Download App

बिहार वाणिज्य कर विभाग ने कोयले के व्यापार में संलिप्त रु० 73 करोड़ का बोगस प्रेषण कर जी०एस०टी० चोरी करने वाले एक फर्म के विरुद्ध की कार्रवाई

बिहार दूत न्यूज,पटना।
वाणिज्य कर विभाग की आयुक्त के निर्देश पर दिनांक 26.05.2022 को विभाग के पदाधिकारियों द्वारा कोयले में करोड़ों का व्यापार कर रहे मधुबनी-स्थित एक फर्म का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में निबंधन में दर्ज व्यवसाय के मुख्य स्थल पर किसी प्रकार की व्यवसायिक गतिविधि नहीं पाई गई तथा यह फर्म बोगस पाया गया।

Advertisement

अतः उस महिला का पता लगाया गया जिसके नाम पर यह फर्म निबंधित है। जांच के क्रम में यह पाया गया कि वह एक ग्रामीण महिला है तथा उनके द्वारा यह बताया गया कि वह किसी प्रकार के व्यापारिक गतिविधि में संलिप्त नहीं हैं जो जांच का एक विषय है। विभाग इस बिंदु पर भी अग्रेतर जांच करेगी कि इस प्रतिष्ठान का वास्तविक operator कौन है।

विभाग के केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने इस फर्म के द्वारा किये गए संव्यवहारों के एनालिसिस से यह पाया था कि इस फर्म के द्वारा बिना खरीद के मासिक विवरणी में लगभग रु०73 करोड़ का आउटवर्ड सप्लाई प्रदर्शित किया गया था, परंतु कर के भुगतान हेतु कॅश में शून्य राशि जमा की गई। कुल कर का भुगतान ITC के माध्यम से किया गया जबकि इनके पास भुगतान हेतु कोई ITC उपलब्ध हीं नही है।

निरीक्षित प्रतिष्ठान एक initiator की भूमिका में है तथा इसके supply chain में कई अन्य फर्मो ने ITC का गलत ढंग से उपयोग किया है। इस फर्म के द्वारा कुल 19 फर्मो को सप्लाई दिखाई गई है जिनमें झारखंड के 14, बिहार के 02 तथा उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल के 01-01 फर्म शामिल हैं।

विभाग के द्वारा प्रथम चरण में झारखंड ट्रेल के अन्वेषण के क्रम में यह पाया गया कि झारखंड के 14 में 04 फर्मों का निबंधन रद्द है तथा अन्य 10 फर्मों का निबंधन हाल में ही लिया गया है। झारखंड के इन फर्मो द्वारा आपस में भी खरीद-बिक्री की जा रही है जो circular बिल ट्रेडिंग का मामला प्रतीत होता है। झारखंड ट्रेल में बिहार के 1075 तथा बिहार के बाहर के 1031 फर्म शामिल हैं जिनके द्वारा fake invoicing के माध्यम से बोगस ITC प्राप्त किया गया है। इन लाभार्थियों में एक रक्सौल-स्थित फर्म द्वारा export दिखाया जा रहा है जो जांच का विषय है।

विभाग की आयुक्त-सह -सचिव महोदया डॉ प्रतिमा के द्वारा बताया गया कि विभाग इस सिंडिकेट में शामिल फर्मों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करेगी। कोयले के व्यापार में हो रही फर्ज़ीवाड़े तथा कर अपवंचना को रोकने हेतु विभाग अन्य ट्रेल्स तथा export दिखा रहे व्यवसायिओं की भी जांच कर रही है।

Leave a Comment

क्या वोटर कार्ड को आधार से जोड़ने का फैसला सही है?
Translate »
%d bloggers like this: