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विश्व टीबी दिवस: स्कूली बच्चों के बीच क्विज़ प्रतियोगिता का किया गया आयोजन: डीपीएस

पूर्णिया,बिहार दूत न्यूज।
2025 तक देश को टीबी मुक्त करने को लेकर राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) चलाया जा रहा है। इस कार्यकम को मूर्त रूप देने के लिए देश भर में कई तरह के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। आगामी 24 मार्च को विश्व टीबी दिवस को लेकर जिले में लगातार एक महीने तक जागरूकता अभियान चलाते हुए विभिन्न तरह के गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। क्योंकि प्रत्येक वर्ष 24 मार्च को विश्व टीबी दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसको लेकर 24 फरवरी से 24 मार्च तक टीबी हारेगा, देश जीतेगा कार्यक्रम के तहत प्रत्येक प्रखंड क्षेत्र से दो-दो विद्यालयों का चयन किया गया है। जहां पर स्कूली बच्चों से क्विज़ प्रतियोगिता आयोजन कर बच्चों को जागरूक किया गया जा रहा है। वहीं सामुदायिक स्तर पर ग्रामीणों को टीबी के खतरे व इलाज को लेकर उपलब्ध सरकारी स्तर पर मिलने वाली सुविधाओं के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से सघन अभियान चलाया जा रहा है।

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टीबी बीमारी को लेकर ग्रामीण स्तर पर किया जा रहा जागरूक: सीडीओ
जिला संचारी रोग पदाधिकारी (यक्ष्मा) डॉ मोहम्मद साबिर ने बताया जिले में टीबी मरीजों की खोज के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक अभियान की शुरुआत की गयी है। एक तरफ़ टीबी हारेगा, देश जीतेगा अभियान के तहत टीबी मरीजों की खोज की जा रही तो दूसरी ओर ज़िले के सभी प्रखंडों से चयनित दो-दो विद्यालयों में स्कूली बच्चों के बीच एक क्विज़ प्रतियोगिता का अयोजन कर जागरूक किया जा रहा है। आमजनों में प्रचार-प्रसार को लेकर दो पंचायतों में ग्राम सभा का आयोजन भी करना है। इसके अलावा प्रखंड मुख्यालय में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों की अध्यक्षता में सभी स्वास्थ्य कर्मी, आशा, टीबी चैम्पियन के साथ मिलकर एक विचार गोष्ठी का आयोजन भी सुनिश्चित करेगें। टीबी एक जानलेवा बीमारी है। इस बीमारी की समय से जांच एवं उपचार के अभाव में संपर्क में रहने वाले अन्य सदस्यों में भी रोग के फैलने की संभावना बनी रहती है। इसके साथ ही अनियमित या अधूरे उपचार के कारण कई रोगियों में ड्रग रेजिस्टेंट टीबी हो जाती है।

स्कूली बच्चों के बीच क्विज़ प्रतियोगिता का आयोजन: डीपीएस
यक्ष्मा विभाग के डीपीएस राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि यदि किसी भी व्यक्ति को दो सप्ताह से ज्यादा की खांसी या खांसी में खून का आना, सीने में दर्द, बुखार आना, वजन का कम होने की शिकायत हो तो वह तत्काल अपने नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में जाकर बलगम की जांच कराएं। सभी सरकारी अस्पतालों में जांच एवं उपचार बिल्कुल निःशुल्क है। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से मरीजों को इलाज की अवधि तक 500 रुपये प्रतिमाह पोषण राशि के रूप में दी जाती है। उच्च जोखिम युक्त समूह में टीबी मरीजों की खोज की जायेगी। जिसके लिए यक्ष्मा विभाग से जुड़े कर्मियों को लगाया गया है। इसके साथ ही सहयोगी संस्थाओं को भी इस पुनीत कार्य में लगाया गया है ज़िले में टीबी के मरीजों की संख्या का सही – सही आंकलन किया जा सके। ज़िले के अमौर, पूर्णिया पूर्व, धमदाहा, के नगर, कसबा सहित कई अन्य प्रखंडों में क्विज़ प्रतियोगिता का आयोजन कर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान लाने वाले स्कूली बच्चों को पुरस्कार दिया जा रहा है।

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