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कर्ज के बोझ तले दबे एक परिवार के छह लोगों ने की आत्महत्या

बिहारदूत न्यूज, नवादा

जिले के आदर्श सोसायटी में एक ही परिवार के छह लोगों ने जहर खा लिया, जिनमें से पांच लोगों की मौत हो गई। गंभीर हालत में लड़की को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि परिवार कर्ज में डूबा था और वसूली की प्रताड़ना से परेशान होकर जहर खा लिया। पुलिस ने इस मामले में तीन सूदखोरों को गिरफ्तार किया है।
बता दें कि कारोबारी केदारलाल गुप्ता मूलरूप से रजौली का रहने वाला था और अपने परिवार के साथ नवादा शहर के न्यू एरिया में किराये के मकान में रह रहा था। केदारनाथ गुप्ता नवादा के विजय बाजार में फल की दुकान चलाता था। उसी के सिलसिले में उसने कुछ लोगों से कर्ज लिया था जिसे वह चुका नहीं पाया। कर्जदाता केदारलाल गुप्ता पर पैसा चुकाने का दबाव बना रहे थे। परिवार के अन्य सदस्यों को भी प्रताड़ित किया जा रहा था। इसी से तंग आकर पूरे परिवार ने सामूहिक रूप से यह खौफनाक कदम उठाया।

केदारलाल व अनीता देवी के सात बच्चों में पांच बेटियां और दो बेटे हैं। इनका नाम क्रमश: गुंजा गुप्ता, ब्यूटी गुप्ता, गुड़िया कुमारी, शबनम कुमारी, साक्षी कुमारी व बेटे अमित गुप्ता और ध्रुव गुप्ता उर्फ प्रिंस शामिल हैं। इनमें दोनों बड़ी बेटियां गुंजा और ब्यूटी के साथ बड़े बेटे अमित जीवित हैं। तीनों की शादी हो गयी है। अमित अपने परिवार के साथ दिल्ली में रहते हैं।
सोशल मीडिया पर अमित अपने भाई के वाट्सएप साइट पर केदारलाल के मरे छोटे बेटे ध्रुव उर्फ प्रिंस टैग बताया जाता है। अमित केदारलाल का बड़ा बेटा है। इस साइट पर लगभग 28 फोटो और कोटेशन डाले गये हैं। इस पर लिखा है- आई लव माई फैमिली।
पता है जब मैं मरूंगा न, तो हंसते हुए मरूंगा, क्योंकि जीते जी मैं रोआ बहूत हूं।
चलती रहेगी दुनिया हमारे बगैर भी, एक तारे के टूटने से आसमान खाली नहीं होता
चिंता और तनाव में इंसान तभी होता है, जब वह खुद के लिए कम और दूसरों के लिए ज्यादा जीता है।
तुम्हें वक्त बता देगा मेरा होना क्या था और मेरा न होना क्या है।
जो सोचा था वो हुआ नहीं और जो हो रहा है वो कभी सोचा भी नहीं था।
आई से सॉरी, ऑल माई फैमिली।
परिस्थिति इंसान को वो बना देती है जो वह कभी था ही नहीं।
कहने वाले तो कुछ भी कह देते हैं, लेकिन कभी यह सोचते हैं कि सुनने वाले पर क्या बीतती होगी।
मरने के पहले केदारलाल का बयान- क्या करते? सब लोग गाली-गलौज कर रहे थे. 10-12 लाख रुपये कर्जा हो गया था। मेरे पास दो-दो दुकान है।

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