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राजनीतिक लड़ाई लड़े, नौकरी और रोजगार देने के कार्य को बाधित न करें: प्रो. मनोज कुमार झा

पटना, बिहार दूत न्यूज।

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राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता प्रो0 मनोज कुमार झा ने कहा कि बिहार में बदल रही घटनाक्रम से आप सभी वाकिफ हैं कि किस तरह से रोजगार और नौकरी देने वाले सरकार को समाप्त करने के दिशा में साजिश की गई। किस दबाव, डर, खौफ और प्रभाव से आप निकल गये ये सब जानते हैं। राजनीतिक लड़ाई लड़े लेकिन रोजगार और नौकरी को बाधित न करे।
इन्होंने कहा कि बिहार में 9 अगस्त, 2022 को महागठबंधन की सरकार बनने से पहले तेजस्वी जी की शर्त थी कि बिहार में नौकरी और रोजगार का जो संकल्प है और राष्ट्रीय जनता दल की घोषणा पत्र में जो बातें हैं उसे हमें पूरा करना है और उस दिशा में सरकार पहल करेगी। आज उसी का परिणाम है कि बिहार की चर्चा इस बात पर हो रही है कि तेजस्वी जी संकल्प के अनुसार लाखों नौजवानों को नौकरी दी गई और जो काम 17 वर्षों में एनडीए की सरकार ने नहीं किया उसे 17 महीने में तेजस्वी प्रसाद यादव ने अपने संकल्पो और कार्यों से पूरा किया।
श्री झा ने आगे कहा कि सरकारें बनती हैं युवाओं के रोजगार, आम लोगों के बेहतर चिकित्सा, शिक्षा, सड़क, विकास और गरीबों के चेहरे पर मुस्कान के लिए न कि मंदिर-मस्जिद और गुरूद्वारे के निर्माण के लिए।
इन्होंने कहा कि बिहार में स्वास्थ्य विभाग के द्वारा एक लाख पैंतीस हजार को नौकरीदेने की प्रक्रिया स्वास्थ्य मंत्री श्री तेजस्वी प्रसाद यादव ने अपने स्तर से पूरी कर ली थी। जिसे दो महीने के अन्दर में पूरा किया जाये।
इन्होंने एक लाख और शिक्षकों की नियुक्ति को 30 से 40 दिनों के अन्दर पूरा करने के साथ-साथ गृह विभाग, सहकारिता विभाग, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग सहित अन्य विभागों के लिए जो रिक्तियां चिन्हित की गई थी उन सभी को ससमय पूरा किया जाय।
इन्होंने कहा कि आशा और ममता के मानदेय बढ़ाने का प्रस्ताव दो कैबीनेट की बैठक में रोक दिया गया जबकि स्वास्थ्यमंत्री के रूप में तेजस्वी जी ने इस पर हस्ताक्षर कर दिये हैं। ममता और आशा के मानदेय को जल्द से जल्द लागू किया जाये। बिहार के युवाओं में हताशा और निराशा का माहौल है क्योंकि नौकरी और रोजगार देने वाली सरकार अब नहीं है।
इन्होंने कहा कि बिहार में खेल को बढ़ावा देने के लिए मोइनुलहक स्टेडियम सहित अन्य जिलों में स्टेडियम सहित खिलाडि़यों के लिए प्रोत्साहन योजना चलायी गई है उसे शीघ्र पूरा किया जाये। साथ हीं बेहतर अस्पताल के निर्माण और अस्तपताल की व्यवस्था हो इस दिशा में सरकार कार्यों को देखे और उसे पूरा करे। इन्होंने आगे कहा कि अधिकारियों पर निर्भर रहने वाली सरकार को ये देखना चाहिए कि अधिकारी आप से वैसे फैसले करा लेते हैं जो सरकार और आम लोगों के बीच फासले बढ़ाते हैं। अफसरो पर निर्भरता जनता के हित में नहीं होता है।
इन्होंने कहा कि तेजस्वी जी के संकल्प के मुताबिक बिहार में जातीय गणना हुई, हमने आंकड़ों को लोगों के सामने लाया और उसी आधार पर आरक्षण का दायरा बढ़ाकर 75 प्रतिशत किया गया है जिसको नौवीं अनुसूचि में शामिल कराने के लिए केन्द्र सरकार के पास प्रस्ताव भेजा गया लेकिन संकीर्ण सोच के कारण केन्द्र सरकार इसे पूरा नहीं कर रही है। जातिगत जनगणना के लिए लालू जी और तेजस्वी जी ने जो पहल की उसे राष्ट्रीय स्तर पर कांगे्रस और डीएमके ने भी समर्थन देकर इसे आगे बढ़ाया। सभी को पता है कि जातिगत जनगणना में पेंच फंसाने के लिए किस-किस तरह के कार्य भाजपा के द्वारा किये गये।
इस अवसर पर संवाददाता सम्मेलन में राष्ट्रीय महासचिव श्री श्याम रजक, प्रदेश के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष श्री वृषिण सिंह पटेल ,राष्ट्रीय प्रवक्ता डाॅ0 करूणा सागर, प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद, डाॅ0 अजय कुमार सिंह, चितरंजन गगन एवं प्रदेश महासचिव अरूण कुमार यादव संजय कुमार यादव भी उपस्थित थे।

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