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जिले को कुपोषण मुक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल: सिविल सर्जन

कटिहार: घर में उपलब्ध भोज्य-पदार्थों से तैयार भोजन करें और स्वस्थ-सुपोषित रहें। एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम में विशेषज्ञों की बातचीत में यह तथ्य उभरी। जिले में बच्चों के कुपोषण से बचाव एवं प्रबंधन से संबंधित संवर्धन के लिए इसका आयोजन किया गया। यह आयोजन सदर अस्पताल परिसर स्थित प्रशिक्षण केंद्र सह सभागार में हुआ। इस कार्यक्रम में खानपान के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गयी तथा इसे सामुदायिक स्तर तक पहुंचाने पर सहमति बनी। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन सिविल सर्जन डॉ डीएन झा, डीपीएम डॉ किशलय कुमार, डीएमएनई अखिलेश कुमार सिंह, राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय पूसा समस्तीपुर की ओर से पल्लवी कुमारी एवं अमित कुमार के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।

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इस अवसर पर अस्पताल प्रबंधक भवेश कुमार, पोषण पुनर्वास केंद्र के नोडल अधिकारी मज़हर आलम एवं पोषण विशेषज्ञ रानी कुमारी, पिरामल स्वास्थ्य से मनीष कुमार, राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय के डीसी केशव कुणाल सहित मनसाही, हसनगंज, दण्डखोड़ा, प्राणपुर, मनिहारी, अमदाबाद, कदवा एवं सदर प्रखंड से एएनएम एवं बीसीएम के अलावा 48 प्रतिनिधि विशेषज्ञों ने भाग लिया।

जिले को कुपोषण मुक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल: सिविल सर्जन

सिविल सर्जन डॉ डीएन झा ने बताया कि जिन कुपोषित बच्चों में चिकित्सीय जटिलता है, उसे घरेलू स्तर पर तैयार खाद्य समूहों से सुपोषित किया जा सकता है। इसके लिए विभिन्न केंद्रों पर पौष्टिक आहार बनाने की आवश्यकता है। संवर्धन कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समुदाय में कुपोषित बच्चों की पहचान करना, रोकथाम, प्रबंधन तथा बच्चों के भोजन को बेहतर करना है। सामुदायिक देखभाल तथा कुपोषण के प्रबंधन को सशक्त करना है। बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण से संबंधित सूचकांकों में अपेक्षित सुधार करना है। सामान्य तौर पर लोगों में कुपोषण के कारणों, पहचान तथा उसके दुष्परिणामों के संबंध में जानकारी कम होती है।

 

कुपोषण के खिलाफ किया जा रहा जागरूक: डीपीएम
डीपीएम डॉ किशलय कुमार ने बताया कि संवर्धन कार्यक्रम के माध्यम से जिले के सभी आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिकाओं, आशा कार्यकर्ताओं को पोषण से संबंधित विषय पर आधारित प्रचार सामग्रियां भी उपलब्ध कराई जाएगी। ताकि डोर टू डोर भ्रमण या किसी विशेष दिवस के दिन गृह भ्रमण के दौरान इन सामग्रियों के सहयोग से कुपोषण के संबंध में ग्रामीणों को जागरूक किया जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि आगामी 5 सितंबर को कोढ़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बरारी, फ़लका, समेली, कुर्सेला एवं कोढ़ा स्वास्थ्य केंद्र के लागभग 30 प्रतिभागी एवं 6 सितंबर को बारसोई स्थित एएनएम स्कूल परिसर में बारसोई, बलरामपुर एवं आजमनगर के लग्नहव 18 प्रतिभागियों को शामिल किया जाएगा।

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