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अधिकारियों से नहीं, विधायकों से विमर्श कर शराबबंदी के नए ड्राफ्ट बनाएं CM : कांग्रेस

पटना, बिहार दूत न्यूज।
बिहार में शराबबंदी कानून पर अधिकारियों द्वारा ड्राफ्ट किये गए मसौदे पर बिहार कांग्रेस के मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़ ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जनता की उम्मीदें और इच्छाएं विधायकों से बेहतर कोई अधिकारी नहीं समझ सकते। विधायकों से सुझाव लेकर शराबबंदी कानून पर कोई भी निर्णय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेना चाहिए न कि एयर कंडीशंड कमरों में बैठे अधिकारियों के बनाएं कानून और नियम को विधायकों को पढ़ने को मजबूर करना चाहिए।


बिहार कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने कहा कि पिछले बार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा था कि अधिकारी ग्रामीण इलाकों में जाएंगे और वहां समय गुजारेंगे लेकिन आज तक में कितने अधिकारियों ने यह टास्क पूरा किया इसकी समीक्षा अति आवश्यक है। दूसरा जब जनता से अधिकारियों का कोई सीधा संवाद नहीं है, ऐसे में वें जनाकांक्षाओं का सम्मान करने वाले ड्राफ्ट का निर्माण किस आधार पर कर रहे होंगे ये भगवान भरोसे ही है।
उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मांग की है कि विधायकों से आवश्यक सुझाव प्राप्त करने की आवश्यकता है और उनके अनुरूप अधिकारियों से शराबबंदी के ड्राफ्ट बनवाने का काम करना चाहिए। अफसरशाही के चंगुल में फंसकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार के विकास और जनता की अपेक्षाओं का हत्या कर रहे हैं। पिछले सात सालों में इस शराबबंदी कानून का लाभ आम जनता को नहीं मिल पाने का कारण इसका अधिकारियों द्वारा बनाया जाने वाला ड्राफ्ट ही है जो आम जनता के उम्मीदों से कोसों दूर है। वापस से अधिकारियों के भरोसे ही कानून संशोधन कराने की जो गुंजाइश बन रही है उससे यह स्पष्ट है कि आम जनता के लिए ये संशोधन भी नाकाबिल होगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को आगे बढ़कर विधायकों से विमर्श के उपरांत उनके सुझावों को लेकर शराबबंदी संशोधन कानून का निर्माण कराना चाहिए।

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