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समस्तीपुर : जानिए 1962 के अस्तित्व में आये हसनपुर विधानसभा क्षेत्र का इतिहास

संजय भारती के ✍️ कलम से..

 

समस्तीपुर : समस्तीपुर जिलान्तर्गत 1962 के परिसीमन में रोसड़ा विधानसभा से दो बार के विधायक रह चुके दिवंगत महावीर राउत के अथक प्रयास से 1962 के परिसीमन में पहली बार अस्तित्व में आये कोशी, कमला, करेह, बागमती नदी से घिरे 103. हसनपुर विधानसभा क्षेत्र बना जिसमें महावीर राउत ने कांग्रेस से चुनाव लड़ कर राम पदारथ महतों को पराजित कर हसनपुर विधानसभा क्षेत्र के सर्व प्रथम विधायक बनने का सौभाग्य प्राप्त कर तीसरी बार बिहार विधानसभा पहुंचे। तो 1967 में बिहार सरकार के पूर्व केबिनेट मंत्री सह बिहार विधानसभा के उपाध्यक्ष गजेन्द्र प्रसाद हिमांशु विधानसभा का चुनाव लड़ कर महावीर राउत को पराजित कर पहली बार बिहार विधानसभा पहुंचे। तो 1969 में गजेन्द्र प्रसाद हिमांशु ने एसएसपी से चुनाव लड़ कर 27297 मत प्राप्त किया तो कांग्रेस के साधु शरण यादव ने 7585 मत प्राप्त किया। जिसमें गजेन्द्र प्रसाद हिमांशु ने साधु शरण यादव को 9595 से पराजित कर दूसरी बार विधायक बने। तो 1972 में एसएसपी के गजेन्द्र प्रसाद हिमांशु ने 23201 मत प्राप्त किया तो कांग्रेस के राजेन्द्र प्रसाद यादव ने 19798 मत प्राप्त किया। जिसमें गजेन्द्र प्रसाद हिमांशु ने राजेन्द्र प्रसाद यादव को 3403 मत से पराजित कर तीसरी बार विधायक बने। तो 1977 के नये परिसीमन में हसनपुर विधानसभा का क्षेत्र संख्या 102 हसनपुर विधानसभा किया गया। जिसमें 9 दिग्गजों ने जोर आजमाइश किया, जिसमें गजेन्द्र प्रसाद हिमांशु ने जनता पार्टी से चुनाव लड़ कर 17010 मत प्राप्त किया तो कांग्रेस के सत्यनारायण यादव ने 13986 मत प्राप्त किया तो सीपीआई के मकेश्वर प्रसाद यादव ने 6943 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय राम बहादुर सिंह ने 6417 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय कमरूल होदा रहमान 6000 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय राजेन्द्र प्रसाद यादव 4598 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय सचिदानंद प्रसाद सिंह 3229 मत प्राप्त किया तो जग्रनाथ महतों 1482 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय नंदे पासवान 1353 मत प्राप्त किया। जिसमें गजेन्द्र प्रसाद हिमांशु ने सत्यनारायण यादव को 3023 मत से पराजित कर चौथी बार विधायक बने। तो 1980 के चुनाव में 9 दिग्गजों ने जोर आजमाइश किया, जिसमें जनता पार्टी (सेक्युलर) के गजेन्द्र प्रसाद हिमांशु ने 27295 मत प्राप्त किया तो सीपीआई के प्रयाग चन्द्र मुखिया ने 24264 मत प्राप्त किया तो कांग्रेस के महेन्द्र यादव (अधिवक्ता) 12215 मत प्राप्त किया तो जनता पार्टी के श्रीकान्त लाभ 6271 मत प्राप्त किया तो भाजपा के जयगोपाल शर्मा 649 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय रामचन्द्र यादव 299 मत प्राप्त किया तो जेएनपी के अशर्फी यादव 256 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय चन्द्रशेखर प्रसाद सिंह 136 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय रामरतन यादव 117 मत प्राप्त किया। जिसमें गजेन्द्र प्रसाद हिमांशु ने प्रयाग चन्द्र मुखिया को 3031 मत से पराजित कर पांचवीं बार विधायक बने। तो 1985 के चुनाव में 11 दिग्गजों ने जोर आजमाइश किया, जिसमें कांग्रेस के राजेन्द्र प्रसाद यादव ने 27518 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय गजेन्द्र प्रसाद हिमांशु ने 20834 मत प्राप्त किया तो सीपीआई के प्रयाग चन्द्र मुखिया ने 19597 मत प्राप्त किया तो लोकदल के राम पदारथ यादव 3094 मत प्राप्त किया निर्दलीय रामनारायण यादव 1112 