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सदन के नेता और CM को मर्यादा का ख्याल नहीं तो जनहित और लोकतंत्र के हित में ऐसी सरकार को गिरा देने में ही भलाई है: RJD

पटना, बिहार दूत न्यूज।
बिहार प्रदेश के राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश अध्यक्ष जगदानन्द सिंह ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार में सरकार निष्ठुर, क्रूर और असभ्य हो चुकी हैै। कल विधान सभा अध्यक्ष के साथ जो मर्यादा और संवैधानिक संस्था को कमजोर करने का नेता सदन और मुख्यमंत्री नीतिश कुमार के द्वारा किया गया यह निंदनीय है। कल कि घटना से लोकतंत्र पर विश्वास करने वाले सभी लोग और आमजन इस बात के लिए परेशान है कि सरकार किस तरह से सदन और आसन को निर्र्देशित कर रही थी, जबकि सभी को पता है कि सदन का संचालन विधान सभा अध्यक्ष करेगें। ना की मुख्यमंत्री ? इस तरह की घटना दो व्यक्ति के द्वारा किया गया कृत कहीं न कहीं संवैधानिक संस्था को कमजोर ही करेगा। क्या इन दो व्यक्ति ने अपने लिए संविधान को बनाया है, ऐसा कल विधान सभा के संचालन में दिख रहा था।
जबकि सदन विधि और विधान से बनी है, और उसी के अनुसार बनाये गये नियामवली से सदन का संचालन होता है।
इन्होंने कहा कि नीतिश कुमार ना तो पढ़ते है, ना ही किसी की बात सुनते है। इतने दिनों के बाद उन्होने क्या सीखा और सिखाया है। यह स्पष्ट रूप से बिहार और देश की जनता ने देखा।
जबकि उनहे पता होना चाहिए की कार्यपालिका सर्वोच्च नहीं होती है, संविधान ही सर्वोच्च होता है, यह बात मुख्यमंत्री अब तक क्यो नहीं समझ सके। उन्होंने कल स्पीकर के खिलाफ जिन शब्दों का प्रयोग किया क्या भारत के किसी भी राज्य के मुख्यमंत्री ने उन शब्दों का प्रयोग कभी किसी स्पीकर के खिलाफ किया है। यह बात नीतिश जी सदन में आकर कहने का काम करें, जब कि बिहार लोकतंत्र की जननी है। लेकिन बिहार को आज कहा पहुचा दिया गया है। और सदन के मर्यादा का हनन करके सदन की गरिमा को अपने अहंकार और कटुता के कारण पहले जहाँ सदस्य अध्यक्ष से बोलने की अनुमति लेते थे वहाँ नेता सदन के द्वारा बिना अध्यक्ष के अनुमति के ही सदन में आकर हस्तक्षेप करते हुए अपने ज्ञान का बखान करने लगे। जबकि जननायक कर्पूरी ठाकुर जी का मानना था कि सदन की मर्यादा बचेगी तभी लोकतंत्र भी बचेगा। लेकिन विधान सभा के हैसियत का नेता सदन ने ख्याल नहीं किया और विधान सभा अध्यक्ष के मर्यादा का हनन करके लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर किया है। नीतिश जी ने तंत्र के पक्ष में खड़े होकर लोकतंत्र को कमजोर किया है और स्पीकर की मर्यादा का हनन कर के सदन के विधायकों का भी हैसियत को कमजोर किया है। क्योंकि विधायकों के विधायी कार्यों के संरक्षक विधान सभा अध्यक्ष होते है।
श्री जगदानन्द सिंह ने आगे आरोप लगाया कि 23 मार्च 2021 को भी विधान सभा और सदन की मर्यादा को तार-तार नीतिश कुमार ने करवाया था और उस समय जो विधायकों के साथ जो मारपीट की घटना हुई थी तब मुख्यमंत्री ने सदन में कहा था की विधान सभा परिसर और सदन स्पीकर के अनुसार चलते हैं, लेकिन कल उसी सदन में मुख्यमंत्री ने स्पीकर की मर्यादा को तार-तार करके लोकतंत्र को कमजोर किया है। इन्होंने याद दिलाते हुए कहा कि जब विधायकों के साथ मार-पीट की घटना हुई थी तब भी सदन का संचालन प्रेम कुमार कर रहे थे। और आज भी सदन का संचालन वहीं कर रहे है। जबकि सभी को पता सदन का संचालन बिना अध्यक्ष की अनुमति दिये नहीं चल सकता है। इस मामले में विधान सभा अध्यक्ष की स्पष्टता समाने आनी चाहिए और उन्हें आकर के बताना चाहिए की सदन की मर्यादा और लोकतंत्र की रक्षा कैसे होगी।
इन्होंने कहा कि भाजपा जदयू और अन्य घटक दल को अलग कर के नहीं देखा जा सकता और उन्हें दोषमुक्त नहीं किया जा सकता है। अगर सदन के नेता और मुख्यमंत्री को सदन की मर्यादा का ख्याल नहीं है तो ऐसी सरकार को गिरा देने में ही भलाई है। तेजस्वी जी और राजद विधायकों ने हमेशा मुद्दों को उठाकर जनता के बीच में सरकार को आईना दिखाया है। और तेजस्वी जी ने ग्रामीण विकास विभाग की सच्चाई से रूबरू कराते हुए सरकार के गलत कार्याें को बताया और वस्तु स्थिति क्या है। यह सबके सामने रखा इन्होनें कहा कि जनता सर्वोच है इसलिए जनता के बीच तेजस्वी जी चुनाव के कार्यों में लगे हुए है। विपक्ष हमेशा लोकतंत्र की मजबूती पर विश्वास करता है और इसकी रक्षा के लिए सदन में सरकार को बेनकाब करते रहेगा।।
इस अवसर पर संवददाता सम्मेलन में प्रदेश उपाध्यक्ष श्री वृषिण पटेल, राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रो. सुबोध मेहता, प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद उपस्थित थे।

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