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तुर्की के इस्तांबुल में भारत का प्रतिनिधित्व कर लौटे कालापहाड़ के सिद्धांत सारंग

बिहार दूत न्यूज, वैशाली

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जंदाहा प्रखंड क्षेत्र के कालापहाड़ गांव के रहने वाले 22 वर्षीय स्नातक के छात्र सिद्धांत सारंग तुर्की देश के इस्तांबुल शहर में आयोजित ग्लोबल यूथ समिट 2022 में भारत का प्रतिधिनित्व कर लौटे हैं।

लंबे समय से पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर काम कर रहे सिद्धांत ने दिल्ली विश्विद्यालय के सत्यवती कॉलेज में इतिहास विभाग में स्नातक की पढ़ाई की है। इस्तांबुल में हुए इस समिट का आयोजन अमेरिका की संस्था ‘कैंपेन फॉर टोबैको फ्री किड्स’ ने आयोजित किया था, जिसमें शामिल होने के लिए दुनिया के 17 देशों के 27 युवाओं को चुना गया था, जो कि तंबाकू नियंत्रण की पॉलिसी पर काम कर रहे हैं। भारत से दो युवाओं का चयन हुआ था, जिसमें सिद्धांत भी शामिल थे।

बता दें कि तुर्की देश के इस्तांबुल शहर में हुए इस समिट में सभी युवाओं को तम्बाकू नियंत्रण के विभिन्न पहलुओं, नीति-नियम और कार्यान्वयन की ट्रेनिंग दी गयी। सिद्धांत ने कहा कि वह करीब एक साल से दिल्ली की संस्था कंज्यूमर वॉइस के साथ तंबाकू नियंत्रण पर काम कर रहे हैं। देश के कोटपा कानून में विभिन्न जरूरी बदलाव को लेकर बच्चों को तम्बाकू के नशे से दूर रखने के लिए सारे प्रयास किये जा रहे हैं। सिद्धांत ने इस सम्मेलन में भारत का पक्ष रखा।

 

सिद्धांत को 2019 में ब्रिटेन का प्रतिष्ठित डायना अवार्ड से सम्मानित किया गया था। उन्होंने लंदन में हुए वन यंग वर्ल्ड समिट में जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर भारत का प्रतिधिनित्व 2019 में किया था। उन्होंने मुजफ्फरपुर शहर से अपनी स्कूलिंग की है, जिसके बाद वह दिल्ली यूनिवर्सिटी स्नातक के लिए चले गए थे। सिद्धांत के पिता डाॅ संतोष सारंग समता कालेज में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं, जबकि मां डाॅ रिंकु कुमारी मुजफ्फरपुर में सरकारी स्कूल की शिक्षिका हैं।

सिद्धांत सारंग के तुर्की से वापस लौटने पर समाजसेवी डाॅ अर्जुनदास निशांत, सरपंच गामा सिंह, नथुनी ठाकुर, संजीत कुमार शर्मा, राकेश कुमार, सुरेंद्र पांडे आदि ने स्वागत किया हैं।

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