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बिहार के यह जिला है एक, लोकसभा क्षेत्र तीन.. जानिए 

संजय भारती, समस्तीपुर।

बिहार का समस्तीपुर जिला एक ऐसा जिला है जो तीन लोकसभा क्षेत्रों का हिस्सा है। जिनमें उजियारपुर लोकसभा, समस्तीपुर लोकसभा एवं खगड़िया लोकसभा क्षेत्र आता है। लोकसभा 2024 का चुनाव सम्पन्न हो चुका है। अब मतगणना का चंद घंटे बचे हैं तो वहीं राजनैतिक गलियारे में हलचल तेज है । कई राजनैतिक दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर भी है। उजियारपुर लोकसभा से एनडीए गठबंधन से केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय हैं तो इण्डिया गठबंधन से बिहार सरकार के पूर्व मंत्री आलोक कुमार मेहता के बीच आमने सामने की लड़ाई है। तो वहीं समस्तीपुर सुरक्षित लोकसभा सीट से पहली बार चुनावी किस्मत आजमा रहे बिहार सरकार के दो वर्तमान वरिष्ठ मंत्री महेश्वर हजारी के पुत्र सन्नी हजारी इण्डिया गठबंधन के कांग्रेस उम्मीदवार हैं तो मंत्री अशोक चौधरी के पुत्री शाम्भवी चौधरी एनडीए गठबंधन के लोजपा (रा) की उम्मीदवार का आमने सामने का मुकाबला हैं, तो वहीं खगड़िया लोकसभा से पहली बार चुनावी मैदान में उतरे एनडीए गठबंधन लोजपा (रा) के उम्मीदवार राजेश वर्मा एवं इण्डिया गठबंधन के सीपीआई (एम) से उम्मीदवार संजय कुमार के बीच आमने सामने का मुकाबला है। वहीं राजनैतिक दल के कार्यकर्ता अपने अपने पक्ष को लेकर गणित मंथन बैठाकर अपने अपने प्रत्याशी को जीत सुनिश्चित के लिए माथापच्ची कर रहे हैं, यदि आप किन्हीं कारणों से इन राजनैतिक दलों के कार्यकर्ताओं से टकरा गए तो आपका घंटा दो घंटा इन राजनैतिक दल के कार्यकर्ता के लिए अनिवार्य हो जाता है, क्योंकि इन राजनैतिक दल के कार्यकर्ताओं को अपने अपने दल का जीत सुनिश्चित करने के लिए आकलन जो करना है। यदि आप अपना पिंड इन राजनैतिक दलों के कार्यकर्ताओं से छुड़ाना चाहते हैं तो इनके हॉं में हॉं मिलाकर चलते बनिए अन्यथा ये लोग आपका माथापच्ची तबतक करते रहेंगे जबतक ये लोग आपसे अपने पक्ष का नही सुन लेते हैं । यदि कोई तेजतर्रार लोग इन लोगों से टकरा जाते हैं तो इन राजनैतिक दलों के कार्यकर्ताओं का मनोभाव को समझते हुए इनके पक्ष का सुनाते हुए कहे पाये जाते हैं कि अरे अब आप काहे चिन्ता करते हैं बस कुछ घंटे सब्र किजिए मंगलवार को आपका मंगलमय होगा आपका ही पार्टी जितेगा.. कहते हुए किसी तरह इनलोगो से पल्ला झार कर आगे अपने काम को निकल जाते हैं। जबकि सच्चाई ये है कि 2024 लोकसभा के चुनाव में कुछ राजनैतिक दलों के कार्यकर्ताओं को छोड़कर आम मतदाता मतदान करने के बाद बिल्कुल साइलेंट हैं, आम मतदाता किसी भी रूप से चुप्पी तोड़ने को तैयार नही है । लेकिन दलीय कार्यकर्ता अपने अपने दल को विजयी बनाने से कभी पीछे नहीं हट रहे हैं, वहीं मतदाताओं का कहना है कि 4 जून मंगलवार तक सब्र किजिए उस दिन पता चल जायेगा कि आपका प्रत्याशी जीता या नहीं..। ऊंट किस करवट बैठेगा ये तो 4 जून मंगलवार को ही पता चलेगा कि लोकसभा चुनाव में जनता किस ओर करवट लेकर किन्हें संसद भवन भेजा है ।

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