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पाटलिपुत्र विवि कुलपति के सभी आयोजन का होगा बहिष्कार, यह है कारण…

बिहार दूत न्यूज, पटना

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बिहार सरकार से नवंबर 2021 में ही शैक्षणिक सत्र 2009-12, 2010-13, 2011-14 एवं 2012-15 की प्राप्त अनुदान राशि को दबा कर रखने के विरोध में और मगध विश्वविद्यालय के संबद्ध डिग्री महाविद्यालयों के शासी निकाय में शैक्षणिक सत्र 2022-2023 के लिए विश्वविद्यालय प्रतिनिधि का मनोनयन एवं शिक्षक प्रतिनिधि का चुनाव प्रक्रिया अविलंब पुरी करने, विश्वविद्यालय स्तर पर पद सृजन के लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा करने, संबद्ध महाविद्यालयों के शिक्षाकर्मियों को शोध प्रवेश परीक्षा से मुक्त रखने, संबद्ध डिग्री महाविद्यालयों के शिक्षकों को शोध प्रयवेक्षक नियुक्त करने, उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन पारिश्रमिक की समस्त बकाया राशि का भुगतान अतिशीघ्र करने , शैक्षणिक सत्र को नियमित करने, लंबित परीक्षाफल घोषित करने, उत्तीर्ण विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र जारी करने में भ्रष्टाचारी आचरण एवं अनुभवहीनता सत्यापित करने को लेकर मगध विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति के पाटलिपुत्र एवं मगध विश्वविद्यालय में सभी आयोजनों का संबद्ध डिग्री महाविद्यालय के शिक्षाकर्मी बहिष्कार कर विरोध करेंगे ।

बिहार राज्य संबद्ध डिग्री महाविद्यालय शिक्षक शिक्षकेत्तर कर्मचारी महासंघ (फैक्टनेब) के प्रधान संयोजक डा शंभुनाथ प्रसाद सिन्हा , राज्य संयोजक प्रो राजीव रंजन, राज्य मीडिया प्रभारी प्रो अरुण गौतम, मगध एवं पाटलिपुत्र संयुक्त विश्वविद्यालय के संयोजक डा कुमार राकेश कानन, मगध विश्वविद्यालय शाखा अध्यक्ष डा नवल किशोर प्रसाद सिंह, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय अध्यक्ष डा रामनरेश प्रसाद ने बताया कि शिक्षा, शिक्षक एवं शिक्षार्थी की बौद्धिक हत्या कर प्रभारी कुलपति ने मगध विश्वविद्यालय को मुर्दघट्टी में परिवर्तित कर दिया है । कुलपति प्रो आर. के. सिंह , प्रति कुलपति, कुलसचिव, एफ. ओ. , एफ. ए. सहित कोई पदाधिकारी विश्वविद्यालय कार्यालय में बैठना पसंद नहीं करते, बल्कि होटल में बैठकर सौदेबाजी के आधार पर होटल में ही संचिका निष्पादित करते हैं ।

महासंघ नेताओं ने आशंका जताई कि कुलपति और उनके शागिर्दों के कुकृत में राजभवन सचिवालय की संलिप्तता से भी इंकार नहीं किया जा सकता है । अनुदान भुगतान करने में वसुली की जा रही मोटी रकम का हिस्सेदार राजभवन सचिवालय के पदाधिकारी भी संलिप्त प्रतित होते हैं ।
शिक्षक शिक्षकेत्तर कर्मचारी नेताओं ने मगध विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति और विश्वविद्यालय प्रशासन को आगाह किया है कि भ्रष्टाचारी प्रवृत्ति और हठधर्मिता का परित्याग कर संबद्ध डिग्री महाविद्यालयों की समस्याओं का अतिशीघ्र निराकरण किया जाए अन्यथा शिक्षाकर्मी उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे जिसकी सारी जिम्मेदारी प्रभारी कुलपति एवं विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी ।

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