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परिवार नियोजन को लेकर जिले में चलाया जा रहा संचार अभियान..

पूर्णिया, बिहार दूत न्यूज।

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मिशन परिवार विकास पखवाड़े के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। गुरुवार को जिले के जलालगढ़ स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सामान्य लोगों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक का आयोजन स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों की अध्यक्षता में किया गया। बैठक में लोगों को परिवार नियोजन के विभिन्न स्थायी व अस्थायी विकल्पों की जानकारी देते हुए सम्बंधित साधनों के उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। बैठक में प्रखंड प्रमुख सदानंद झा, उपप्रमुख निखिल कुमार यादव, समिति अनिल ठाकुर, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ तनवीर हैदर, बीएचएम उस्मान गनी, लेखपाल नितेश कुमार, एमएनई राजकुमार विश्वास सहित सभी स्वास्थ्य कर्मी, आशा कर्मी व स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

स्थानीय स्वास्थ्य कर्मियों के सहयोग से लोग परिवार नियोजन सुविधाओं का लें लाभ

प्रखंड प्रमुख सदानंद झा ने कहा कि परिवार नियोजन की जानकारी के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी क्षेत्र में स्वास्थ्य कर्मी नियुक्त किया गया है जिसमें आशा, आंगनबाड़ी सेविका, एएनएम आदि शामिल हैं। लोग इनके सहयोग से परिवार नियोजन के विभिन्न साधनों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। परिवार नियोजन को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में आशा कार्यकर्ताओं के द्वारा योग्य दंपतियों से संपर्क स्थापित कर उन्हें परिवार नियोजन के उपायों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जाता है। लोगों को इसका लाभ उठाते हुए परिवार नियोजन के विभिन्न साधनों का उपयोग करना चाहिए और अपना परिवार स्वस्थ व खुशहाल रखना चाहिए।

परिवार नियोजन के स्थायी साधनों में पुरूष नसबंदी आसान

बैठक में लोगों को परिवार नियोजन के स्थायी व अस्थायी तरीकों की भी जानकारी दी गई। जलालगढ़ प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ तनवीर हैदर ने कहा कि परिवार नियोजन के स्थायी तरीकों में महिला बंध्याकरण के साथ ही पुरूष नसबंदी भी किया जाता है। पुरूष नसबंदी महिला बंध्याकरण की तुलना में आसान और सुलभ है। इसके बाद भी पुरुषों के पुरुषार्थ में कोई समस्या नहीं होती है। इसलिए ज्यादा से ज्यादा पुरुषों को इसका लाभ उठाना चाहिए।

लोग अस्थायी तकनीकों का भी उठाएं लाभ

जलालगढ़ बीएचएम उस्मान गनी ने बताया कि लोग परिवार नियोजन के अस्थाई तरीके का भी उपयोग कर सकते हैं। इसमें अंतरा, छाया, कॉपर-टी व कंडोम आदि का उपयोग किया जा सकता है। इसके उपयोग से लोग बच्चों के बीच उम्र का अंतर रख सकते हैं। इससे बच्चों की समुचित देखभाल के साथ ही महिलाओं का स्वास्थ्य भी तंदुरुस्त रखा जा सकता है।

परिवार नियोजन को लेकर जिले में चलाया जा रहा संचार अभियान

जिलेवासियों को परिवार नियोजन के प्रति जागरूक करने के लिए सभी प्रखंडों में ऑटो व ई-रिक्शा के माध्यम से प्रचार- प्रसार किया जा रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कसबा में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ ए के सिंह द्वारा हरी झंडी दिखाकर प्रचार रथ को रवाना किया गया। कसबा बीसीएम उमेश पंडित ने बताया कि ग्रामीणों को परिवार नियोजन के संबंध में तरह-तरह के माध्यमों से होने वाले लाभ को प्रचार रथ के द्वारा बताया जा रहा है। ऑडियो माध्यम से लोगों को यह भी समझाया जा रहा है कि परिवार नियोजन से ना सिर्फ स्वास्थ्य के क्षेत्र में लोगों को फायदा होता है, बल्कि आर्थिक तौर पर परिवार में खुशहाली भी रहती है। इसके लिए सभी स्वास्थ्य केंद्रों में सप्ताह में दो दिन आरोग्य दिवस भी मनाया जाता है। उस दिन स्वास्थ्य केंद्रों पर एएनएम व आशा कार्यकर्ताओं के द्वारा भी ग्रामीण महिलाओं को परिवार नियोजन के संबंध में जानकारी देने के साथ ही इच्छुक दंपत्तियों को परिवार नियोजन सुविधाओं का लाभ प्रदान किया जाता है।

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