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ज़िले के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना पहली प्राथमिकता: सिविल सर्जन

पूर्णिया,बिहार दूत न्यूज।
राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग चिकित्सा के क्षेत्र में नित नए-नए प्रयोग कर सुदूरवर्ती इलाकों में रहने वाले नागरिकों तक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रही है। जिसको लेकर प्रदेश से जिला एवं पीएचसी स्तर तक तकनीकी व्यवस्था को लेकर कार्य किया जा रहा है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के माध्यम से सुदूर ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को जिले के विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवायें मिलने जा रही हैं। ज़िले के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अब ससमय बेहतर एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा ई-टेलीमेडिसीन के माध्यम से इलाज की सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हर तरह की तैयारी पूरी कर ली गई है। आगामी 18 फरवरी को ड्राई रन करने के बाद इसकी विधिवत शुरुआत कर दी जाएगी। स्वास्थ्य व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के तहत टेलीमेडिसीन की सुविधा शुरू की जा रही है। इसके सफल क्रियान्वयन को लेकर स्वास्थ्य कर्मियों सहित चिकित्सकों को प्रशिक्षित करने का काम किया जा रहा है। जिसमें प्रखंड स्तर पर टेलीमेडिसीन के लिए चिह्नित चिकित्सा पदाधिकारी, एएनएम, सीएचओ, बीएम एंड ई, बीएचएम, बीसीएम, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, यूनीसेफ के बीएमसी, डब्ल्यूएचओ के फ़ील्ड वर्कर, केयर इंडिया के आईसीटी समन्वयक एवं प्रखंड मैनेजर को प्रशिक्षित किया जा रहा है।

ज़िले के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना पहली प्राथमिकता: सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ एसके वर्मा ने बताया जिलेवासियों को बेहतर तरीके से स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने को लेकर राज्य सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सजग एवं कृतसंकल्पित है। खासकर सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करने वाले ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा मिल सके इसके लिए स्वास्थ्य विभाग काफी गंभीर है। इसको सुनिश्चित कराने के लिए अब लोगों को प्रतिदिन ई-संजीवनी टेलीमेडिसीन के तहत स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसमें ई-संजीवनी ओपीडी मोबाइल एप के माध्यम से ऑनलाइन मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। इस योजना को पूर्णतः धरातल पर उतारने के लिए चयनित एएनएम को प्रशिक्षित किया जा रहा है। वहीं सीएस डॉ वर्मा ने बताया कि श्रीनगर प्रखण्ड के खुट्टी हसैली गांव स्थित स्वास्थ्य उपकेन्द्र में टेलीमेडिसीन के माध्यम से मरीजों का इलाज विगत वर्ष से शुरू किया गया है। लेकिन अब टेलीमेडिसीन प्रणाली के तहत मरीज ज़िले के लगभग पांच सौ वीएचएसएनडी सत्र स्थल के माध्यम से अपनी समस्याओं से चिकित्सकों को अवगत कराते हुए आसानी से परामर्श ले सकते हैं।

वीएचएसएनडी सत्र स्थलों पर टेलीमेडिसीन के माध्यम से चिकित्सीय परामर्श उपलब्ध कराने की कवायद तेज: डीआईओ
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ विनय मोहन ने बताया राज्य स्वास्थ्य समिति के अपर कार्यपालक निदेशक द्वारा 12 जनवरी को प्रशिक्षण के संबंध में पत्र जारी किया गया है। हालांकि जिले में पूर्व से ही ई-संजीवनी एवं टेलीमेडिसीन की सुविधाएं उपलब्ध हैं। स्वास्थ्य विभाग इन सुविधाओं को और बेहतर तरीक़े से सुदृढ़ करने के लिए कृत्संकल्पित है। इसी क्रम में अब जिले के सभी वीएचएसएनडी सत्र स्थलों पर टेलीमेडिसीन के माध्यम से चिकित्सीय परामर्श उपलब्ध कराने की कवायद तेज कर दी गई है। राज्य स्तर से प्राप्त निर्देश के आलोक में वीएचएसएनडी सत्र स्थलों पर टेली कंसल्टेशन के माध्यम से अत्यंत गंभीर मामलें यथा- गर्भवती महिलाएं, अतिकुपोषित बच्चे सहित कई अन्य गंभीर रूप से ग्रसित मरीज़ों को रेफरल की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही रोगी को रेफर किए गए स्वास्थ्य संस्थानों से मरीज़ों की स्थिति का पता भी लगाया जा सकता है।

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