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1962 के अस्तित्व में आये हसनपुर विधानसभा क्षेत्र से कई दिग्गज ने सफरनामा तय किया, बावजूद अब भी विकास से हैं मरहूम

संजय भारती, समस्तीपुर : बिहार के समस्तीपुर जिलान्तर्गत हसनपुर विधानसभा क्षेत्र के सर्वप्रथम विधायक दिवंगत महावीर राउत के अथक प्रयास से हसनपुर विधानसभा क्षेत्र पहली बार 1962 में अस्तित्व में आया था, लेकिन अब भी हसनपुर विधानसभा विकास के नाम पर काफी पीछे है।

हसनपुर विधानसभा से अबतक यादव जाति के ही विधायक बनते आ रहे हैं, चाहे वे जिस पार्टी या दल का हो यादव जाति के ही विधायक प्रतिनिधित्व करते आ रहे हैं। हसनपुर विधानसभा क्षेत्र से अब तक के प्रमुख विधायकों ने अपना सफरनामा तय किया है। जिनमें 1962 में हसनपुर विधानसभा क्षेत्र से सर्व प्रथम विधायक दिवंगत महावीर राउत ने राम पदारथ महतों को पराजित करते हुए विधायक बने, 1967 में बिहार विधानसभा के उपाध्यक्ष सह केबिनेट मंत्री गजेन्द्र प्रसाद हिमांशु ने महावीर राउत को पराजित करते हुए प्रथम बार विधायक बने, फिर पुनः 1969 में गजेन्द्र प्रसाद हिमांशु दुसरी बार साधुशरण यादव को पराजित करते हुए विधायक बने, पुनः 1972 में गजेन्द्र प्रसाद हिमांशु ने राजेन्द्र प्रसाद यादव को पराजित करते हुए तीसरी बार विधायक बने, पुनः 1977 में गजेन्द्र प्रसाद हिमांशु ने सत्यनारायण यादव को पराजित करते हुए चौथी बार विधायक बने, पुनः 1980 में गजेन्द्र प्रसाद हिमांशु ने प्रयाग चन्द्र मुखिया को पराजित करते हुए पांचवे बार विधायक बने। 1985 में पूर्व केबिनेट मंत्री दिवंगत राजेन्द्र प्रसाद यादव ने पांच बार के विधायक बने गजेन्द्र प्रसाद हिमांशु के जीत के रथ को रोकते हुए पहली बार विधायक बने। पुनः 1990 में गजेन्द्र प्रसाद हिमांशु ने राजेन्द्र प्रसाद यादव को पटकनी देते हुए छठी बार विधायक बने। 1995 में पूर्व विधानसभा के उपाध्यक्ष सह केबिनेट मंत्री गजेन्द्र प्रसाद हिमांशु के भतीजे सुनील कुमार पुष्पम् ने पूर्व केबिनेट मंत्री दिवंगत राजेन्द्र प्रसाद यादव एवं चाचा गजेन्द्र प्रसाद हिमांशु को पटकनी देते हुए पहली बार विधायक बने। पुनः 2000 में गजेन्द्र प्रसाद हिमांशु पूर्व मंत्री दिवंगत राजेन्द्र प्रसाद यादव को पटकनी देते हुए सातवीं बार विधायक बने। पुनः फरवरी 2005 में सुनील कुमार पुष्पम् लोजपा से चुनाव लड़े रामनारायण मंडल को पराजित करते हुए दुसरे बार विधायक बने, लेकिन लोजपा के संस्थापक रहे दिवंगत रामबिलास पासवान के ताला चावी के कारण बिहार विधानसभा भंग कर राष्ट्रपति शासन लग गया। पुनः अक्टूबर 2005 में सुनील कुमार पुष्पम् लोजपा के रामनारायण मंडल को पराजित करते हुए तीसरी बार विधायक बने। 2010 में राजकुमार राय ने तीन बार के विधायक सुनील कुमार पुष्पम् को पराजित करते हुए पहली बार विधायक बने। पुनः 2015 राजकुमार राय ने विनोद चौधरी को पटकनी देते हुए दुसरे बार विधायक बने। 2020 में बिहार के दो मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव एवं राबड़ी देवी के बड़े पुत्र तेजप्रताप यादव हसनपुर विधानसभा क्षेत्र से पहली बार चुनाव लड़े और उन्होंने दो बार के विधायक रहे राजकुमार राय को पटकनी देते हुए विधायक बनकर बिहार सरकार में मंत्री तक बने, बाबजूद हसनपुर विधानसभा विकास के नाम पर काफी पीछे है। 2025 बिहार विधानसभा को लेकर विभिन्न दलों के नेताओं का नाम चर्चा में अभी से ही चलना शुरू हो गया है। जिनमें एनडीए घटक में से भाजपा से हसनपुर प्रखंड के पूर्व प्रमुख सुभाषचंद्र यादव, पूर्व जिला परिषद के अध्यक्ष सुनीता सिंह तो जदयू से पूर्व मंत्री गजेन्द्र प्रसाद हिमांशु के पुत्रवधु मीनाक्षी हिमांशु, पूर्व विधायक राजकुमार राय, विमल कुमार जितेन्द्र तो लोजपा (रा) से अधिवक्ता रंजीत कुमार यादव का नाम जोरों पर है। तो दूसरी ओर महागठबंधन से राजद खेमे से विधायक तेजप्रताप यादव, तीन बार के विधायक रह चुके पूर्व विधायक सुनील कुमार पुष्पम् की धर्मपत्नी माला पुष्पम् , हसनपुर विधानसभा के सर्व प्रथम विधायक दिवंगत महावीर राउत के पौत्र ललन यादव, दो बार विधानसभा के चुनाव लड़ चुके रामनारायण मंडल, बिथान प्रखंड के पूर्व प्रमुख विभा देवी हैं, तो भीआईपी से बलवीर मुखिया, कांग्रेस से अधिवक्ता महेन्द्र यादव का नाम मुख्य रूप से चर्चा में चल रहा है।

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