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चिराग पासवान को लगा झटका, दल के वरिष्ठ नेताओं ने लोकसभा में टिकट बेचने का आरोप लगाते हुए दिया सामुहिक इस्तीफा

बिहार दूत न्यूज, पटना।

एनडीए के घटक दल चिराग पासवान की जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को बड़ा झटका लगा है, जब पार्टी के प्रदेश संगठन सचिव ई. रविंद्र सिंह, पूर्व मंत्री पूर्व लोकसभा सदस्य एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेणु कुशवाहा, पूर्व विधायक एवं राष्ट्रीय महासचिव सतीश कुमार समेत कई नेताओं ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। इस दौरान इन नेताओं ने चिराग पासवान पर लोकसभा चुनाव के दौरान टिकट बेचने का आरोप भी लगाया और कहा कि जब आपके परिवार से लेकर पार्टी और सहयोगी दल भाजपा ने आपका साथ छोड़ दिया था, तब हम लोगों के जैसे सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने खून-पसीने से इस पार्टी को सींचा। हमने चिराग पासवान के विजन पर भरोसा कर दिन-रात अपनी पार्टी को आगे बढ़ाने के लिए काम किया । उन्होंने कहा कि पार्टी के हजारों कार्यकर्ताओं के ही मेहनत का फल था कि एनडीए गठबंधन को सीट शेयरिंग में लोजपा (रा) को पांच लोकसभा सीट देने पर मजबूर होना पड़ा। लेकिन, टिकट वितरण में जिस तरह से पार्टी के कार्यकर्ताओं की भावनाओं, उनके खून-पसीने के मेहनत को रौंद दिया गया, वह हतप्रभ कर देने वाला है। पार्टी के किसी कार्यकर्ता को लोकसभा चुनाव में टिकट नहीं दिया गया। 12 जून 2021 को हमारी पार्टी को तोड़ने में सबसे अहम भूमिका सांसद श्रीमती वीणा देवी ने निभायी थी। सर्वज्ञात है कि श्री पशुपति कुमार पारस के नेतृत्व में जिन पांच सांसदों ने पार्टी को तोड़ा था, उनकी सारी बैठक श्रीमती वीणा देवी के आवास पर होती थी।

ई. रविंद्र सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि श्रीमती वीणा देवी ने 12 जून 2021 को पार्टी में टूट के बाद चिराग पासवान के ही खिलाफ कैसी आपत्तिजनक बयानबाजी की थी। वे तब कह रही थी कि चिराग पासवान ने विधानसभा चुनाव में टिकट बेचा था। सांसद वीणा देवी ने हमलोगों के आदर्श पुरूष स्व. रामविलास पासवान के निधन को लेकर भी काफी अमर्यादित टिप्पणियां की थी। लोकसभा चुनाव में टिकट बंटवारे के दो दिन पहले तक चिराग खुद कह रहे थे कि गद्दारों को टिकट नहीं दिया जायेगा।लेकिन उन्होंने ही न सिर्फ वीणा देवी को पार्टी का टिकट दिया बल्कि मीडिया में आकर उन्हें टिकट से पुरस्कृत करने को सही फैसला बताया, हमलोगों को स्तब्ध कर दिया है । ई. रविंद्र सिंह ने आगे कहा कि समस्तीपुर और खगड़िया में भी पार्टी के कार्यकर्ताओं की भावनाओं को रौंद दिया गया। बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी की बेटी सुश्री सांभवी चौधरी लोजपा (रामविलास) की प्राथमिक सदस्य भी नहीं हैं। उनके पिता लगातार पिछले 4 साल से आपके खिलाफ निचले स्तर की बयानबाजी करते आये हैं। इन तमाम बातों को दरकिनार कर श्रीमती शांभवी चौधरी को समस्तीपुर से पार्टी का टिकट दे दिया गया । खगड़िया से पार्टी का टिकट देने में भी ऐसा ही किया गया। राजेश वर्मा किसी दौर में लोजपा (रा) के भागलपुर जिलाध्यक्ष हुआ करते थे, लेकिन जब उनसे पार्टी का काम करने को कहा गया तो उन्होंने पद छोड़ दिया था। ऐसे व्यक्ति को खगड़िया से लोकसभा का उम्मीदवार बना दिया गया ।
चिराग पासवान से दिशा निर्देश मांगा गया था कि कैसे क्षुब्ध और आक्रोशित कार्यकर्ताओं के साथ साथ आम लोगों को जवाब दिया जाये। लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। ऐसी स्थिति में हमलोगों का मानना है कि लोजपा (रामविलास) में वही व्यक्ति रह सकता है, जिसके पास पैसा हो और उस पैसे के दम पर टिकट खरीदने की क्षमता हो। इसलिए हमलोग लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के पद और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं।

बताया गया कि पार्टी और सदस्यता से त्याग पत्र देने वालों की सूची में : –

1. रेणु कुशवाहा, पूर्व मंत्री पूर्व लोकसभा सदस्य एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष

2. सतीश कुमार, पूर्व विधायक एवं राष्ट्रीय महासचिव

3. इं० रविन्द्र सिंह, प्रदेश संगठन सचिव

4. अजय कुशवाहा, मुख्य पार्टी विस्तारक

5. संजय सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष

6. राजेश डांगी, प्रदेश महा‌सचिव

7. डॉ० सुधीर प्र० यादव, कला संस्कृति एवं क्रिड़ा खेल प्रकोष्ठ अध्यक्ष ।

8. डॉ० अजय कु० यादव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष।

9 प्रो० विनित सिंह प्रदेश प्रवक्ता

10. रजन पासवान प्रदेश सचिव

11. अवध बिहारी कुशवाहा प्रदेश सचिद

12. संजय लाल, प्रदेश सचिव

13. विपीन पटेल, प्रदेश संधिय

14. शंभू पहाड़िया, प्रदेश सचिव अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ ।

15. शैलेन्द्र कुमार, राज्य कियान प्रकोष्ठ ।

16. अशोक मंडल, राज्य उपाध्यक्ष अतिपिछडा प्रकोष्ठः।

17. अजीत कुशवाहा, प्रदेश महासचिव युवा प्रकोष्ठ।

18. राज सिन्हा, प्रदेश महासचिव युवा प्रकोष्ठ ।

19. अभिनव पटेल, सचिव प्रदेश युवा प्रकोष्ठ ।

20. सुरेन्द्र सिंह, चंद्रवंशी राज्य उपाध्यक्ष अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ ।

21. चितरंजन कुमार प्रदेश महासचिव

22. रंजीत कुशवाहा हैं ।

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