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समस्तीपुर : हसनपुर पंचायत समिति की बैठक दूसरी बार भी हंगामे की भेंट चढ़ी,समिति ने प्रमुख पर लगाएं अज्ञानता का आरोप

संजय भारती , समस्तीपुर।

समस्तीपुर जिला के हसनपुर प्रखंड में पंचायत समिति की दुसरी बैठक भी हो हंगामे की भेंट चढ़ गई । बताते चलें कि नव निर्वाचित मुखिया एवं पंचायत समिति सदस्यों का प्रमुख के खिलाफ लगातार विरोध करना जारी है ।

मंगलवार को दूसरी बार भी नवनिर्वाचित पंचायत समिति की दूसरी बैठक नहीं हो पाई । इस बैठक में मुखिया एवं पंचायत समिति सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया । इस बार बैठक में प्रखंड प्रमुख के शब्दों पर गुस्सा का कारण बन गया । दुसरी बार फिर से पंचायत समिति सदस्य और मुखिया प्रतिनिधियों ने बैठक बहिष्कार कर दिया । इस संबंध में सकरपुरा पंचायत के मुखिया रामसखा राय ने बताया हैं कि बीडीओ के द्वारा बताया गया कि सभा शुरू होने से पहले सभी मुखिया अपने अपने क्षेत्रों से संबंधित प्रस्ताव को रखें , उसी वक्त प्रखंड प्रमुख विश्वनाथ ताती ने कहा कि मुखिया पंचायत समिति के बैठक में मेंबर नहीं है हम समिति से पहले पूछेंगे तभी मुखिया के द्वारा प्रखंड प्रमुख से पूछा गया कि हम लोग मेंबर नहीं है तो बैठने से अच्छा है कि हम लोग यहां से चले जाते हैं । तभी प्रखंड प्रमुख विश्वनाथ तांती के द्वारा बताया गया कि हां आप लोग जा सकते हैं , तभी पंचायत समिति सदस्य दीपक कुमार चौधरी के द्वारा बताया गया कि माननीय प्रखंड प्रमुख विश्वनाथ तांती को बताया कि इस बैठक में सम्मानित मुखिया अगर बोलना चाहता है तो बोलने का इजाजत दिया जाए , या आप सीरियल वाइज सीरियल करके समिति को बोलने का इजाजत दें , बैठक शुरु होते ही हो हंगामा होने लगा । काफी गहमा गहमी के बाद पंचायत समिति सदस्य एवं मुखिया ने बैठक का बहिष्कार कर दिया । वे बैठक का विरोध करते हुए सदन से बाहर निकल गए । वही प्रखंड प्रमुख विश्वनाथ तांती ने प्रखण्ड विकास पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी पर आरोप लगाते हुए बताया कि योजना पंजी जबरन हमारे हाथों से छीन लिया गया , हम उस समय सदस्य की संख्या और नाम देख रहे थे कि बैठक में कितने लोग उपस्थित हैं , इसी बीच हमारे हाथों से योजना पंजी रजिस्टर छीना गया । उस समय बैठक में 17 पंचायत समिति सदस्य मौजूद थे । प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रखंड प्रमुख ने कानून के किताब का हवाला देते हुए प्रखंड प्रशासन पर आरोप लगाया कि हम गरीब का बेटा है इसलिए हमारे साथ दुर्व्यवहार किया जाता है । वही इस संबंध में प्रखण्ड विकास पदाधिकारी जयकिशन ने बताया हैं कि बैठक का कार्य प्रारंभ होते ही पंचायत समिति बैठक में सदस्य कौन है या नहीं है इस पर चर्चा होने लगा तभी बैठक से मुखिया और 10 से 12 पंचायत समिति सदस्य की जनप्रतिनिधि बाहर निकल गए इसीलिए बैठक स्थगित कर दी गई । इस बैठक के स्थगित होने के बाद अलग अलग गूटो में गुटबाजी शुरु हो गई । वहीं इस संबंध में जिला पंचायती राज पदाधिकरी अनुग्रह नारायण सिंह ने बताया हैं कि पंचायत समिति के बैठक में मुखियागण पदेन सदस्य होते हैं और इस बैठक में उनकी उपस्थिति भी अहम होती हैं ।

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