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CM नीतीश ने 133 लोगों की सुनी समस्यायें, अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश..

पटना, बिहार दूत न्यूज।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज 4, देशरत्न मार्ग स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय परिसर में आयोजित जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में शामिल हुए। ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे 133 लोगों की समस्याओं को सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को समाधान के लिए समुचित कार्रवाई के निर्देश दिए।

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आज ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में सामान्य प्रशासन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, समाज कल्याण विभाग, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, वित्त विभाग, संसदीय कार्य विभाग, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग, सूचना प्रावैधिकी विभाग, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, श्रम संसाधन विभाग तथा आपदा प्रबंधन विभाग से संबंधित मामलों पर सुनवाई हुयी ।

वैशाली से आई एक महिला ने मुख्यमंत्री से शिकायत करते हुए कहा कि उनके पति की मौत कोरोना से हो गई थी लेकिन अब तक मुआवजे की राशि नहीं मिली है। वहीं अररिया से आये एक फरियादी ने मुख्यमंत्री से कहा कि हमारे भाई की वर्ष 2021 में कोरोना से मौत हो गई है। मुआवजे की राशि के लिए लगातार दौड़ लगा रहे हैं लेकिन अब तक सहायता राशि नहीं मिल सकी है। मुख्यमंत्री ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

पटना से आयी छात्रा ने मुख्यमंत्री से शिकायत करते हुए कहा कि मैट्रिक और इंटर पास करने पर राज्य सरकार की ओर से जो स्कॉलरशिप दी जाती है, वो अभी तक नहीं मिल पायी है। वहीं समस्तीपुर से आये एक छात्र ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि उसका एडमिशन राजकीय आई०टी०आई० संस्थान में हुआ था। आई०टी०आई० संस्थान में शिक्षक नहीं रहने के कारण पढ़ाई नहीं हो पा रही है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को जांचकर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

जगदीशपुर, आरा से आए एक फरियादी ने गुहार लगाते हुए कहा कि आपके द्वारा 2007 में दो छात्रावास का निर्माण करवाया गया था लेकिन पिछड़ा और अतिपिछड़ा वर्ग के बच्चों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। जब से छात्रावास बना है उसमें एक भी छात्र नहीं रहते हैं। इसकी सही देख-रेख होने से शाहाबाद प्रक्षेत्र के चार जिलों के छात्र लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री ने मामले की जांचकर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

उजियारपुर, समस्तीपुर से आये एक सरकारी कर्मचारी ने मुख्यमंत्री से फरियाद करते हुए कहा कि उसे विपश्यना केंद्र में 15 दिनों के मेडिटेशन कोर्स के लिए विभाग द्वारा अवकाश नहीं दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस पर कहा कि इसके लिए तो सरकार ने आदेश जारी कर दिया था। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को इस मामले में उचित कार्रवाई का निर्देश दिया।

पूर्वी चंपारण से आयी एक महिला ने मुख्यमंत्री से शिकायत करते हुए कहा कि वर्ष 2018 की आंगनबाड़ी चयन को लंबित रखा गया है। वहीं समस्तीपुर से आयी एक महिला ने आंगनबाड़ी में सहायिका की बहाली में अनियमितता की शिकायत की। आंगनबाड़ी बहाली में हो रही गड़बड़ी और लगातार मिल रही शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने संबद्ध विभाग के अधिकारियों से कहा कि बहाली को लेकर विस्तृत समीक्षा करें। इतनी बड़ी संख्या में शिकायतें आ रही हैं, इसको व्यापक स्तर पर देखें और जांचकर उचित कदम उठाएँ।

