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मछुआ समितियों में केवल परंपरागत मछुआ सदस्य बनेगें, यह सुनिश्चित करना सरकार की है जिम्मेदारी: ऋषिकेश कश्यप

बिहार दूत न्यूज,पटना।
बिहार राज्य मत्स्यजीवी सहकारी संघ लि0 (काॅफ्फेड), पटना के प्रबंध निदेशक-सह- राष्ट्रीय मत्स्यजीवी सहकारी संघ मर्यादित (फिश्कोफेड), नई दिल्ली के प्रबंध निदेशक (प्रभारी) ऋषिकेश कश्यप ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य के पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग/सहकारिता विभाग प्रखण्ड स्तरीय मछुआ समितियों के लिए सदस्यता अभियान चला रही है। ऐसे में बिहार राज्य मत्स्यजीवी सहकारी संघ की मांग है कि सरकार द्वारा सदस्यता अभियान शुरू करने से पहले परंपरागत मछुआरों की सूची जारी की जाए। इस तरह की मांग संगठन की ओर से पहले भी किया जाता रहा है लेकिन मत्स्य विभाग/सहकारिता विभाग टाल-मटोल करता रहा है। अब सदस्यता अभियान को लेकर मछुआरों में काफी भय व्याप्त हो गया है कि कहीं उनकी सदस्यता को ही न गायब कर दिया जाए। पूर्व के वर्षों में देखा गया है कि परंपरागत मछुआरों की सूची में गैर मछुआ जाति के सदस्यों को शामिल किया गया है। राज्य के कई मछुआ समितियों में तो गैर मछुआरों की सदस्या 50ः से भी ज्यादा हो गई है। ऐसे में संघ सरकार से आग्रह करते है कि बिना परंपरागत मछुआरों की सूची जारी किए बिना आॅनलाईन सदस्यता अभियान न चलाया जाए। मछुआ समितियों में केवल परंपरागत मछुआ सदस्य बनेगें यह सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। अगर विभाग संगठन के आग्रह पर ध्यान नहीं देता है तो संघ भविष्य में लोकतांत्रिक कदम उठाने के लिए स्वतंत्र होगा। इस संबंध में हाई कोर्ट भी सरकार को निर्देश दे चुका है कि परंपरागत मछुआरों की सूची जारी की जाए। इसके लिए बिहार राज्य मत्स्यजीवी सहकारी संघ ने वर्ष 2012 में कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। फैसले में हाईकोर्ट ने सरकार को परंपरागत मछुआरों की सूची जारी करने का आदेश दिया था। साथ में सहकारिता विभाग ने भी मत्स्य निदेशालय को निर्देश दिया था कि परंपरागत मछुआरों की सूची अविलम्ब जारी की जाए। इस अवसर पर संघ के निदेशक नरेश कुमार सहनी, अजेन्द्र कुमार, राम प्रमोद सहनी, पप्पु सिंह निषाद, मुन्ना चैधरी एवं विभिन्न जिले से आये प्रतिनिधि हरिवंश चैधरी, सिताराम चौधरी, प्रदीप कुमार, नन्दू चौधरी, बब्लू चैधरी, जमादार मुखिया, रणबीर सहनी, रामनाथ मल्लाछ, विजय चौधरी, बलिराम सहनी, शिवमुनी चौधरी, वैधना सहनी, धर्मेन्द्र कुमार, महेन्द्र सहनी, श्यामबिहारी चौधरी, रामबाबू चौधरी, रमेश चौधरी, शिवजी सहनी, धर्मनाथ सहनी, मनोज सहनी, रमेश मुखिया, गणौर मुखिया, गुड्डू सहनी, राम पुकार सहनी, नरेश सहनी,सुबोध सिंह, प्रभु सहनी राजेश चौधरी, नागों सहनी देवेंद्र सहनी,केदार सहनी,एवं लाल देव सहनी आदि मौजूद थे।

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