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सुरक्षित प्रसव के लिए सरकारी अस्पताल में बढ़ रहा लोगों का भरोसा, अस्पताल में सिजेरियन से अधिक सामान्य प्रसव

पूर्णिया, बिहार दूत न्यूज।

गर्भवती महिलाओं और होने वाले बच्चों के बेहतर स्वास्थ के लिए अब लोगों का भरोसा सरकारी चिकित्सकों पर ज्यादा हो गया है। लोग बच्चों का जन्म विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में ही करवाते हैं। प्रसव पीड़ा के दौरान अगर गर्भवती महिला की स्थिति जटिल हो और उन्हें सिजेरियन करवाने की आवश्यकता हो तो ज्यादातर लोग सरकारी अस्पताल में पहुंचना पसंद करते हैं। इसके लिए मुख्य रूप से लोगों का भरोसा राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (जीएमसीएच) पर बढ़ गया है। यहां पूर्णिया जिला ही नहीं बल्कि आसपास के जिलों से भी लोग सिजेरियन प्रसव के लिए उपस्थित होते हैं। इसके लिए जीएमसीएच में हमेशा विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध करते हैं जिससे कि लोगों को आसानी से बिना खर्च के सिजेरियन प्रसव सुविधा का लाभ मिलता है।

वित्तीय वर्ष 2023-24 में सरकारी अस्पताल में हुआ 878 सिजेरियन प्रसव :

स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्राप्त आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2023-24 में पूर्णिया जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में 83 हजार 890 महिलाओं का सुरक्षित प्रसव हुआ है। इसमें से 83 हजार 012 गर्भवती महिलाओं का अस्पताल में सामान्य प्रसव कराया गया है। सरकारी अस्पताल में वित्तीय वर्ष 2023-24 में सरकारी अस्पताल में जटिल स्थिति में रहने वाली 878 गर्भवती महिलाओं का ही सिजेरियन विधि से प्रसव कराया गया है। इसमें भी सबसे ज्यादा सिजेरियन प्रसव जिला मुख्यालय में संचालित राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (जीएमसीएच) में में कराया गया है। वर्ष 2023-24 में 799 सिजेरियन प्रसव जीएमसीएच में ही करवाया गया है। इसके अलावा सरकारी अस्पतालों में सिजेरियन की व्यवस्था अनुमंडलीय अस्पताल धमदाहा और अनुमंडलीय अस्पताल बनमनखी (एसडीएच) में है। वर्ष 2023-24 में एसडीएच धमदाहा में 75 और बनमनखी में सिर्फ 04 सिजेरियन प्रसव करवाये गए हैं। सभी सिजेरियन प्रसव अस्पताल में उपस्थित महिला विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा करवाया गया है जिससे सभी महिला और बच्चे सुरक्षित पाए गए हैं।

सिजेरियन प्रसव के लिए सरकारी अस्पताल में उपलब्ध है सभी तकनीकी सुविधा :

जटिल गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित प्रसव के लिए जिला मुख्यालय में संचालित जीएमसीएच के साथ साथ दूरस्थ क्षेत्रों में एसडीएच धमदाहा और बनमनखी में सभी तकनीकी सुविधा उपलब्ध है। इससे लोगों का भरोसा सरकारी अस्पतालों में ज्यादा हो रहा है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में सरकारी अस्पतालों में सिर्फ 878 सिजेरियन प्रसव करवाये गए हैं जबकि पंजीकृत प्राइवेट अस्पतालों में इसकी संख्या 03 हजार 899 दर्ज की गई है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में भी सिर्फ अप्रैल महीना खत्म हुआ है और इसमें ही पूर्णिया जिले में कुल 05 हजार 593 संस्थागत प्रसव दर्ज हुआ है। इसमें से जीएमसीएच में 49 और एसडीएच धमदाहा में 03 महिलाओं का सिजेरियन प्रसव कराया गया है। सरकारी अस्पतालों में सिजेरियन प्रसव जटिल गर्भवती महिलाओं का विशेषज्ञ महिला चिकित्सकों की निगरानी में ही निःशुल्क कराया जाता है। सिजेरियन प्रसव के लिए सरकारी अस्पतालों में सभी तकनीकी सुविधा उपलब्ध है जिससे कि गर्भवती महिला और होने वाला बच्चा बिल्कुल स्वास्थ और सुरक्षित रह सकें। अस्पताल में प्रसव व्यवस्था को देखते हुए लोगों का भरोसा भी सरकारी अस्पताल में बढ़ रहा है और ज्यादा से ज्यादा लोग इसका लाभ उठा रहे हैं।

सामान्य प्रसव के लिए गर्भवती महिलाओं का प्रसव पूर्व जांच आवश्यक :

सिविल सर्जन डॉ ओ पी साहा ने कहा कि गर्भवती महिलाओं और होने वाले बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए घरवालों को शुरुआत से ही इसका ख्याल रखने की जरूरत है। इसके लिए सभी अस्पतालों में प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) सुविधा उपलब्ध है। इसके साथ साथ लोगों को बेहतर प्रसव पूर्व जांच के लिए सभी अस्पतालों में माह के दो दिन विशेष जांच व्यवस्था चलाई जाती है जिससे कि ज्यादा से ज्यादा गर्भवती महिला जांच सुनिश्चित कर सके। इस दौरान जटिल गर्भवती महिलाओं को चिन्हित करते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा उनका विशेष खयाल रखा जाता है। सभी गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व जांच के दौरान उनके और होने वाले बच्चे शारीरिक स्थिति के साथ स्वास्थ्य की भी जानकारी दी जाती है। इस दौरान गर्भवती महिला को ज्यादा चिकित्सकीय सहायता के साथ बेहतर पोषण की भी जानकारी दी जाती है जिससे कि वे स्वस्थ रह सकें और सामान्य प्रसव सुविधा का लाभ उठा सकें।

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