Download App

बिहार: वाणिज्य कर विभाग ने कोविड के बावजूद लक्ष्य से अधिक किया राजस्व संग्रहण

बिहार दूत न्यूज, पटना।

वित्तीय वर्ष 2021-22 भी कोरोना के कारण देश की अर्थव्यवस्था के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। माह अप्रैल 2021 से जून 2021 तक एवं माह जनवरी 2022 में लॉकडाउन / पाबंदियों के कारण कई आर्थिक गतिविधियाँ बाधित हो गई थी, जिसके कारण राज्य के कर संग्रहण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। इन विकट परिस्थितियों के बावजूद वाणिज्य कर विभाग द्वारा ऑकड़ों के सूक्ष्म विश्लेषण के आधार पर तैयार की गई कार्य योजना एवं उनके सफल क्रियान्वयन हेतु किए गए सतत् एवं प्रभावी अनुश्रवण के फलस्वरूप विभाग वित्तीय वर्ष के अंत तक पिछले वर्ष की तुलना में 11.73 प्रतिशत की सकारात्मक अभिवृद्धि दर्ज करने में सफल रहा है जो एक बड़ी उपलब्धि है।

Advertisement

2. पिछले वित्तीय वर्ष 2020-21 में वाणिज्य कर विभाग का कुल कर संग्रह जहाँ 32083 करोड़ था वहीं वित्तीय वर्ष 2021-22 में यह 11.73 प्रतिशत की अभिवृद्धि के साथ रू0 35846 करोड़ हो गया। इस अवधि में जीएसटी से रू0 28200 करोड़, गैर-जीएसटी यथा पेट्रोल, डीजल, विद्युत शुल्क, पेशा कर इत्यादि से रू. 7646 करोड़ प्राप्त हुए हैं।

3 विगत वर्ष के तुलना में जीएसटी मद में 18.04 प्रतिशत की वृद्धि जबकि Non GST मद में 4.03 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है।

4. आयुक्त-सह-सचिव द्वारा बताया गया कि लक्ष्य की प्राप्ति हेतु विभाग द्वारा माह अप्रैल, 2021 से ही अपने अचलो के लिये कार्य योजना तैयार की गयी एवं मुख्यालय स्तर पर इसकी लगातार मॉनिटिरिंग भी की गयी। परिणामस्वरूप अंचलों द्वारा ससमय कार्रवाई करते हुये मामलों का निष्पादन किया गया, जिसकी राजस्व वसूली में अहम भूमिका रही।

5. आयुक्त द्वारा यह भी बताया गया कि डाटा एनालिटिक्स के आधार पर कर अपवंचना में संलिप्त व्यवसायियों को चिन्हित किया गया एवं उनके विरूद्ध प्रवर्तन की कार्रवाई करते हुये राजस्व की वसूली की गयी।

6. आयुक्त द्वारा पुनः बताया गया कि वैश्विक महामारी कोविङ-19 के कारण व्यवसाय एवं उद्योग जगत को सहूलियत प्रदान करने के उद्देश्य से विभाग द्वारा कई प्रकार के कदम उठाये गये जिनमें जीएसटी अधिनियम के अंतर्गत दो करोड़ तक के सकल आवर्त्त वाले करदाताओं को वित्तीय वर्ष 2020-21 की वार्षिक विवरणी दाखिल करने से छूट, दिनांक 06 जनवरी, 2022 से दिनांक 31 मार्च, 2022 की अवधि के दौरान कार्रवाईयों को पूरा करने या अनुपालन करने की समय सीमा का दिनांक 30. सितम्बर, 2022 तक अवधि विस्तारण तथा विभाग के पुराने बकाया के निपटान हेतु लायी गयी योजना One Time Settlement Scheme (OTS) का माह सितम्बर 2021 तक विस्तारण प्रमुख हैं।

7. आयुक्त द्वारा बताया गया कि करदाताओं की सुविधा का ख्याल रखते हुये अप्रत्यक्ष सम्पर्क (Faceless Contact) को बढ़ावा दिया गया एवं सूचनाओं का निर्गमन इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से किया गया। साथ ही, अपीलीय मामलों की सुनवाई विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम किये जाने की व्यवस्था लागू की गयी। इसके अलावा विभागीय समीक्षा बैठकें भी नियमित रूप से विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की जा रही है।

8. माननीय उपमुख्य (वाणिज्य – कर) मंत्री महोदय ने आयुक्त डॉ प्रतिमा सहित वाणिज्य कर विभाग के सभी पदाधिकारियों की उनके अथक प्रयासों के लिए सराहना की तथा राज्य के करदाताओं को भी उनके सकारात्मक सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।

आयुक्त डॉ प्रतिमा द्वारा बताया गया कि करदाताओं के सहयोग से वित्तीय वर्ष 2017-18 में विभाग का कर संग्रह जहाँ 20277 करोड़ था वह आज बढ़कर 35846 करोड़ हो गया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी करदाताओं के सहयोग से विभाग राजस्व संग्रहण का लक्ष्य प्राप्त करने में सफल होगा।

Leave a Comment

क्या वोटर कार्ड को आधार से जोड़ने का फैसला सही है?
Translate »
%d bloggers like this: