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खगड़िया: राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलहनीय 186 वादों का हुआ निष्पादन..

खगड़िया, बिहार दूत न्यूज।

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शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार, खगड़िया द्वारा व्यवहार न्यायालय, खगड़िया एवं अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय, गोगरी में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया और आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में प्रदर्शनी कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, खगड़िया श्री कुमुद रंजन सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय, गोगरी में इस कार्यक्रम का उद्घाटन अवर न्यायाधीश श्री राजीव कुमार ने किया। इस अवसर पर उपस्थित पक्षकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत में दोनों पक्ष की जीत होती है, राष्ट्रीय लोक अदालत में वकील पर खर्च नहीं होता है, कोर्ट फीस नहीं लगती है, किसी पक्ष को कोई सजा नहीं होती है, मुआवजा या हर्जाना तुरंत प्राप्त होता है, आसानी से न्याय प्राप्त होता है, फैसला अंतिम होता है और इसके खिलाफ कहीं अपील भी नहीं होती है। लोक अदालत में निष्पादित वादों के पश्चात समाज एवं परिवार में सामाजिक सौहार्द और भाईचारा स्थापित होता है।

इस अवसर पर जिलाधिकारी सह उपाध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, खगड़िया डॉक्टर आलोक रंजन घोष, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार खगड़िया श्री समरेंद्र गांधी, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी श्री ओम शंकर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री प्रमोद कुमार श्री अमित उपाध्याय श्री शरद चंद्र कुमार एवं अन्य न्यायिक पदाधिकारी गण उपस्थित थे। इस अवसर पर जिला विधिक संघ के सचिव श्री महेश सिंह, प्रभारी, जिला विधि शाखा सह वरीय उप समाहर्ता श्री राजन कुमार, प्रभारी सिस्टम पदाधिकारी श्री कर्मशील कुमार, कोर्ट मैनेजर श्री विपिन कुमार सहित सभी संबंधित बैंकों के अधिकारी, सभी पीएलवी, पैनल अधिवक्ता उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार श्री समरेंद्र गांधी ने किया। शुभारम्भ के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर पर बनाए गए विभिन्न न्याय पीठों का निरीक्षण किया। पिछले राष्ट्रीय लोक अदालत की तुलना में आज 50% से अधिक वादों का आपसी सुलह समझौते के आधार पर निष्पादन किया गया।

राष्ट्रीय लोक अदालत में सभी प्रकार के दीवानी व फौजदारी वादों को उपस्थापित किया गया। इसके अतिरिक्त बिजली, श्रम, टेलीफोन, नीलाम पत्र वाद, भू- अर्जन, बैंक से संबंधित मामले को न्याय पीठ के समक्ष रखा गया तथा आपसी सहमति के आधार पर वाद का निष्पादन किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में खगड़िया और गोगरी में सूचीबद्ध कुल 1618 मामलों में से 186 निष्पादित किए गए, जबकि मुकदमा पूर्व 1091 मामलों का शत प्रतिशत निष्पादन किया गया। ₹6,62,58,997 राशि समझौता के तहत जमा की गई।

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री समरेंद्र गांधी ने बताया कि लोक अदालत में मुकदमा पूर्व 1091 मामलों का शत प्रतिशत निष्पादन करते हुए ₹5,89,86,997 समझौता राशि जमा कराई गई। मुकदमा पूर्व 1091 में से 1077 मामले बैंक रिकवरी से संबंधित मामले थे, जबकि 14 मामले बीएसएनएल से संबंधित थे। बैंक रिकवरी से संबंधित 1077 मामले में ₹5,89,61,310 समझौता राशि के रूप में जबकि बीएसएनएल से संबंधित 14 मामले में ₹25687 समझौता राशि के रूप में जमा कराए गए।

आज आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न श्रेणियों में सूचीबद्ध कुल 1618 वादों में से 186 वाद निष्पादित किए गए। सर्वाधिक 1332 मामले अपराधिक शमनीय वाद से संबंधित थे, जिनमें से 132 वादों का निष्पादन किया गया।

मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण से संबंधित 118 में से 7 वादों का निष्पादन करते हुए ₹69,75,000 राशि जमा करवाया गया। विद्युत बिल से संबंधित 31 वादों में से 13 वादों का निष्पादन करते हुए ₹1,52,000 राशि जमा करवाई गई। माप-तौल से संबंधित 91 वादों में से 29 वादों को निष्पादित करते हुए ₹1,45,000 समझौता राशि जमा करवाया गया। वैवाहिक विवाद से संबंधित 32 वादों में से 5 वादों का निष्पादन करवाया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार व्यवहार न्यायालय खगड़िया में आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष में प्रदर्शनी कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया था। यह प्रदर्शनी राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण,नई दिल्ली के विभिन्न योजनाओं से संबंधित थी, जिसमें आम लोगों को विभिन्न विधिक संबंधी जानकारी दी गई। जागरूकता बढ़ाने हेतु विभिन्न विषयों पर कानून की जानकारी भी दी गई। लोगों को एसिड आक्रमण, यौन उत्पीड़न, मानव व्यापार, स्टॉकिंग आदि के संबंध में कानून की जानकारी देने के साथ-साथ टीकाकरण के लाभों के बारे में भी बताया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न सुलहनीय वादों के निपटारा को आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निशुल्क बिना खर्च के करने के संबंध में भी जानकारी दी गई।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जिलाधिकारी एवं अन्य अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीशों ने इस प्रदर्शनी का अवलोकन किया और लोगों को इसका लाभ लेने की सलाह दी। उन्होंने प्रदर्शनी में लगाए गए योजनाओं के बारे में जानकारी हासिल की और इसे विधिक जागरूकता की दृष्टि से उपयोगी बताया। राष्ट्रीय लोक अदालत में आए हुए लोगों ने भी इस प्रदर्शनी को देखा और इससे प्रभावित हुए। विदित हो कि राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न वादों का सुलह-समझौता के आधार पर निशुल्क निपटारा किया जाता है। इनमें अपराधिक शमनीय वाद, एनआई एक्ट, धारा 138 वाद, बैंक ऋण वसूली वाद, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण वाद, वैवाहिक वाद, श्रम विवाद, भूमि अधिग्रहण मामले, राजस्व मामले, विद्युत तथा पानी बिल संबंधित विवाद इत्यादि शामिल हैं।

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