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पटना: मंत्री सुरेंद्र राम के प्रयास से जम्मू कश्मीर में बंधक बनाए गए 11 नाबालिगों की हुई सकुशल घर वापसी..

पटना, बिहार दूत न्यूज़ : श्रम संसाधन विभाग, बिहार के मंत्री सुरेंद्र राम के अथक प्रयास से आज जम्मू- कश्मीर में बंधक बनाए गए शेखपुरा जिले के अरियारी प्रखंड स्थित पानापुर ग्राम के कुल 11 नाबालिग बच्चों की सकुशल घर वापसी हो गई है। सभी बच्चों को विभागीय देख रेख में आज पटना जंक्शन लाया गया, जिसके बाद आवश्यक विभागीय कार्रवाई के बाद उन्हें उनके घर भेज दिया गया।

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उक्त नाबालिग बच्चों की सकुशल घर वापसी के उपरांत मंत्री सुरेंद्र राम ने कहा कि जब हमें नौकरी का लालच देकर शेखपुरा जिले के अरियरी प्रखंड स्थित पानापुर ग्राम के गरीब परिवार के 11 नाबालिग बच्चों के बंधक बनाए जाने की सूचना मिली, तभी हमने इसे प्राथमिकता से लेकर त्वरित आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिया, जिसके परिणामस्वरूप इन बच्चों की घर वापसी हो सकी है। उक्त बच्चों को बंधनमुक्त करने में जम्मू – कश्मीर के पुलवामा जिले स्थित शांति नगर, सेक्टर नंबर 26 प्रशासन का भी उन्होंने आभार जताया।
विदित हो कि विभागीय स्तर से संयुक्त श्रमायुक्त, वीरेन्द्र कुमार द्वारा सभी संबंधित यथा: श्रम अधीक्षक, श्रम प्रवर्तन पदाधिकरी, राज्य स्तरीय अधिकारियों से लगातार अनुश्रवण किया गया। साथ ही त्वरित कार्रवाई हेतु, उप श्रमायुक्त, मुगेर, श्रम अधीक्षक, शेखपुरा से निरंतर वार्ता कर उन्हे थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने और जिला पदाधिकारी, शेखपुरा से विशेष पहल करने का अनुरोध भी किया गया था और माननीय मंत्री, श्रम संसाधन विभाग के साथ प्रधान सचिव को भी पल पल की कारवाई से अवगत कराया गया।

यह भी उल्लेखनीय है कि श्रम अधीक्षक, शेखपुरा के पत्र के माध्यम से बीते 17 अक्टूबर को शेखपुरा जिले के 11 नाबालिग बच्चों/ श्रमिकों को काम दिलाने के नाम पर दिल्ली के रास्ते कश्मीर ले जाने तथा वहाँ उन्हें बंधक बना कर दूरभाष संख्या 9682589578 से उन नाबालिग को छोड़ने के लिए एवज में परिजनों से 1,20,000 /- की मांग की सूचना मिली थी। इस सूचना के आधार पर त्वरित संज्ञान लेते हुए मंत्री ने विभागीय स्तर पर समुचित कारवाई करने का आदेश शेखपुरा जिले के श्रम अधीक्षक, जिला अधिकारी और पुलिस अधीक्षक के साथ विभाग के अन्य अधिकारियों दिया था। इस संबंध में मंत्री ने संयुक्त श्रमायुक्त, बिहार भवन, नई दिल्ली और संत नगर, जम्मू – कश्मीर, सेक्टर – 26 के संबंधित अधिकारियों से भी संपर्क स्थापित कर नाबालिग बच्चों को मुक्त कराने का आग्रह किया था। इस आलोक में माननीय मंत्री जी के निर्देशानुसार, जम्मू – कश्मीर से सभी 11 नाबालिग बच्चों/ श्रमिकों को मुक्त कराने हेतु एक पुलिस टीम का गठन किया था।

उक्त मामले में मंत्री जी के प्रयास के परिणामस्वरूप, 20 अक्टूबर 2022 को जिला पदाधिकारी बारामुला द्वारा सभी 11 बच्चों के रेसक्यू और उनके सुरक्षित प्रशासकीय नियंत्रण में रखे जाने की जानकारी जिला पदाधिकारी, शेखपुरा के द्वारा बारामुला जिले के जिला पदाधिकारी से वार्ता के उपरांत मिली थी। बच्चों के रेस्क्यू के लिए दिए गए निर्देश के आलोक में विभाग द्वारा, मुंगेर प्रमंडल अंतर्गत विशेष जांच दल का गठन किया गया था, जिसमें उप श्रमायुक्त, मुंगेर प्रमंडल, श्रम अधीक्षक, शेखपुरा और श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी घाट कुसुंबा शामिल थे। उन्होंने ने भौतिक रूप से शेखपुरा में बच्चों के गांव जाकर, बच्चों के माता पिता और उनके अभिभावकों से मुलाकात कर वस्तुस्थिति की जानकारी प्राप्त कि और उनका बयान दर्ज किया था। वहीं, मामले में गठित जाँच दल द्वारा पूरी घटना के बारे में उनके माता – पिता का बयान सम्बंधित थाना, कोरमा में भी दर्ज कराया गया। दर्ज बयान के आधार पर थानाध्यक्ष कोरमा, जिला: शेखपुरा, बिहार में नाबालिग बच्चों/श्रमिकों को ले जाने वाले श्री प्रेम प्रकाश सोनी, पिता – श्री महेश प्रसाद सोनी, ग्राम – पोस्ट डेजवार, थाना हुसैनाबाद दंगवर, जिला: पलामू, राज्य: झारखंड के विरुद्ध मानव व्यापार अधिनियम की धारा 4 एवं 5 तथा IPC की धारा 370 एवं जे जे ऐक्ट की धारा 79 के साथ सुसंगत धाराओं (यथा: कोरमा थाना केस नंबर 132/22 दिनांक 20/10/22 U/S 370 1, 4 & 5 मानव व्यापार अधिनियम) के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।

पूरे मामले में मंत्री जी के प्रयासों और विभाग के अधिकारियों की तत्परता के साथ की गई कार्रवाई के बाद आज 11 किशोरों यथा: प्रह्लाद कुमार (पिता – शंभू पासवान), पारस कुमार (पिता – रघुवंश राम), श्याम कुमार (पिता -रूदल पासवान), सदाशिव कुमार (पिता – प्रभु पासवान), बीरबल कुमार (पिता – गुड्डू पासवान), राज कुमार (पिता – उमा शंकर पासवान), सोहित कुमार (पिता – बंगाली पासवान), संदीप कुमार (पिता – राजेश पासवान), उजाला कुमार (पिता – बंगाली पासवान), राहुल कुमार ( पिता – सरोगर राम) और सौरभ कुमार (पिता – विनोद पासवान) का आज भौतिक रूप घर वापसी संभव हुआ है और दोषियों पर कानून सम्मत कार्रवाई भी की जा रही है।

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