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फाइलेरिया ग्रसित मरीजों को मिला एमएमडीपी किट..

पूर्णिया, बिहार दूत न्यूज़।

फाइलेरिया मुक्त अभियान को सफल बनाने के लिए जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा पूर्णिया जिला में दूसरे फाइलेरिया क्लिनिक का उद्घाटन सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, कसबा में प्रभारी सिविल सर्जन सह जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ आर. पी. मंडल द्वारा किया गया। इस दौरान प्रखंड के फाइलेरिया ग्रसित मरीजों को फाइलेरिया से सुरक्षा के लिए मार्डीबिलिटी मैनेजमेंट एन्ड डिसेबिलिटी (एमएमडीपी) किट का वितरण करते हुए उपस्थित लोगों को फाइलेरिया से सुरक्षित रहने की जानकारी दी गई। फाइलेरिया क्लिनिक के उद्घाटन के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कसबा के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ ए के सिंह, बीएचएम अपराजिता, बीसीएम उमेश पंडित, सीफार भीएल डीसी ज्योति प्रिया, बीसी निरंजन कुमार, विभाष कुमार, काउंसलर संजय कुमार, जीएनएम रहमी खालको, एएनएम पूनम कुमारी, कोल्ड चैन हैंडलर विनोद रॉय, आशा फेसिलेटर बबिता देवी, डेटा ओपेरेटेरइन्द्रेश्वर कुमार, परवेज आलम सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे।

फाइलेरिया ग्रसित मरीजों को मिला एमएमडीपी किट

फाइलेरिया क्लिनिक का उद्घाटन करते हुए प्रभारी सिविल सर्जन डॉ आर पी मंडल द्वारा फाइलेरिया ग्रसित मरीजों को एमएमडीपी किट भी वितरित किया गया। एमएमडीपी किट के रूप में लोगों को एक टब व मग के साथ कॉटन बंडल, तौलिया, डेटॉल साबुन एवं एंटीसेप्टिक क्रीम प्रदान किया गया। इसके साथ ही फाइलेरिया ग्रसित मरीजों को प्रभावित अंगों में दवाओं के इस्तेमाल करने और इसे सुरक्षित रखने की जानकारी दी गई।

फाइलेरिया से सुरक्षित रहने के लिए जागरूकता जरूरी

सिविल सर्जन सह जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ आर. पी. मंडल ने कहा कि फाइलेरिया बीमारी लोगों को परजीवी क्यूलेक्स फैंटीगंस मादा मच्छर के काटने से होता है जो अन्य मच्छरों के जैसे ही लोगों को काट कर अपना शिकार बनाता है। यह मच्छर फाइलेरिया ग्रसित मरीजों को काटकर खुद संक्रमित हो जाता है और उसके बाद दूसरे व्यक्ति को काटने पर उसे फाइलेरिया ग्रसित कर देता है। यह बीमारी शरीर के कई अंगों में हो सकता है। यह बीमारी मुख्य रूप से व्यक्ति के पैर या अंडकोश को प्रभावित करता है जिसे लोग आमतौर पर हाथीपांव व हाईड्रोसील (अंडकोश का सूजन) कहते हैं। यह बीमारी महिलाओं के स्तन और जननांग को भी ग्रसित कर सकता है। इससे सुरक्षा के लिए लोगों को इसके प्रति जागरूक रहना आवश्यक है। फाइलेरिया के लक्षण दिखाई देने पर लोगों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में जांच करवानी चाहिए। शुरुआत से इलाज करवाने से लोग फाइलेरिया ग्रसित होने से सुरक्षित रह सकते हैं।

एमडीए कार्यक्रम में भाग लेकर रहें फाइलेरिया से सुरक्षित

प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ ए के सिंह ने कहा कि फाइलेरिया से सुरक्षा के लिए सरकार द्वारा हर साल एक बार सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) कार्यक्रम चलाया जाता है। इसके द्वारा सभी लोगों को फाइलेरिया से सुरक्षा के लिए एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई जाती है। लगातार पांच साल तक लोगों द्वारा गोली खाने पर वे फाइलेरिया ग्रसित होने से सुरक्षित रहते हैं। इसलिए सभी लोगों को सरकार द्वारा चलाये जा रहे इस अभियान में भाग लेकर अपने और अपने परिवार को फाइलेरिया से सुरक्षित करना चाहिए।

ऐसे बचे फाइलेरिया के मच्छरों से
• रात या दिन में सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें
• घर के अंदर एवं बाहर गंदगी नहीं होने दें
• मच्छरों से बचने के लिए शरीर के खुले अंगों पर मच्छर रोधी क्रीम का इस्तेमाल करें
• मच्छरों से बचने के लिए शरीर पर फुल स्लीव के कपड़े का इस्तेमाल करें

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