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय प्रमानंद ठाकुर 358 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय श्याम नंदन सिंह 336 मत प्राप्त किया तो राम सखा दास 298 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय उमानाथ मिश्रा 272 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय अशर्फी यादव 114 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय सत्यनारायण सहनी 93 मत प्राप्त किया। जिसमें लगातार पांच बार के विधायक बने गजेन्द्र प्रसाद हिमांशु के विजयी रथ को रोकते हुए राजेन्द्र प्रसाद यादव ने गजेन्द्र प्रसाद हिमांशु को 6684 मत से पराजित करते हुए पहली बार बिहार विधानसभा पहुँच कर केबिनेट में मंत्री बने। तो 1990 के चुनाव में 20 दिग्गजों ने जोर आजमाइश किया, जिसमें गजेन्द्र प्रसाद हिमांशु ने जनता दल से चुनाव लड़कर 57673 मत प्राप्त किया तो कांग्रेस के राजेन्द्र प्रसाद यादव ने 29663 मत प्राप्त किया तो सोसलिस्ट पार्टी के चन्द्र भूषण सहनी 2289 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय असलम अली 1212 मत प्राप्त किया तो लोकदल के शिरोमणि सिंह 735 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय श्याम मुरारी मिश्रा 499 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय विश्वनाथ पोद्दार 349 मत प्राप्त किया तो इंसाफ पार्टी के रजनीकांत झा 286 मत प्राप्त किया तो बीजेएस के अमरेश झा 271 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय श्याम नंदन राय 261 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय गोपाल जी मिश्रा 241 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय महेश्वर यादव 238 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय राजेश्वर प्रसाद 193 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय रामचन्द्र यादव 130 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय बांके सहनी 124 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय विनय कुमार विकल 119 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय संतोष कुमार 108 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय वासल असगर 78 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय लखन सहनी 40 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय हीरा सिंह 29 मत प्राप्त किया। जिसमें गजेन्द्र प्रसाद हिमांशु ने राजेन्द्र प्रसाद यादव को 28010 मत से पराजित किया। तो 1995 के विधानसभा चुनाव में 21 दिग्गजों ने जोर आजमाइश किया जिसमें सुनील कुमार पुष्पम् अपने चाचा पूर्व केबिनेट मंत्री गजेन्द्र प्रसाद हिमांशु से बगावत कर पहली बार हसनपुर विधानसभा से चुनाव लड़ा। जिसमें सुनील कुमार पुष्पम् जनता दल से चुनाव लड़कर 40410 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय राजेन्द्र प्रसाद यादव 14150 मत प्राप्त किया तो भारतीय प्रगतिशील पार्टी से अमल कुमार सिंह उर्फ अशर्फी सिंह ने 10620 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय गजेन्द्र प्रसाद हिमांशु 8087 मत प्राप्त किया तो समता पार्टी के गणेश मुखिया 6138 मत प्राप्त किया तो भाजपा के सती कान्त सहनी 5211 मत प्राप्त किया तो कांग्रेस के विभूति यादव 5185 मत प्राप्त किया तो समाजवादी जनता पार्टी के गंगा प्रसाद आजाद ने 3696 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय प्रयाग चन्द्र मुखिया 2651 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय मोहम्द दाउद 1427 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय रजनीकांत झा 649 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय सुरेन्द्र सुधांशु 532 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय सत्यनारायण यादव 499 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय वासल असगर 344 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय रामचन्द्र यादव 296 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय हरिलाल राम 286 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय ब्रजकिशोर प्रसाद 283 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय रामबदन मुखिया 182 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय रामकल्याण राय 129 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय सुरेन्द्र यादव 117 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय राम प्रकाश यादव 87 मत प्राप्त किया। जिसमें सुनील कुमार पुष्पम् ने राजेन्द्र प्रसाद यादव को 26260 मत से पराजित कर पहली बार बिहार विधानसभा पहुंचे। 2000 के विधानसभा चुनाव में 11 दिग्गजों ने जोर आजमाइश किया, जिसमें गजेन्द्र प्रसाद हिमांशु जदयू से चुनाव लड़कर 51273 मत प्राप्त किया तो राजद से चुनाव लड़कर राजेन्द्र प्रसाद यादव 48145 मत प्राप्त किया तो समाजवादी पार्टी के रंजीत कुमार यादव (अधिवक्ता) 2223 मत प्राप्त किया तो कांग्रेस के सीताराम यादव (अधिवक्ता) 1618 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय देवनारायण यादव 1421 मत प्राप्त किया तो शिवसेना के ब्रजकिशोर प्रसाद 1208 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय लक्ष्मी मल्लिक 976 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय राजा खान 762 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय उमेश यादव 411 मत प्राप्त किया तो बसपा के रमेश यादव 270 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय इन्द्रकान्त यादव 170 मत प्राप्त किया। जिसमें गजेन्द्र प्रसाद हिमांशु राजेन्द्र प्रसाद यादव को 3128 मत से पराजित कर सातवीं बार बिहार विधानसभा पहुंचे। तो फरवरी 2005 के विधानसभा चुनाव में 11 दिग्गजों ने जोर आजमाइश किया, जिसमें सुनील कुमार पुष्पम् राजद से चुनाव लड़कर 31397 मत प्राप्त किया तो लोजपा से पहली बार चुनाव लड़े रामनारायण मंडल उर्फ बच्ची मंडल ने 25092 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय जामुन पासवान 2265 मत प्राप्त किया तो बसपा के गंगा सागर ने 2187 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय दिनेश कुमार 1869 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय रामचन्द्र यादव 1862 मत प्राप्त किया तो सीपीआई के संतोष कुमार 1827 मत प्राप्त किया तो अपना दल के घुरन मुखिया 1645 मत प्राप्त किया तो सपा के सुरेन्द्र मोहन यादव 1382 मत प्राप्त किया तो कांग्रेस के प्रोफेसर शीला सिंह 1306 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय रजनीकांत 517 मत प्राप्त किया। जिसमें सुनील कुमार पुष्पम् रामनारायण मंडल को 6305 मत से पराजित कर दूसरी बार बिहार विधानसभा पहुंचे, लेकिन लोजपा सुप्रीम रामविलास पासवान के ताला चाबी के चक्कर में बिहार विधानसभा भंग कर राष्ट्रपति लगाया गया। पुनः अक्टूबर 2005 के चुनाव में 6 दिग्गजों ने जोर आजमाइश किया, जिसमें सुनील कुमार पुष्पम् राजद से चुनाव लड़कर 31553 मत प्राप्त किया तो लोजपा के रामनारायण मंडल उर्फ बच्ची मंडल ने 24115 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय इन्द्रकान्त 3592 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय रामलोचन मुखिया 3136 मत प्राप्त किया तो बसपा के गजेन्द्र प्रसाद 3003 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय राजेन्द्र प्रसाद 2606 मत प्राप्त किया। जिसमें सुनील कुमार पुष्पम् ने रामनारायण मंडल को 7438 मत से पराजित कर तीसरी बार बिहार विधानसभा पहुंचे। तो 