Download App

बिहार में दो लाख करोड़ का घोटाला हुआ है, सीएजी के रिपोर्ट में उसका कोई हिसाब नहीं मिल रहा है: नेता प्रतिपक्ष..

पटना, बिहार दूत न्यूज।
बिहार प्रदेश राजद मत्स्यजीवी प्रकोष्ठ के तत्वाधान में अमर शहीद जुब्बा सहनी का 78वां शहादत दिवस राजद कार्यालय के सभागार में अरविन्द सहनी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ।

Advertisement


इस अवसर पर उनके तैल चित्र पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव, राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानन्द सिंह, प्रदेश प्रधान महासचिव आलोक कुमार मेहता विधायक डॉ0 अनिल कुमार सहनी, भरत बिन्द, रणविजय साहू, मुन्ना यादव, इसराईल मंसुरी, पूर्व विधान पार्षद आजाद गांधी, पुणेश्वर मंडल, प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद, सारिका पासवान, बाली सहनी, शंकर चौधरी, लखन निषाद, महेन्द्र विद्यार्थी, प्रदेश महासचिव डॉ0 प्रेम कुमार गुप्ता, रेणु निषाद, रामेश्वर चौधरी, कृष्णा ठाकुर, देवकीनंदन बिन्द, महताब आलम, गुलाम रब्बानी, नीरज सहनी, भोला सहनी, महेन्द्र महलदार, बृजनंदन बिन्द, सुरेश सहनी सहित अन्य गणमान्य नेताओं ने माल्यार्पण कर उनके प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की।

सभा को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने कहा कि जुब्बा सहनी की शहादत को याद करते हुए हम उन्हें नमन करते हैं। जिस तरह से भगत सिंह, चन्द्रशेखर, अशफाकउल्लाह खान सहित अन्य लोगों ने देश के आजादी में श्हादत दी, उसी तरह का योगदान जुब्बा सहनी जी का भी था। लेकिन उनके योगदान को भुला दिया गया था। लालू जी ने अपने कार्यकाल में मुजफ्फरपुर में जुब्बा सहनी जी के नाम पर पार्क और उनके योगदान की चर्चा कर लोगों को उनसे प्रेरणा लेने की बात की। जो आज सभी लोगों के बीच उनके योगदान की चर्चा है। जिस तरह से महात्मा गांधी ने आजादी के लिए संघर्ष और कुर्बानी दी वो यादगार है, आज हम सभी को जुब्बा सहनी जी के योगदान और बलिदान को हर लोगों तक पहुंचाने की आवश्यकता है और उनके अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए संकल्प लेकर आगे बढ़ने की जरूरत है क्योंकि लगातार शोषितों और गरीबों की आवाज को दबाने का कार्य किया जा रहा है।
इन्होंने आगे कहा कि लालू जी ने अपने कार्यकाल में जलकर से टैक्स हटाकर गरीबों को जीने का सहारा दिया। साथ ही साथ निषाद समाज को राजनीति में भी मान-सम्मान दिया। केन्द्र में स्व0 कैप्टन जयनारायण निषाद को मंत्री बनाकर समाज को राजनीति की मुख्यधारा में जोड़ने का काम किया साथ ही साथ सामाजिक न्याय की दौर में अतिपिछड़ा, दलित, वंचित, शोषित को मुख्य धारा में लाकर स्वर और सम्मान दिया और गैर बराबरी और भेदभाव को मिटाने के लिए जो कार्य राजद की पूर्ववर्ती सरकार में हमारे पिता और माता के कार्यकाल में हुआ उस कार्य को आज मिटाने का प्रयास चल रहा है, हमें इससे सजग रहना होगा। जहां लालू जी ने गरीबों को अपनाया-बसाया, सम्मान दिया वहीं नीतीश कुमार के कार्यकाल में गरीबों को उजाड़ा जा रहा है।