आरा से आए एक छात्र ने गुहार लगाते हुए कहा कि वर्ष 2019 में स्नातक पास करने के उपरांत प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा हूं। एक साल से यूनिवर्सिटी द्वारा मेरी डिग्री निर्गत नहीं किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग को उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। वहीं हुलासगंज, जहानाबाद की एक महिला ने अब तक पारिवारिक पेंशन नहीं मिलने की शिकायत की। मुख्यमंत्री ने मामले में जांचकर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री सह संसदीय कार्य मंत्री श्री विजय कुमार चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पाण्डे, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री श्री संतोष कुमार सुमन, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री श्री जमा खान, सूचना प्रावैधिकी सह श्रम संसाधन मंत्री जिवेश कुमार, कला संस्कृति एवं युवा मामलों के मंत्री श्री आलोक रंजन, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्य सचिव श्री आमिर सुबहानी, पुलिस महानिदेशक श्री एस0के0 सिंघल, संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव / प्रधान सचिव / सचिव, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ० एस० सिद्धार्थ, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री गोपाल सिंह, जिलाधिकारी श्री चंद्रशेखर सिंह तथा वरीय पुलिस अधीक्षक श्री मानवजीत सिंह ढिल्लो उपस्थित थे।

‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम की समाप्ति के पश्चात् मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत की। पत्रकारों द्वारा सी०ए०ए० से संबंधित प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी कोरोना है, कोरोना का दौर खत्म होगा, उसके बाद इस पर कोई बात होगी। तीन देशों के अल्पसंख्यक जो लोग यहां पर रह रहे हैं उनके लिए कानून बनाने की बात हो रही है। यह तो केंद्र सरकार को ही देखना है। राज्य सरकार की ओर से बहुत पहले केंद्र सरकार को लिखकर भेज दिया गया है। पत्रकारों के दूसरे प्रश्न बी०पी०एस०सी० के प्रश्न पत्र लीक मामले पर कहा कि इस पर कार्रवाई हो रही है। जब इसके संबंध में जानकारी मिली तो इस पर तुरंत एक्शन लिया गया। बी०पी०एस०सी० की पी0टी0 परीक्षा कैंसिल की गयी। प्रश्न पत्र कहां से लीक हुआ, किस तरह से लीक हुआ ? इन सब की जांच हो रही है। कल शाम में ही हमने इसकी जानकारी ली है। तुरंत एक्शन लिया गया है। पुलिस भी इसकी जांच कर रही है। हमने तो कहा है कि जितनी जल्दी हो सके जांच कीजिए कि कौन प्रश्न पत्र लीक किया है, कैसे लीक किया है ? जिसने भी गड़बड़ी की है उसके खिलाफ एक्शन होगा। पत्रकारों के साइबर क्राइम के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि गड़बड़ी करनेवालों के खिलाफ यहां पर काफी सक्रियता है। कोई गड़बड़ करना चाहेगा तो उसे छोड़ा नहीं जाएगा। सब चीज के लिए पहले से गाइडलाइन है। बिहार में बहुत हद तक चीजें नियंत्रित हैं, शांति का माहौल है। अगर कहीं क्राइम होता है तो तेजी से उसके खिलाफ एक्शन होता है।

केंद्रीय मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनसे हमारा पुराना संबंध है। वे यहां पर अपनी पार्टी के प्रभारी भी रहे हैं। यहाँ आने पर हमारी उनसे मुलाकात हुई। शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों के संबंध में बातचीत हुई। हमारे शिक्षा मंत्री जी ने भी उन्हें इसके संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। यह निजी मुलाकात थी। इसका कोई अर्थ निकालने की जरूरत नहीं है। व्यक्तिगत रूप से हमलोगों की आपस में बातचीत होते ही रहती है।

पत्रकारों के अन्य प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोग किसी जाति को अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति में मान्यता देने के लिए अपने यहां से प्रस्ताव भेजते हैं जिस पर केंद्र सरकार के स्तर से निर्णय लिया जाता है। जातीय जनगणना को लेकर यहां के सभी दलों के लोग प्रधानमंत्री जी से जाकर मिले थे। केंद्र सरकार इसे नहीं करेगी लेकिन कहा है कि राज्य सरकार अपने यहां कर सकती है। यहाँ सभी दल के लोग आपस में बातचीत कर लेंगे। कुछ राज्य इसे अपने-अपने ढंग से कर रहा है लेकिन बिहार में जब होगा तो पूरे तौर पर होगा। उसके लिए सब पार्टी की मीटिंग होगी, आपस में चर्चा होगी। सरकार में इन सब चीजों को लेकर पहले से कॉन्सेसनेस है। सबलोगों की राय लेंगे तभी आगे काम करेंगे। इस पर मीटिंग करेंगे तो और लोगों का आइडिया भी पता चलेगा। बीच में चुनाव आ गया फिर बातचीत नहीं हुई। बीच में कोरोना बढ़ गया फिर इधर कोरोना का खतरा है।

बढ़ती महंगाई को देखते हुए जनता को और राहत देने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जितना राहत देना संभव है वह सब किया जायेगा। पिछली बार जब केंद्र सरकार ने वैट की दरों में कमी की तो उस समय ही बिहार में भी वैट की दरों में कमी की गई। आगे भी अगर केंद्र सरकार टैक्स कम करने का फैसला लेती है तो राज्य सरकार भी उसे करेगी। अभी पेट्रोल-डीजल की कीमतें काफी बढ़ गई है लेकिन कई हफ्तों से कीमतें स्थिर है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इजाफा होने के कई कारण हैं। भारत में पेट्रोल-डीजल बाहर से आता है। जब बाहर से महंगा पेट्रोल-डीजल आयेगा तो उसका असर तो यहां भी पड़ेगा। इन सब चीजों पर राज्य सरकार की नजर है। आगे जैसी भी परिस्थिति होगी, उस पर विचार करने के बाद फैसला लिया जायेगा। आने वाले समय में आपदा की स्थिति को लेकर भी राज्य सरकार अभी से सतर्क है। चार महीने हमलोगों का ध्यान उसी पर केंद्रित रहता है। इसको लेकर भी कुछ दिनों के बाद आपदा प्रबंधन की तैयारी को लेकर बैठक की जायेगी। आपदा की स्थिति में लोगों की राहत के लिए राज्य सरकार काम करती रहती है। हमलोग बिहार में लगातार विकास का कार्य कर रहे हैं। सात निश्चय – 2 के अंतर्गत कराये जा रहे कार्यों को लेकर संबद्ध विभाग को सक्रिय किया गया है। एक-एक चीजों पर सरकार की नजर है। विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक भी होती रहती है। मेंटेनेंस पर राज्य सरकार का विशेष जोर है। किसी चीज को अगर बनायेंगे तो उसका मेंटेनेंस भी करेंगे। हमने हर घर नल का जल पहुंचा दिया है तो उसका मेंटेनेंस भी बहुत जरुरी है। एक-एक चीजों पर ध्यान दिया जा रहा है ताकि किसी को शिकायत का मौका नहीं मिले। इसको लेकर मुख्यालय और जिला के स्तरों पर मीटिंग की जा रही है। अगर आपने किसी चीज को बना दिया लेकिन उसको मेंटेनेंस नहीं किया तो वह खत्म हो जायेगा। मेंटेनेंस होने से उसका फायदा लोगों को मिलता रहेगा। इसके अलावे हर खेत तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचाने का हमलोगों ने लक्ष्य निर्धारित किया है। इसको लेकर आकलन किया जा चुका है। बिहार में और सड़कों एवं पुलों के निर्माण का कार्य भी चल रहा है। केंद्र एवं राज्य सरकार की ओर से कई परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। इसको लेकर बीच-बीच में हमलोग निर्माण स्थल पर जाकर कराये जा रहे कार्यों का निरीक्षण करते हैं। महंगाई की समस्या पूरे देश की समस्या है।

बिहार में फिल्म पॉलिसी को लेकर पत्रकारों के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि फिल्म • निर्माण के लिए राजगीर में जगह निर्धारित की गयी है। हमने फिल्म बनाने वालों को सलाह दी है कि राजगीर में जाकर देख लीजिए, यहीं पर फिल्म बनाइये। बिहार में कई जगहों पर फिल्मों की शूटिंग हो सकती है। हमलोग शुरु से चाहते थे कि बिहार में फिल्मों की शूटिंग हो। इसको लेकर हमलोग सब सुविधा देने को तैयार हैं। लोग अगर बिहार में फिल्म बनायेंगे तो राज्य सरकार की ओर से जो भी सुविधा जरुरी होगी, उसे दी जायेगी। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि इसके संबंध में संबद्ध विभागों के साथ समीक्षा करें।

बिहार को लेकर नीति आयोग की रिपोर्ट के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जब नीति आयोग की रिपोर्ट सामने आयी थी तो उसका जवाब हमलोगों ने भेज दिया था। बिहार का काफी तेजी से विकास हो रहा है। हमलोगों के इतना काम काम करने के बावजूद अगर आप पूरे देश को ओवरऑल देखियेगा तो बिहार पीछे है ही, इसमें कोई शक नहीं है। बिहार के क्षेत्रफल कम है लेकिन आबादी काफी ज्यादा है। प्रजनन दर को घटाने के लिए भी हमलोग महिलाओं को पढ़ाने में लगे हैं। बिहार में काफी ग्रोथ हुआ है। आजकल बाहर से आने वाला व्यक्ति बिहार आकर देखता है कि बिहार में कितना एलिवेटेड रोड, ब्रीज एवं सड़कें बनी हुई है। इन सब चीजों को देखकर सभी लोग इसकी प्रशंसा करते हैं। इसको लेकर हमलोग काफी समय से यह मांग कर रहे हैं कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिलना चाहिए। विशेष राज्य का दर्जा मिलने से बिहार का और तेजी से विकास होगा। यह हमलोगों की पुरानी मांग है। बिहार के सभी विभाग विकास कार्यों को लेकर काफी मेहनत कर रहे हैं। बिहार में पहले शिक्षा और स्वास्थ्य की स्थिति काफी खराब थी। आज इन क्षेत्रों में कितना बड़ा परिवर्तन हुआ है? बच्चे-बच्चियों के पढ़ने के लिए बिहार में कई इंस्टीट्यूशन खोला गया। कोरोना को लेकर भी बिहार काफी कंशस है। बिहार में काफी तादाद में कोरोना की जांच की जाती है ताकि अगर कोई संक्रमित है तो उसका पता चल सके। टीकाकरण का कार्य भी काफी तेजी से चल रहा है। बिहार देश का पहला राज्य है जिसने सबसे पहले फैसला लिया कि सभी लोगों का मुफ्त में टीकाकरण कराया जायेगा इसके बाद दो और राज्यों ने भी इसको लेकर ऐलान किया है। कई लोग बयानबाजी करते रहते हैं। बयानबाजी पर हमलोग रोक नहीं लगा सकते हैं। हमलोग काम करते रहते हैं।

विशेष राज्य के दर्जे की मांग के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसको लेकर हमलोगों ने कई बार आंदोलन किया है। हमलोगों ने पटना एवं दिल्ली में भी आंदोलन किया है। नीति आयोग की रिपोर्ट सामने आने के बाद भी हमलोगों ने कहा कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिलनी चाहिए, इस पर ध्यान दीजिए। विकास कार्यों में केंद्र सरकार भी सहयोग कर रही है और राज्य सरकार भी अपनी तरफ से विकास कार्य करा रही है। सब लोग मिलकर सभी क्षेत्रों में विकास के कार्य में लगे हुए हैं। बिहार का क्षेत्रफल कम है लेकिन आबादी ज्यादा है। बयानबाजी चलते रहता है, उसमें हमलोग क्या कर सकते हैं। हमलोग सेवक हैं, लोगों की सेवा करते रहते हैं। हमलोग कितना भी काम करेंगे तब भी कुछ लोग बोलते रहेंगे। बोलने का सबको अधिकार है।

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