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नैनो यूरिया के प्रयोग से फसल के उत्पादन में लगभग 8 से 10 प्रतिशत की होती है वृद्धि: अंशु गुप्ता..

बिहार दूत न्यूज, खगड़िया।
इफको द्वारा ग्राम सुम्भा अलौली में नैनो यूरिया आधारित कृषक गोष्ठी का आयोजन किया गया।

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इस किसान गोष्ठी की अध्यक्षता कस्तूरी स्वालंबी समिति के प्रबंधक अनिल बजाज , कृषि विभाग से देवेंद्र कुमार, खुदरा खाद विक्रेता प्रदीप कुमार, विपिन कुमार, धर्मदेव शाह , राम आशीष शर्मा, राम चन्द्र महतो, संजय जायसवाल व खगड़िया के क्षेत्र पदाधिकारी अंशु गुप्ता द्वारा की गई।
कार्यक्रम की शुरुआत इफको के क्षेत्र पदाधिकारी अंशु गुप्ता द्वारा करते हुए किसानों को बताया कि अत्यधिक यूरिया के प्रयोग से पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है, ज्यादा यूरिया के प्रयोग करने से बहुत सारी बीमारियां शरीर में उत्पन्न हो रही हैं तथा व ज्यादा यूरिया के प्रयोग करने से पौधे में कीड़े बीमारियां ज्यादा लगती हैं। इसके साथ-साथ भारत सरकार द्वारा यूरिया पर भारी सब्सिडी दी जाती है इफको नैनो यूरिया एक बोरी यूरिया के बराबर है जो कि किसानों के लिए एक वरदान साबित हो रहा हैं जो पर्यावरण में हितकारी होने के साथ-साथ, किसानों की आमदनी दोगुनी करने में सहायक है।

नैनो यूरिया के प्रयोग से फसल के उत्पादन में लगभग 8 से 10 प्रतिशत की वृद्धि होती है तथा फसल सही समय पर पकती है तथा कीड़े और बीमारियां कम लगती है
बजाज स्वालंबी समिति के प्रबंधक अनिल बजाज द्वारा बताया गया कि इफको एक सहकारी संस्था है जिसकी पैक्स समितियां सदस्य हैं और पैक्स समिति के सदस्य हमारे किसान भाई हैं अर्थात इफको किसानों की संस्था है तथा् बताया गया कि अभी हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा ‘सहकार से समृद्धि ‘ को साकार करने के लिए नया सहकारिता मंत्रालय का गठन किया गया है इस मंत्रालय से सहकारी आंदोलन को मजबूत करने के लिए एक अलग प्रशासनिक कानूनी और नीतिगत ढांचा उपलब्ध कराएगा और सहकारी समितियों के लिए ‘इज ऑफ डूइंग ‘बिजनेस प्रक्रियाओं को कारगर बनाने के लिए काम करेगा
इस किसान सभा में किसानों को जैविक खेती, संतुलित उर्वरकों का प्रयोग, मिट्टी जांच आदि के बारे में विशेष जानकारी देते हुए इफको के उत्पादों जैसे नैनो यूरिया, नैनो डी ए पी, नैनो जिंक,जैव उर्वरक, जिंक , जल विलय उर्वरक ,आदि के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गई।
प्रदीप कुमार द्वारा किसानों को बताया कि देश के किसानों की आय कैसे दोगुनी हो इसके लिए बताया कि किसानों को कम लागत में उन्हें खेती करनी होगी खेती में जैविक उर्वरक, घुलनशील उर्वरक, हरी खाद, कंपोस्ट आदि का प्रयोग करना होगा जिससे कि हमारे फसल उत्पादन में कम लागत आएगी तथा इफको द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रमों की भूरी भूरी प्रशंसा की।
इस मौके पर देवेंद्र कुमार,गुड्डू यादव, आलम रजा, धर्मदेव, नितेश कुमार, दीपू कुमार ,देवानंद ,प्रवीण कुमार, रामचंद्र, राम बहादुर, तेज नारायण, दीपक कुमार आदि लोग मौजूद रहे अंत में कुछ किसानों को निशु:ल्क नैनो यूरिया, जल विलय उर्वरक आदि का वितरण किया गया।

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