उनके मछली बाजार और धोबी घाट सहित रैन बसेरा को उजाड़कर गरीबों और शोषितों को बेसहारा किया जा रहा है। राजद के संगठन में आरक्षण देने के साथ अतिपिछड़ा और दलित समाज के कार्यकर्ताओं को सम्मान देकर यह साबित कर दिया कि उसकी सोच गरीबों और वंचितों से प्यार करने की रही है। आपलोगों ने भी पन्द्रह साल तक हमारे पिता और माता को सम्मान दिया। आज आप सभी हमें भी उसी तरह सम्मान दें जिससे कि हमसभी को साथ लेकर आगे बढ़ सके। हम जुब्बा सहनी जी के कामों को आगे बढ़ा रहे हैं और उनके प्रति जो सम्मान हमारे दिल में है वो आप सभी को बताने की आवश्यकता नहीं है। आप मुझे तेजस्वी यादव के नाम से बुलाए या तेजस्वी निषाद के नाम से लेकिन हमसब को एकजुट होकर नफरत ओर भेदभाव की राजनीति के खिलाफ खड़ा होना होगा।
तेजस्वी ने आगे वादा किया कि वह आर्थिक न्याय के लिए कमजोर लोगों को मजबूत करने के संकल्प को लेकर आगे बढ़ रहे हैं।
साथ ही आज दोहरी शिक्षा नीति के कारण गरीबों के बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ते हैं जबकि आर्थिक रूप से मजबूत लोग अपने बच्चों को प्राईवेट स्कूलों में पढ़ाते हैं जो सरकार की गैर बराबरी की नीतियों के कारण ऐसा हो रहा है। ऐसी शिक्षा नीति के खिलाफ मजबूती से खड़ा होने की आवश्यकता है जिससे लोगों में पढ़ाई के प्रति रूचि हो उसके लिए हम संकल्पित हैं। पढ़ाई, दवाई, सिंचाई कार्रवाई और सुनवाई वाली सरकार बनाने के लिए आपलोगों के सहयोग की आवश्यकता है क्योंकि बिना भ्रष्टाचार के यहां कोई काम नहीं होता है।

बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और सिंचाई के प्रति नीतीश सरकार का कोई सोच नहीं है।
मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए ही नीतीश कुमार समाज सुधार यात्रा कर रहे हैं। जबकि बिहार में दो लाख करोड़ का घोटाला हुआ है। सीएजी के रिपोर्ट में उसका कोई हिसाब नहीं मिल रहा है। हमने जब 10 लाख लोगों के नौकरी की बात की तो भाजपा ने 19 लाख रोजगार की बातें की लेकिन अब जब 19 लाख लोगों के रोजगार की बात पूछी जाती है तो जवाब नहीं देते हैं क्योंकि इन्हें सिर्फ कुर्सी और अपने बुढ़ापे की जिंदगी कैसे कटे इसकी चिंता है। हम हर धर्म जात के लोगों को साथ लेकर चलने पर विश्वास करते हैं लेकिन आज जब महंगाई, पलायन, बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा सिंचाई की बातें होती है तो इसमें सभी जात और धर्म के लोगों के साथ क्या हाल हो रहा है यह समझा जा सकता है। पहले जहां एनडीए के लोग महंगाई को डायन बताते थे अब ये इनकी भौजाई हो गई है।
राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानन्द सिंह ने कहा कि सामाजिक विषमता, भेदभाव और धार्मिक उन्माद के खिलाफ शहीद जुब्बा सहनी के शहादत पर संकल्प लेने की आवश्यकता है और बेहतर समाज और बिहार के निर्माण के लिए हमसभी को उनके आदर्श मार्गों को अपनाकर संघर्ष और आन्दोलन को आगे बढ़ाने की सोंच अपनानी होगी। एक दिन याद कर लेने से शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धा नहीं होगी बल्कि इसके लिए हर दिन उनके बातों को याद करके संकल्प के साथ आगे बढ़ने से हीं समाज को मजबूत किया जा सकता है।

 

 

 

 

Leave a Comment

क्या वोटर कार्ड को आधार से जोड़ने का फैसला सही है?
Translate »
%d bloggers like this: