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विश्व के प्रथम गणतंत्र की जननी की वैशाली में गणतंत्र की प्रतीकात्मक प्रतिमा की स्थापना अत्यंत आवश्यक :डॉ. ममतामयी प्रियदर्शिनी

बिहार दूत न्यूज, वैशाली।

वैशाली के प्रसिद्ध चतुर्मुख महादेव मंदिर के प्रांगण में इसी सन्दर्भ में “यू-हम फाउंडेशन” के तत्वाधान में वैशाली के प्रबुद्ध जनों और गणमान्य व्यक्तियों की ओर से एक सभा का आयोजन हुआ जिसमें विश्व के प्रथम गणतंत्र की जननी, वैशाली में प्रथम गणतंत्र की प्रतीकात्मक प्रतिमा (Statue of World Republic) की स्थापना के लिए बिहार और भारत सरकार से पुनः आग्रह किया गया। साथ ही इस अभियान को सफल बनाने के लिए आगे का की रणनीति पर भी चर्चा की गई। डॉ० ममतामयी प्रियदर्शिनी, डॉ बसंत कुमार, शशि भूषण सिंह और अविनाश सिंह ने सम्मिलित रूप से कहा कि यह अभियान बिहार के गौरवशाली गाथा तथा समृद्ध अतीत को विश्वपटल पर रखने का अभियान है; यह अभियान बिहार की लगभग छठी शताब्दी ईसा पूर्व की प्रगतिशील प्रशासनिक एवं सामाजिक प्रबंधन प्रणाली की तरफ पूरे विश्व का ध्यान आकर्षित करने का अभियान है; यह अभियान अपने उत्कृष्ट और बहुआयामी विरासत से प्रेरणा लेकर उस उत्कर्ष को पुनः प्राप्त करने का अभियान है; तथा यह अभियान न सिर्फ वैशाली बल्कि पूरे बिहार और बिहारियों की अस्मिता से जुड़ा अभियान है। अतः, बकौल डॉ० ममतामयी प्रियदर्शिनी, सभा में उपस्थित सुधिजनों द्वारा बिहार और भारत के सभी लोगों से इस अभियान में साथ देने का आह्वान किया गया तथा इस सभा में उपस्थित सभी सुधिजनों ने एक मत से यह प्रस्ताव पास किया कि भारत के 73वें गणतंत्र दिवस के दिन, यानी 26 जनवरी 2022 को, वैशाली में स्थानीय लोगों के साथ मिलकर झंडोत्तोलन कर इस अभियान को विस्तार दिया जाएगा, सांकेतिक पद यात्रा निकाली जाएगी तथा आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।

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आपको बताते चलें कि दिनांक 14/11/2021 को वैशाली में डॉ० ममतामयी प्रियदर्शिनी के टीम द्वारा आयोजित “मार्गदर्शक-सम्मान सह धरोहर-संरक्षण अभियान” के तहत वहां के स्थानीय लोगों के साथ लगभग छठी शताब्दी ईशा पूर्व के “लिच्छवी संघ के गणराज्य” पर चर्चा हुई थी तथा एक पोस्टर का अनावरण कर, सर्वमत से वैशाली नगरी में “Statue of World Republic” ki स्थापना की मांग अपने भारत सरकार तथा बिहार सरकार के समक्ष रखने का निर्णय लिया गया था। तत्पश्चात दिनांक 23/11/2021 को उपरोक्त विषय पर भारत के प्रधानमंत्री के ऑफिस में भी इस आवेदन की हार्ड कॉपी सौंपी गई थी और दिनांक 08-12-2021 को इस आवेदन में वर्णित विषय पर यथोचित कार्यवाही हेतु इसे पर्यटन मंत्रालय को अग्रेषित किया गया था। तदुपरांत, इसी उद्देश्य से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री रेणु देवी तथा बिहार सरकार के कला संस्कृति एवं युवा विभाग मंत्री, आलोक रंजन जी को भी एक चिट्ठी सौंपी गई थी।

इसी मुहिम को विस्तार देने के उद्देश्य से वैशाली में डॉ० ममतामयी प्रियदर्शिनी जी के नेतृत्व में आयोजित आज की सभा में इस बात पर चर्चा हुई कि हमारे ये धरोहर, हमारे इतिहास-बोध को मज़बूत करते हैं तथा हममें, हमारी सांस्कृतिक चेतना को जागृत करते हैं। साथ ही अगर हम इन्हें विकसित करने में सफल हो पाए तो ये देश विदेश के पर्यटकों को आकर्षित कर राज्य एवं देश को आर्थिक समृद्धि भी प्रदान करते हैं। पर्यटन राष्ट्रीय विकास का मुख्य वाहक है। भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना “मेक इन इंडिया” को सफल बनाने में पर्यटन उद्योग की एक अहम् भूमिका हो सकती है। बिहार के लाखों युवाओं के लिए रोज़गार सृजन में हमारे समृद्ध पर्यटन संसाधन अत्यंत लाभकारी हो सकते हैं।

इस सभा में उपस्थित लोगों में वैशाली से डॉ० बसंत कुमार, शशि भूषण सिंह, अविनाश सिंह, प्रेम शंकर सिंह, राम नारायण सिंह, लालदेव सिंह जी, अवधेश सिंह, आनंद मोहन सिंह, उमेश कुमार, रमाशंकर सिंह, डॉ विश्वनाथ चौधरी, राजकिशोर राय, राजगीर राय, रामनाथ गिरी, रविभूषण कुमार, बिक्रम विधानसभा से मृगेंद्र कुमार, अमित कुमार जी (बिहार न्यूज प्रतिदिन), सुमित कुमार, लव कुश, बीरु कुमार तथा अन्य गणमान्य लोग शामिल थे।

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