपने अपराधी सहयोगियों के साथ मिलकर देश के विभिन्न राज्यों में लगातार घटनाओं को अंजाम दे रहा था । रमेश ठाकुर की गिरफ्तारी हेतु समस्तीपुर जिला पुलिस लगातार प्रयास कर रही थी लेकिन हर बार वह भागने में सफल हो जा रहा था तथा नेपाल में रहने के कारण वह पुलिस की नजरो से बचा हुआ था । रमेश ठाकुर की गिरफ्तारी हेतु कुल तीन लाख की ईनाम की राशि का प्रस्ताव भी राज्य सरकार को भेजा गया है । इन सभी घटनाओं को लेकर समस्तीपुर पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी के द्वारा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (सदर) संजय कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया । साथ ही उक्त टीम में कई थानों की टीम, डीआईयू शाखा की टीम को शामिल किया गया था । इस घटना के उद्भेदन के लिए बीआईयू की टीम लगातार रमेश ठाकुर एवं उसके सभी सहयोगियों की गतिविधियों पर नजर रखे हुई थी तथा लगातार मानवीय एवं तकनीकी आसूचनायें संग्रह की जा रही थी । इस क्रम में ज्ञात हुआ कि रमेश ठाकुर नेपाल के विराटनगर इलाके में रहकर समस्तीपुर जिला एवं आस – पास के जिला में अपराधिक घटना को अंजाम दे रहा है । साथ ही इसके गिरोह के मुख्य सदस्य जेल में बंद पुल्लु सिंह एवं फरार रविन्द्र सहनी, रम्मी सिंह उर्फ रविरंजन सिंह से लगातार सम्पर्क में रहकर देश के विभिन्न राज्यों में घटना कर रहा है, साथ ही कल्याणपुर, चकमेहसी थाना क्षेत्र के स्थानीय अपराधिक सहयोगियों से सम्पर्क कर क्षेत्र के व्यवसायियों से लगातार रंगदारी की मांग कर रहा है । रमेश ठाकुर बीच – बीच में समस्तीपुर आकर चौक – चौराहों पर गोली फायरिंग कर स्थानीय लोगों में काफी दहशत का माहौल बनाकर पुनः नेपाल चला जाता था । लोगों में प्रायः यह सूचना मिल रही थी कि रमेश ठाकुर कई स्थानीय छोटे – बड़े कारोबारियों से रंगदारी के रूप में अच्छी खासी रकम वसूल रहा था । लोग उसके भय से बिना पुलिस को सूचना दिये रंगदारी के रूप में राशि को रमेश ठाकुर तक विभिन्न माध्यमों से पहुँचा रहे थे । इसी क्रम में समस्तीपुर पुलिस के विशेष टीम को सूचना मिली कि दिनांक 16 जनवरी 2024 को रमेश ठाकुर को कल्याणपुर थाना क्षेत्र में देखा गया है । इस सूचना पर विशेष टीम के द्वारा रमेश ठाकुर को संध्या के समय में एक देशी लोडेड पिस्टल और गांजा के साथ गिरफ्तार किया गया । गिरफ्तार रमेश ठाकुर ने पुछ – ताछ करने पर समस्तीपुर जिला में घटित कई लूट, हत्या, रंगदारी सहित बिहार राज्य के कई जिलों, झारखंड, हरियाणा एवं नेपाल में कई लूट की घटनाओं में अपनी संलिप्ता को स्वीकार किया । रमेश ठाकुर ने बताया कि उसके कहने पर रात्रि में ही उसके कई अपराधिक साथी गोपालपुर बांध के पास गांछी में पुराने मंदिर पर अपराधिक घटना को अंजाम देने के लिए एकत्रित हुए है । इस सूचना पर पुनः पुलिस के विशेष टीम के द्वारा बीते रात्रि रमेश ठाकुर के कुल चार सहयोगियों को दो देशी कट्टा, एक देशी पिस्टल, 01 एकनाली बंदूक, मोबाईल एवं मोटर साईकिल के साथ गिरफ्तार किया । गिरफ्तार रमेश ठाकुर ने बताया कि उसे कई थानों की पुलिस लगातार खोज रही थी इस कारण वह नेपाल में रहकर ही अपने रिश्तेदार सहयोगी मंजय ठाकुर, ग्राम – मधुबानी, जिला – सुपौल के मोबाईल का प्रयोग कर अपने गिरोह को संचालित कर लोगों से लगातार रंगदारी की मांग कर रहा था जिसमें रमेश ठाकुर का सहयोगी लदौड़ा निवासी विमलेश सिंह और करुआ निवासी मणिभूषण कुमार स्थानीय व्यवसायियों का मोबाईल नम्बर रमेश ठाकुर को उपलब्ध कराता था तथा उसकी गतिविधि की सारी जानकारी रमेश ठाकुर को उपलब्ध कराता था । विमलेश सिंह एवं मणिभूषण कुमार पुलिस की भी गतिविधि की जानकारी रमेश ठाकुर को उपलब्ध कराते रहता था । ग्राम सुमनाहा निवासी किशन कुमार और रंजीत ठाकुर, ग्राम मिल्की निवासी सुजीत कुमार तथा टारा चौक निवासी रंजन ठाकुर एवं अन्य कई लोग रमेश ठाकुर को संरक्षण देने, अपराधिक घटनाओं को अंजाम देने एवं रंगदारी के रूप में वसूले गये रूपयों को रमेश ठाकुर तक पहुँचाता था ।

रमेश ठाकुर के घटना का विवरण :

वर्ष 2011-2012 में नेपाल में घटित तीन बड़े लूट की घटना में शामिल रमेश ठाकुर करीब छह साल काठमाण्डू के तिरुपुरेश्वर जेल में बंद रहा । दिनांक-14.01.2023 को चकमेहसी थानान्तर्गत मालीनगर उच्च विद्यालय के मैदान में क्रिकेट मैच खेलने के दौरान अपने साथी लक्ष्मण सहनी एवं शेखोपुर निवासी आलोक कुमार के साथ प्रशांत कुमार उर्फ मणि सिंह पर की गई गोलीबारी की घटना में शामिल। वर्ष 2021 में शमशेर हत्या कांड एवं देवीलाल हत्या कांड में वांछित था । वर्ष 2023 में करूआ निवासी डॉ० जितेन्द्र एवं कल्याणपुर के ज्योति ज्वेलर्स के संचालक साधू कुमार के साथ मांगी गई रंगदारी की घटनाओं का उद्दभेदन किया गया । वर्ष 2021 में सकरा थाना, मुजफ्फरपुर में सी०एस०पी० संचालक के साथ की गई लूट-पाट एवं हत्या सहित कुल चार लूट के मामलों में रमेश ठाकुर वांछित था । वर्ष 2022 में धनबाद में हुये मुल्युट फाईनेन्स गोल्ड लूट, जमशेदपुर में हुई बैंक लूट तथा हरियाणा के मियाडी में हुई एक्सिस बैंक में लूट की घटना में रमेश ठाकुर वांछित था । इसके अतिरिक्त रमेश ठाकुर के अपराधिक इतिहास एवं अन्य कांडों में संलिप्ता के संबंध में पता लगाया जा रहा है तथा रमेश ठाकुर के गिरोह के प्रमुख सदस्य पुल्तु सिंह, रविरंजन सिंह उर्फ रम्मी सिंह, संवेन्द्र सहनी, हनी राय एवं अन्य अपराधकर्मियों से उसके अपराधिक संबंध में छानबीन की जा रही है ।

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