2010 के विधानसभा चुनाव में नये परिसीमन में हसनपुर विधानसभा का क्षेत्र संख्या 140 हो गया, जिसमें 11 दिग्गजों ने जोर आजमाइश किया। जिसमें जदयू के राजकुमार राय 36767 मत प्राप्त किया तो राजद के सुनील कुमार पुष्पम् 33476 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय अर्जुन प्रसाद यादव 11479 मत प्राप्त किया तो शिवसेना के राजकुमार यादव 9995 मत प्राप्त किया तो सीपीएम के रघुवंश मुखिया 9345 मत प्राप्त किया तो कांग्रेस के आरिफ़ राजा 8819 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय सीताराम पंडित 1810 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय प्रमानंद साहु 1690 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय रविन्द्र कुमार गुप्ता 1349 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय अनिल दास 1217 मत प्राप्त किया तो बसपा के बच्चाबाबू यादव 746 मत प्राप्त किया। जिसमें राजकुमार राय ने तीन बार के विधायक बने सुनील कुमार पुष्पम् को 3291 मत से पराजित कर पहली बार बिहार विधानसभा पहुंचे। तो 2015 के विधानसभा चुनाव में 11 दिग्गजों ने जोर आजमाइश किया। जिसमें जदयू के राजकुमार राय ने 63094 मत प्राप्त किया तो रालोसपा के विनोद चौधरी ने 33494 मत प्राप्त किया तो जाप के सुनील कुमार पुष्पम् 19756 मत प्राप्त किया तो सीपीएम के गंगाधर झा 5589 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय जितेन्द्र कुमार यादव 4850 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय सुदीन यादव 3881 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय विन्देश्वरी प्रसाद सहनी 2231 मत प्राप्त किया तो सीपीआई के प्रयाग चन्द्र मुखिया 2211 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय मनोरंजन राय 1444 मत प्राप्त किया तो निर्दलीय रंजन कुमार 1402 मत प्राप्त किया तो बसपा के प्रवीण कुमार 1319 मत प्राप्त किया तो वहीं नोटा को 7471 मत मिला। जिसमें राजकुमार राय विनोद चौधरी को 29600 मत से पराजित कर दूसरी बार विधायक बने। तो 2020 के विधानसभा चुनाव में 16 दिग्गजों ने जोर आजमाइश किया, जिसमें नामांकन तकनीकी के कारण आपकी अपनी अधिकार पार्टी के सरिता देवी तो लोग जन पार्टी सेकुलर के चन्द्र मोहन कुमार तो दी प्लुरल्स पार्टी के प्रवीण कुमार सिंह तो युवा क्रांतिकारी पार्टी के सन्जर आलम तो समाजवादी जनता दल के इश नारायण राय तो निर्दलीय मोहम्द अबु अनसार तो निर्दलीय मोहम्द अयुब तो निर्दलीय गोपाल कुमार का नामांकन रद्द हो गया। जिसमें बिहार के दो पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव एवं राबड़ी देवी के बड़े पुत्र तेजप्रताप यादव ने पहली बार हसनपुर विधानसभा से राजद का उम्मीदवार बनकर 80991 मत प्राप्त किया तो जदयू के राजकुमार राय ने 59852 मत प्राप्त किया तो जाप के अर्जुन प्रसाद यादव ने 9892 मत प्राप्त किया तो लोजपा के मनीष कुमार 8797 मत प्राप्त किया तो आरएसडबल्यूडी के विरेन्द्र यादव ने 2593 मत प्राप्त किया तो राष्ट्रीय जन विकास पार्टी के भानू पंडित 2227 मत प्राप्त किया तो आईएनडी संजीव कुमार 1627 मत प्राप्त किया तो आम अधिकार मोर्चा के दिलीप कुमार मुखिया को 941 मत प्राप्त किया। जिसमें तेजप्रताप यादव ने दो बार के विधायक रहे राजकुमार राय को 21139 मत से पराजित कर बिहार विधानसभा पहुँच कर बिहार सरकार में केबिनेट मंत्री बनने का गौरव प्राप्त किया। मालुम हो कि हसनपुर विधानसभा क्षेत्र से कई दिग्गज राजनेताओं ने सफरनामा तय कर बिहार विधानसभा पहुँचें। बिहार सरकार के केबिनेट मंत्रीमंडल में शामिल होने का गौरव प्राप्त किया, बाबजूद हसनपुर विधानसभा क्षेत्र पिछड़ा इलाका के श्रेणी में ही शामिल है।

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