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इफको की ओर से किया गया नि:शुल्क कंबल वितरण.

बिहार दूत न्यूज, खगड़िया।
इफको द्वारा ग्राम बन्नी में निशुल्क कंबल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

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इस कार्यक्रम की अध्यक्षता इफको नई दिल्ली के आम सभा सदस्य नरेश कुमार सिंह ,पंचायत समिति के सदस्य मनीष कुमार, इफको खगड़िया के क्षेत्र पदाधिकारी अंशु गुप्ता द्वारा की गयी
यह कार्यक्रम इफको के प्रबंध निदेशक डॉ उदय शंकर अवस्थी के प्रेरणा से सामाजिक कल्याण कार्यक्रम के तहत ठंड और शीतलहर के प्रकोप को देखते हुए जरूरतमंदों के बीच कंबल वितरण किया गया।
इफको के क्षेत्रीय पदाधिकारी अंशु गुप्ता ने इफको के बारे में बताया कि एक सहकारी संस्था है जो किसानों के बीच में उर्वरक बिक्री के साथ-साथ सामाजिक कल्याण कार्यक्रम के लिए हमेशा तत्पर रहती है। उन्होंने बताया कि सामाजिक कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत पूरे देश में कंबल वितरण किया जा रहा है।
उन्होंने किसानों से मृदा उर्वरकता को बनाए रखने के लिए नैनो यूरिया का प्रयोग करने की सलाह दिया तथा उन्होंने बताया गया कि विश्व की पहली सहकारी संस्था इफको द्वारा यूरिया के स्थान पर नैनो टेक्नोलॉजी से निर्मित नैनो यूरिया का अविष्कार किया गया
नैनो टेक्नोलॉजी पर आधारित नैनो यूरिया का निर्माण किया है. जो पर्यावरण को हो रहे नुकसान को नैनो यूरिया के इस्तेमाल से कम किया जा सकता है. देश के किसानों द्वारा बड़ी मात्रा में खेती में यूरिया का इस्तेमाल किया जाता है और बीते कुछ सालों में इसमें काफी बढ़ोत्तरी हुई है.
यूरिया के इस्तेमाल से नाइट्रस ऑक्साइड नामक ग्रीनहाउस गैस भी बनती है, जिससे ग्लोबल वार्मिंग में वृद्धि होती है. नैनो यूरिया लिक्विड होता है और यह उच्च पोषक तत्वों वाला अनोखा उर्वरक है, जो प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग को कम करने में मदद कर सकता है. इफ्को के गुजरात के कलोल स्थित नैनो बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर में यह तकनीक विकसित की गई है और अब इफको की कई इकाईयों में नैनो यूरिया का निर्माण किया जा रहा है.
एक बोतल नैनो यूरिया एक बोरी दानेदार यूरिया के बराबर है एक बोतल नैनो यूरिया की कीमत सिर्फ 240 रुपए हैं, जो दानेदार एक बोरा यूरिया से भी कम हैं। एक बोतल यूरिया में 40 हजार पीपीएम नाइट्रोजन होती हैं जो एक बोरी यूरिया (45 किलोग्राम) से अधिक नाइट्रोजन पोषक तत्व फसल को प्रदान करेगी। नैनो यूरिया तरल के प्रयोग से पौधों काे संतुलित मात्रा में पोषक तत्व मिलेगा।
इसके अलावा परिवहन खर्च भी 500 एमएल तरल बोतल होने के कारण नहीं लगता हैं। नैनो की उपयोगिता क्षमता सामान्य यूरिया से तीन गुना ज्यादा हैं। उपयोगिता क्षमता 35 प्रतिशत हैं। अन्य 65 प्रतिशत यूरिया हवा में उड़ जाता हैं। जिससे ग्लोबल वार्मिंग भी होती हैं। लेकिन नैनो के 90 से 95 प्रतिशत उपयोग क्षमता होने के कारण इसका साइड इफेक्ट नहीं हैं।
इससे किसानों को भी काफी फायदा होगा. डीएपी खाद को भी नैनो रूप में लाने की तैयारी की जा रही है. नैनो रूप में आने के बाद किसानों के लिए इन खादों की ढुलाई का खर्चा बचेगा और पर्यावरण को भी इससे काफी फायदा होगा
इफको नई दिल्ली आम सभा के सदस्य सह बन्नी पैक्स अध्यक्ष नरेश कुमार सिंह ने चलाए जा रहे सामाजिक कल्याण कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए बताया कि इफको किसानों की संस्था है जो कि किसानों के हित के लिए हमेशा तत्पर रहती है
तथा उन्होंने किसानों को इफको के द्वारा अन्य कार्यक्रमों जैसे मानव चिकित्सा , खेत दिवस ,पशु चिकित्सा, किसान सभा ,मृदा परीक्षण अभियान ,आदि कार्यक्रमों की भी जानकारी थी एवं किसानों से आग्रह किया कि नैनो यूरिया का अधिक से अधिक प्रयोग करें जिससे कि हमारे देश की उर्वरक में खर्च होने वाली सब्सिडी को बचाया जा सके
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इस कार्यक्रम में बन्नी पैक्स के सभी सदस्य जैसे चंद्र प्रभा देवी, भगवान सिंह ,अरुण सिंह ,रास बिहारी सिंह राजेश सिंह ,सुमित्रा देवी ,जगदीश शर्मा, नवीन ,आदि लोगों ने भाग लिया इस कार्यक्रम में मंजू देवी, शोभा देवी, गीता देवी ,रीता देवी, नीलम देवी, सावित्री देवी ,बसंती देवी, प्रमिला देवी, जयंती देवी ,जागो देवी , दुलारी देवी, रूबी देवी आदि लगभग 80 जरूरतमंदों को कंबल वितरण किया गया

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