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नीति आयोग ने आकांक्षी जिला खगड़िया को 15 करोड़ 80 लाख रुपए के योजनाओं को दी मंजूरी, शीघ्र ही इन पर कार्य प्रारंभ होने की है उम्मीद

बिहार दूत न्यूज, खगड़िया।
उप विकास आयुक्त, खगड़िया अभिलाषा शर्मा ने नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी पदाधिकारी अमिताभ कांत की अध्यक्षता में आयोजित एंपावर्ड कमिटी की 31वीं बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया। केंद्रीय प्रभारी पदाधिकारी एवं राज्य प्रभारी पदाधिकारी ने भी इस बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया।


मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जानकारी दी गई कि आकांक्षी जिला खगड़िया द्वारा प्रेषित 4.35 करोड़ राशि के 5 विकासात्मक एवं नवप्रवर्तनकारी योजनाओं को नीति आयोग द्वारा स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।
आज एंपावर्ड कमिटी की 31वीं बैठक में स्वीकृत योजनाओं में मध्य विद्यालयों में कंप्यूटर लैब सह पुस्तकालय की स्थापना, स्वास्थ्य संस्थानों में आर्सैनिक एवं आयरनमुक्त पेयजल की सप्लाई हेतु वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना, कस्तूरबा गांधी बालिका मध्य विद्यालयों में कंप्यूटर लैब सह पुस्तकालय की स्थापना, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के लिए जिला स्तरीय प्रशिक्षण केंद्र खोलने एवं जीविका शक्ति केंद्र खोलने से संबंधित पांच प्रस्ताव शामिल हैं।
नीति आयोग द्वारा खगड़िया जिला द्वारा प्रेषित प्रस्तावों की सराहना की गई एवं जिले के तीव्र सामाजिक आर्थिक विकास के लिए जरूरी मानते हुए इस पर सहमति व्यक्त की गई।
अब तक नीति आयोग द्वारा खगड़िया जिला द्वारा प्रेषित सभी योजनाओं पर स्वीकृति प्रदान किया जा चुका है। ₹15,79,87,540 के 11 प्रस्तावों पर नीति आयोग ने सहमति दी है और इन पर शीघ्र कार्य प्रारंभ होने की उम्मीद है। नीति आयोग द्वारा इस हेतु राशि का हस्तांतरण जिले को किया जाएगा।

विदित हो कि माह नवंबर 2021 के डेल्टा रैंकिंग में 115 आकांक्षी जिलों में खगड़िया ने पूरे भारत में पहला स्थान प्राप्त किया था। इससे पूर्व भी 2019 में खगड़िया जिला डेल्टा रैंकिंग में सर्वोच्च स्थान पर रह चुका है।
विदित हो कि नीति आयोग द्वारा निर्धारित मानदंडों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले आकांक्षी जिलों को अतिरिक्त राशि विकास संबंधी नवप्रवर्तनकारी कार्य करने हेतु पुरस्कारस्वरूप दिया जाता है। खगड़िया जिला ने डेल्टा रैंकिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया था, जिसके आलोक में जिलाधिकारी डॉक्टर आलोक रंजन घोष ने योजनाएं बनाकर नीति आयोग को प्रेषित की थीं।
सनद रहे कि आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत नीति आयोग द्वारा पूरे भारत में 115 जिलों का चयन पारदर्शी मापदंडों के आधार पर किया गया है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य धारणीय विकास के लक्ष्यों को स्थानीयता के आधार पर प्राप्त करना है ताकि देश को विकसित करने का उद्देश्य पूरा हो सके। इन जिलों को सर्वोत्तम प्रथाएं प्रवर्तित करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाता है, ताकि इससे अन्य जिले प्रेरित और प्रभावित होकर सामाजिक आर्थिक विकास हेतु संकल्पित हो सकें।

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